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अतिक्रमण हटाने पहुंची पालिका की टीम विरोध के बाद लौटी

Wed, 24 Jun 2020 10:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2020 10:18 PM IST
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अतिक्रमण हटाने पहुंची पालिका की टीम विरोध के बाद लौटी
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सीतापुर आई हॉस्पिटल की भूमि के तीन दावेदार : ट्रस्ट, नगर पालिका और जिला पंचायत
अपर मुख्य अधिकारी ने डीएम को पत्र लिखकर भूमि जिला पंचायत की होने की बात कही
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सीतापुर आई हॉस्पिटल की भूमि के तीन दावेदार सामने आ रहे हैं। ट्रस्ट, नगर पालिका और जिला पंचायत। बुधवार को इन्हीं में से एक दावेदार नगर पालिका परिषद के अफसर मय फोर्स अस्पताल परिसर में रह रहे लोगों को बेदखल करने पहुंचे। यहां लोगों का विरोध और अनुरोध को देखते हुए टीम बिना कब्जा हटाए वापस लौट गई। इसी बीच अपर मुख्य अधिकारी ने डीएम को पत्र लिखकर भूमि जिला पंचायत की होने की बात कही।
सोमवार को मुनादी के बाद सीतापुर अस्पताल के भवनों से कब्जा हटाने के लिए बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे नगर पालिका की टीम एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ला व ईओ अखिलेश त्रिपाठी की अगुवाई में पहुंची। लोगों से अभी एसडीएम बात कर रहे थे, तभी भाजपा से जुड़े राकेश श्रीवास्तव भी वहां पहुंचे और कार्रवाई को अनुचित बताया। इस बीच एसडीएम से उनकी नोकझोंक हो गई।
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कोतवाली के इंस्पेक्टर रामपाल यादव ने समझाकर मामला शांत कराया। इसी बीच अस्पताल में पालिका की जेसीबी दौड़ने लगी तो वहां अफरा-तफरी मच गई। महिला थाने की इंस्पेक्टर शीला यादव की अगुवाई में महिला सिपाही भवनों में रह रही महिलाओं से खाली करने की बात कहने लगीं। कुछ भवनों को अतिक्रमण कहते हुए जेसीबी चलाई गई। जेसीबी सार्वजनिक शौचालय की ओर गई तो महिलों ने विरोध शुरू कर दिया। ईओ से सभी शौचालय न गिराने की बात कहने लगे तो बात बन गई। जेसीबी को वापस बुला लिया गया। हालांकि सभी से भवनों को जल्द खाली करने के निर्देश दिए। इससे दो घंटे तक अफरातफरी मची रही है।
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पालिका की है भूमि
ईओ नगर पालिका अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि पालिका के अभिलेखों में उक्त अस्पताल की भूमि दर्ज है। जिलाधिकारी के निर्देश पर भवनों को खाली कराया जा रहा है। भवन को खाली करने के लिए सभी को पहले ही सूचित किया गया था, इसके बावजूद भी लोग भवन खाली करने को तैयार नहीं थे।
जिला पंचायत ने डीएम को लिखा पत्र, जांच की मांग
अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत विकास मिश्रा ने डीएम को पत्र लिखकर सीतापुर आई हॉस्पिटल की भूमि को जिला पंचायत की भूमि बताया है। उनके अनुसार, अस्पताल के संचालन के लिए यह भूमि सीतापुर नेत्र चिकित्सालय ट्रस्ट को भूमि दी गई थी। वर्तमान में अस्पताल का संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में यह भूमि जिला पंचायत की है। अपर मुख्य अधिकारी के अनुसार, नगर पालिका परिषद द्वारा कूटरचित ढंग से सरकारी भूमि को अपना बताया जा रहा है। यह सही नहीं है। जांच समिति गठित कर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई की जाए।

ट्रस्ट ने नगर पालिका की कार्रवाई को अनुचित बताया
नगर पालिका की ओर से की जा रही कार्रवाई अनुचित है। यह कहना है सीतापुर आई हॉस्पिटल ट्रस्ट के विधिक सलाहकार डीके शर्मा का। उनके अनुसार, अस्पताल संचालन की जिम्मेदारी बस्ती डिस्ट्रिक्ट आई रिलीफ सोसाइटी की थी। इसके अध्यक्ष डीएम व सचिव सीडीओ हैं। कई बार पत्राचार कर अस्पताल संचालन की बात कही गई, लेकिन किसी ने हामी नहीं भरी। यदि अस्पताल नहीं चलाना था, तो लिखकर ट्रस्ट को दे देते। संचालन के लिए दूसरी सोसाइटी बनाई जाए। ट्रस्ट की ओर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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