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Basti News: पशुओं में बढ़ रहा लंपी रोग, सावधानी ही बचाव
Sat, 30 Aug 2025 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 30 Aug 2025 02:47 AM IST
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बहादुरपुर। मवेशियों में लंपी रोग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। क्षेत्र के मवेशियों खास कर गायों में रोग का प्रसार रोकने के लिए 270 डोज वैक्सीन लगा दी गई है। सावधानी बरत कर पशुओं को लंपी से बचाया जा सकता है।
पशु चिकित्सक डाॅ. राजेश वर्मा ने बताया कि मवेशियों को मच्छर व मक्खियों के काटने से लंपी रोग फैलता है। गायों को मच्छरों व मक्खियों से काटने से बचाने के लिए नीम के पत्तों को धुईंहर करना चाहिए। संभव हो तो मवेशी के शरीर पर नीम तेल भी लगाना चाहिए। भैंस की चमड़ी मोटी होने से मच्छरों व मक्खियों के काटने का असर कम होता है।
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लंपी रोग से प्रभावित मवेशी में दिखते है ये लक्षण
लंपी रोग से ग्रसित मवेशी के चमड़ी में गांठ दिखाई देती है। मवेशी चारा खाना कम या फिर छोड़ देते हैं। अधिक प्रभावित होने पर मवेशी खड़े रहते है। इस प्रकार के लक्षण दिखे तो चिकित्सक को दिखाना चाहिए। इस रोग का नियमित इलाज होने पर लगभग चार से पांच सप्ताह में मवेशी स्वस्थ हो जाता है।
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पशु चिकित्सक डाॅ. राजेश वर्मा ने बताया कि मवेशियों को मच्छर व मक्खियों के काटने से लंपी रोग फैलता है। गायों को मच्छरों व मक्खियों से काटने से बचाने के लिए नीम के पत्तों को धुईंहर करना चाहिए। संभव हो तो मवेशी के शरीर पर नीम तेल भी लगाना चाहिए। भैंस की चमड़ी मोटी होने से मच्छरों व मक्खियों के काटने का असर कम होता है।
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लंपी रोग से प्रभावित मवेशी में दिखते है ये लक्षण
लंपी रोग से ग्रसित मवेशी के चमड़ी में गांठ दिखाई देती है। मवेशी चारा खाना कम या फिर छोड़ देते हैं। अधिक प्रभावित होने पर मवेशी खड़े रहते है। इस प्रकार के लक्षण दिखे तो चिकित्सक को दिखाना चाहिए। इस रोग का नियमित इलाज होने पर लगभग चार से पांच सप्ताह में मवेशी स्वस्थ हो जाता है।
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