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बनकटी में जच्चा बच्चा केंद्र पर 42 माह से नहीं हुई महिला चिकित्सक की तैनाती
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बनकटी पीएचसी : चार साल से महिला चिकित्सक से महरूम
बस्ती/बनकटी। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं डॉक्टर नहीं हैं तो कहीं जांच की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। बनकटी के पीएचसी परिसर में स्थित जच्चा-बच्चा केंद्र पर 42 महीने से अधिक समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से यहां की गर्भवती व प्रसूताओं को समुचित इलाज के लिए महरूम होना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक 35 हजार से अधिक की आबादी बनकटी पीएचसी पर निर्भर करती है। लेकिन, यहां पर महिला चिकित्सक के न होने से स्वास्थ्य सेवा पिछले चार साल से लचर बनी है।
ऐसी स्थिति में गर्भवती व प्रसूताओं को समुचित इलाज के लिए मजबूरन जिला अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है। शासन की ओर से तमाम जागरुकता कार्यक्रम चलाकर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को नियमित जांच और चिकित्सक से परामर्श की सलाह जागरुकता कार्यक्रमों में दी जाती है।
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पीएचसी परिसर में स्थापित जच्चा-बच्चा केंद्र 42 माह से अधिक समय से महिला चिकित्सक का इंजतार कर रहा है। अस्पताल में इलाज के लिए आईं राधिका, गीता, सरिता, श्रद्धा, माया, चंदा आदि ने बताया कि चिकित्सक न होने से समुचित परामर्श नहीं मिल पाता है। अस्पताल कर्मी जिला महिला चिकित्सालय जाने की सलाह देते हैं। जो करीब बीस किलोमीटर दूर है। इतनी दूर आने-जाने में शारीरिक रूप से बहुत कष्ट उठाना पड़ता है और खर्च भी अधिक आता है।
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जच्चा-बच्चा केंद्र से जिला अस्पताल के लिए रेफर होती हैं गंभीर महिलाएं
पीएचसी परिसर में स्थापित जच्चा-बच्चा केंद्र नर्स व एएनएम के सहारे चल रहा है। केंद्र पर तैनात स्टाफ नर्स नीलम कन्नौजिया, संविदा नर्स रेनू मौर्या व एएनएम अंजनी चौधरी आने वाली गर्भवतियों व प्रसूताओं का इलाज करती हैं। नीलम बताती हैं कि हल्की-फुल्की समस्या होने पर कुछ दवाएं दे दी जाती हैं। गंभीर महिलाओं को जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। केंद्र पर तैनात रहीं एलएचबी गायत्री पांडेय हाल ही में सेवानिवृत्त हो गई हैं। अभी तक उनके स्थान पर किसी को तैनाती नहीं मिली है।
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जल्द होगी महिला चिकित्सक की तैनाती : डॉ. धर्मेंद्र चौधरी
सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेंद्र चौधरी ने बताया गया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि महिला चिकित्सकों की कमी के चलते तैनाती नहीं हो पा रही है। तैनाती के लिए प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही सीएचसी पर महिला चिकित्सक की तैनाती कर दी जा रही है।
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बस्ती/बनकटी। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। कहीं डॉक्टर नहीं हैं तो कहीं जांच की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। बनकटी के पीएचसी परिसर में स्थित जच्चा-बच्चा केंद्र पर 42 महीने से अधिक समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से यहां की गर्भवती व प्रसूताओं को समुचित इलाज के लिए महरूम होना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक 35 हजार से अधिक की आबादी बनकटी पीएचसी पर निर्भर करती है। लेकिन, यहां पर महिला चिकित्सक के न होने से स्वास्थ्य सेवा पिछले चार साल से लचर बनी है।
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ऐसी स्थिति में गर्भवती व प्रसूताओं को समुचित इलाज के लिए मजबूरन जिला अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है। शासन की ओर से तमाम जागरुकता कार्यक्रम चलाकर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को नियमित जांच और चिकित्सक से परामर्श की सलाह जागरुकता कार्यक्रमों में दी जाती है।
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पीएचसी परिसर में स्थापित जच्चा-बच्चा केंद्र 42 माह से अधिक समय से महिला चिकित्सक का इंजतार कर रहा है। अस्पताल में इलाज के लिए आईं राधिका, गीता, सरिता, श्रद्धा, माया, चंदा आदि ने बताया कि चिकित्सक न होने से समुचित परामर्श नहीं मिल पाता है। अस्पताल कर्मी जिला महिला चिकित्सालय जाने की सलाह देते हैं। जो करीब बीस किलोमीटर दूर है। इतनी दूर आने-जाने में शारीरिक रूप से बहुत कष्ट उठाना पड़ता है और खर्च भी अधिक आता है।
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जच्चा-बच्चा केंद्र से जिला अस्पताल के लिए रेफर होती हैं गंभीर महिलाएं
पीएचसी परिसर में स्थापित जच्चा-बच्चा केंद्र नर्स व एएनएम के सहारे चल रहा है। केंद्र पर तैनात स्टाफ नर्स नीलम कन्नौजिया, संविदा नर्स रेनू मौर्या व एएनएम अंजनी चौधरी आने वाली गर्भवतियों व प्रसूताओं का इलाज करती हैं। नीलम बताती हैं कि हल्की-फुल्की समस्या होने पर कुछ दवाएं दे दी जाती हैं। गंभीर महिलाओं को जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। केंद्र पर तैनात रहीं एलएचबी गायत्री पांडेय हाल ही में सेवानिवृत्त हो गई हैं। अभी तक उनके स्थान पर किसी को तैनाती नहीं मिली है।
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जल्द होगी महिला चिकित्सक की तैनाती : डॉ. धर्मेंद्र चौधरी
सीएचसी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेंद्र चौधरी ने बताया गया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने की जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। सीएमओ डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि महिला चिकित्सकों की कमी के चलते तैनाती नहीं हो पा रही है। तैनाती के लिए प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही सीएचसी पर महिला चिकित्सक की तैनाती कर दी जा रही है।