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2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण आज
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2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण आज
बस्ती। वर्ष-2019 का अंतिम व तीसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को पड़ रहा है। इससे पहले छह जनवरी और दो जुलाई को आंशिक सूर्य ग्रहण पड़ा था। दो घंटे चालीस मिनट का यह ग्रहण कई विशेष परिस्थितियों के साथ होगा। सबसे खास बात ये है कि छह ग्रह सूर्य, चंद्रमा, शनि, बुध, बृहस्पति और केतु एक साथ होंगे। इसके कारण ग्रहण की तीव्रता काफी अधिक होगी और इसका असर लंबे समय तक रहेगा। इससे पहले 1962 में ऐसी परिस्थितियां बनी थीं, जब सात ग्रह एक साथ थे। ज्योतिषियों व खगोलविदों का कहना है कि इस दुर्लभ संयोग के कारण ग्रहण का असर लंबे समय तक रहेगा।
करीब ढाई घंटे अवधि वाला यह ग्रहण सुबह 8:17 बजे शुरू होगा। 9:37 बजे ग्रहण का मध्यकाल होगा। 10: 57 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित ओम प्रकाश शास्त्री का कहना है कि सूतक 12 घंटे पहले ही 25 दिसंबर की 8:17 बजे लग जाएगा। वर्ष-2020 में दो बार सूर्य ग्रहण का मौका देखने को मिलेगा। इसमें से पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को होगा। जबकि दूसरा 14 दिसंबर को लगेगा।
राशियों पर असर
वृश्चिक, तुला और कुंभ राशिवालों के लिए यह सूर्य ग्रहण अच्छी खबर लेकर आ रहा है। इसके साथ ही कर्क, मीन राशिवालों के लिए भी यह सूर्य ग्रहण शुभफल प्रदाता है। इन राशि के लोगों के जीवन में लंबे समय से अटके हुए काम बनने लगेंगे। जबकि मेष, मिथुन, सिंह राशिवालों के लिए मिश्रित फल प्रदाता साबित होगा। मगर वृषभ, कन्या, धनु एवं मकर राशि वालों के लिए समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
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सूतक काल में क्या न करें
ग्रहण का सूतक काल लगते ही बुरी शक्तियां प्रबल हो जाती हैं इसलिए सूतक काल के समय किसी भी सुनसान जगह या शमशान आदि के पास से न गुजरें। गर्भवती महिलाएं चाकू एवं छुरी का इस्तेमाल न करें। साथ ही सलाई कढ़ाई का काम भी न करें। खाना व सोना वर्जित है। सूतक काल में तुलसी के पत्तों को न तोड़ें और भगवान की प्रतिमा स्पर्श भी न करें। न ही शारीरिक संबंध बनाएं।
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बस्ती। वर्ष-2019 का अंतिम व तीसरा सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को पड़ रहा है। इससे पहले छह जनवरी और दो जुलाई को आंशिक सूर्य ग्रहण पड़ा था। दो घंटे चालीस मिनट का यह ग्रहण कई विशेष परिस्थितियों के साथ होगा। सबसे खास बात ये है कि छह ग्रह सूर्य, चंद्रमा, शनि, बुध, बृहस्पति और केतु एक साथ होंगे। इसके कारण ग्रहण की तीव्रता काफी अधिक होगी और इसका असर लंबे समय तक रहेगा। इससे पहले 1962 में ऐसी परिस्थितियां बनी थीं, जब सात ग्रह एक साथ थे। ज्योतिषियों व खगोलविदों का कहना है कि इस दुर्लभ संयोग के कारण ग्रहण का असर लंबे समय तक रहेगा।
करीब ढाई घंटे अवधि वाला यह ग्रहण सुबह 8:17 बजे शुरू होगा। 9:37 बजे ग्रहण का मध्यकाल होगा। 10: 57 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित ओम प्रकाश शास्त्री का कहना है कि सूतक 12 घंटे पहले ही 25 दिसंबर की 8:17 बजे लग जाएगा। वर्ष-2020 में दो बार सूर्य ग्रहण का मौका देखने को मिलेगा। इसमें से पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को होगा। जबकि दूसरा 14 दिसंबर को लगेगा।
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राशियों पर असर
वृश्चिक, तुला और कुंभ राशिवालों के लिए यह सूर्य ग्रहण अच्छी खबर लेकर आ रहा है। इसके साथ ही कर्क, मीन राशिवालों के लिए भी यह सूर्य ग्रहण शुभफल प्रदाता है। इन राशि के लोगों के जीवन में लंबे समय से अटके हुए काम बनने लगेंगे। जबकि मेष, मिथुन, सिंह राशिवालों के लिए मिश्रित फल प्रदाता साबित होगा। मगर वृषभ, कन्या, धनु एवं मकर राशि वालों के लिए समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।
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सूतक काल में क्या न करें
ग्रहण का सूतक काल लगते ही बुरी शक्तियां प्रबल हो जाती हैं इसलिए सूतक काल के समय किसी भी सुनसान जगह या शमशान आदि के पास से न गुजरें। गर्भवती महिलाएं चाकू एवं छुरी का इस्तेमाल न करें। साथ ही सलाई कढ़ाई का काम भी न करें। खाना व सोना वर्जित है। सूतक काल में तुलसी के पत्तों को न तोड़ें और भगवान की प्रतिमा स्पर्श भी न करें। न ही शारीरिक संबंध बनाएं।