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Basti News: गर्भवती महिलाओं से संपर्क में लापरवाही, 14 नर्सों को नाेटिस
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बस्ती। गर्भवती महिलाओं से फोन पर संपर्क कर उन्हें सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए प्रेरित करने की व्यवस्था में लापरवाही सामने आई है। यूनिसेफ की मॉनिटरिंग में फीडबैक की स्थिति खराब मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने 14 स्टाफ नर्सों से जवाब तलब किया है। परशुरामपुर और हर्रैया सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (एमओआईसी) को भी नोटिस जारी किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल की पहल पर जिले के सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर जननी सुरक्षा कॉल सेंटर बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क कर उन्हें सरकारी अस्पतालों में प्रसव की सुविधाओं, जननी सुरक्षा योजना के लाभ और प्रसव के बाद मिलने वाली सहायता की जानकारी देना है। इसके साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य और उनकी समस्याओं के बारे में फीडबैक लेना भी शामिल है।
प्रत्येक सीएचसी पर एक स्टाफ नर्स को कॉल सेंटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें प्रतिदिन कम से कम 10 चिह्नित गर्भवती महिलाओं से फोन पर संपर्क करना अनिवार्य है। हालांकि, दर्ज किए जा रहे आंकड़े अपेक्षा से कम मिलने पर यूनिसेफ की ओर से मॉनिटरिंग कराई गई।
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इसमें फीडबैक की स्थिति खराब मिली। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित स्टाफ नर्सों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही परशुरामपुर और हर्रैया के एमओआईसी को नोटिस जारी कर व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी सार्थक अग्रवाल की पहल पर जिले के सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर जननी सुरक्षा कॉल सेंटर बनाए गए हैं। इनका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं से नियमित संपर्क कर उन्हें सरकारी अस्पतालों में प्रसव की सुविधाओं, जननी सुरक्षा योजना के लाभ और प्रसव के बाद मिलने वाली सहायता की जानकारी देना है। इसके साथ ही महिलाओं के स्वास्थ्य और उनकी समस्याओं के बारे में फीडबैक लेना भी शामिल है।
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प्रत्येक सीएचसी पर एक स्टाफ नर्स को कॉल सेंटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें प्रतिदिन कम से कम 10 चिह्नित गर्भवती महिलाओं से फोन पर संपर्क करना अनिवार्य है। हालांकि, दर्ज किए जा रहे आंकड़े अपेक्षा से कम मिलने पर यूनिसेफ की ओर से मॉनिटरिंग कराई गई।
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इसमें फीडबैक की स्थिति खराब मिली। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित स्टाफ नर्सों से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही परशुरामपुर और हर्रैया के एमओआईसी को नोटिस जारी कर व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए हैं।