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22 दिनों से कोरोना मृतक का रूट खोज रहे जिम्मेदार...
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22 दिनों से कोरोना मृतक का रूट खोज रहे जिम्मेदार
डीएम को शक, जमातियों से मृतक को मिला था कोरोना
बस्ती। जिले में कोरोना से पहली मौत 30 मार्च को हुई। इसके बाद जिम्मेदार जब पड़ताल में जुटे तो एक के बाद एक 20 केस सामने आए। इस घटना के 22 दिन बीत गए, मगर प्रशासन अब तक मृतक के रूट को नहीं खोज पाया है। इसके रूट का पता लगने के बाद यह खुलकर सामने आ जाएगा कि मृतक के अलावा अभी और कितने कैरियर उसके रूट से जुड़े हैं। प्रशासन को संदेह है कि मृतक का रूट जमाती है। क्योंकि वह धार्मिक प्रवृति का था और अक्सर उसका आना-जाना जमातों में होता था। मगर प्रशासन इसे अभी संदेह के तौर पर देख रहा है, वास्तविकता से दूर है।
जिले में कोरोना वायरस संक्रमण से पहली मौत बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में हुई। इसके बाद जिले का प्रशासन मृतक को कैरियर मान उसके जनाजे में शामिल व उससे जुड़े लोगों को क्वारंटीन कर उनकी जांच कराई। इसके बाद पहले चरण में परिवार सहित आठ लोग पॉजिटिव पाए गए। यह क्रम अब भी जारी है। अब तक शहर व इससे जुड़े इलाकों में मृतक सहित कुल 20 पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। यह अलग बात है कि चार की रिपोर्ट निगेटिव है और एक की मौत हो चुकी है, मगर अब भी 15 पॉजिटिव केस जिले में हैं। पॉजिटिव केस मिलने वाले स्थलों को हॉट स्पॉट घोषित कर सील कर दिया गया है। हालांकि तमाम प्रयास व तंत्र की सक्रियता के बावजूद प्रशासन के हाथ अब तक मृतक के रूट तक नहीं पहुंच पाए हैं। डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि मृतक का रूट खोजा जा रहा है। कहा कि संदेह है कि मृतक धार्मिक प्रवृति का था। वह जमात आदि में आता-जाता रहा है। ऐसे में संदेह है कि वहीं यह संक्रमित हुआ होगा, मगर अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। जल्दी ही रूट का पता चल जाएगा।
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डीएम को शक, जमातियों से मृतक को मिला था कोरोना
बस्ती। जिले में कोरोना से पहली मौत 30 मार्च को हुई। इसके बाद जिम्मेदार जब पड़ताल में जुटे तो एक के बाद एक 20 केस सामने आए। इस घटना के 22 दिन बीत गए, मगर प्रशासन अब तक मृतक के रूट को नहीं खोज पाया है। इसके रूट का पता लगने के बाद यह खुलकर सामने आ जाएगा कि मृतक के अलावा अभी और कितने कैरियर उसके रूट से जुड़े हैं। प्रशासन को संदेह है कि मृतक का रूट जमाती है। क्योंकि वह धार्मिक प्रवृति का था और अक्सर उसका आना-जाना जमातों में होता था। मगर प्रशासन इसे अभी संदेह के तौर पर देख रहा है, वास्तविकता से दूर है।
जिले में कोरोना वायरस संक्रमण से पहली मौत बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में हुई। इसके बाद जिले का प्रशासन मृतक को कैरियर मान उसके जनाजे में शामिल व उससे जुड़े लोगों को क्वारंटीन कर उनकी जांच कराई। इसके बाद पहले चरण में परिवार सहित आठ लोग पॉजिटिव पाए गए। यह क्रम अब भी जारी है। अब तक शहर व इससे जुड़े इलाकों में मृतक सहित कुल 20 पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। यह अलग बात है कि चार की रिपोर्ट निगेटिव है और एक की मौत हो चुकी है, मगर अब भी 15 पॉजिटिव केस जिले में हैं। पॉजिटिव केस मिलने वाले स्थलों को हॉट स्पॉट घोषित कर सील कर दिया गया है। हालांकि तमाम प्रयास व तंत्र की सक्रियता के बावजूद प्रशासन के हाथ अब तक मृतक के रूट तक नहीं पहुंच पाए हैं। डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि मृतक का रूट खोजा जा रहा है। कहा कि संदेह है कि मृतक धार्मिक प्रवृति का था। वह जमात आदि में आता-जाता रहा है। ऐसे में संदेह है कि वहीं यह संक्रमित हुआ होगा, मगर अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। जल्दी ही रूट का पता चल जाएगा।
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