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कप्तानगंज से कृष्ण किंकर वरुधौली से सईद अहमद प्रत्याशी
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Thu, 02 Feb 2017 11:51 PM IST
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Krishna Kinkar Kaptanganj Vruduli candidate Saeed Ahmed
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सपा से गठबंधन के बाद कांग्रेस पार्टी के खाते में रुधौली और कप्तानगंज विस क्षेत्र आया है। बृहस्पतिवार को घोषित प्रत्याशियों में रुधौली से सईद अहमद पर दांव लगाया है। सईद बभनान नगर पंचायत के अध्यक्ष भी हैं। इनका राजनीति सफर वर्ष 1983 से कांग्रेस से शुरू हुआ था। वर्ष 2001 से 2005 तक जिला पंचायत के उपाध्यक्ष पद पर भी रहे हें।
सबसे ज्यादा फेरबदल वाली सीट रुधौली रही। सपा ने अब तक यहां तीन प्रत्याशी बदले। शुरुआती दौर में पूर्व विधायक अनूप पांडेय को प्रत्याशी घोषित किया गया था। परिवार में उठापटक के बाद शिवपाल सिंह यादव ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजकिशोर सिंह के भाई ब्रजकिशोर सिंह डिंपल को प्रत्याशी बनाया। सपा की कमान अखिलेश के पास आई तो करीब एक माह पहले पूर्व विधायक रहे रामललित चौधरी को प्रत्याशी घोषित किया था। अब यह सीट गठबंधन के चलते कांग्रेस के खाते में जुड़ गई है।
\ कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र भी अदला बदली का शिकार हुआ। हालांकि सपा के दोनों धड़ों ने अपना प्रत्याशी राना कृष्ण किंकर सिंह को ही बनाया था। कृष्ण किंकर सिंह पूर्व में दो बार निर्दल विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। पहले कांग्रेसी रहे कृष्ण किंकर सिंह हाथ छोड़कर सपा का साथ पकड़ लिए थे। कप्तानगंज से ही सपा का टिकट पाने में कामयाब भी हुए। अब कांग्रेस के खाते में यह सीट गई तब कांग्रेस ने प्रत्याशी बना लिया है।
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सबसे ज्यादा फेरबदल वाली सीट रुधौली रही। सपा ने अब तक यहां तीन प्रत्याशी बदले। शुरुआती दौर में पूर्व विधायक अनूप पांडेय को प्रत्याशी घोषित किया गया था। परिवार में उठापटक के बाद शिवपाल सिंह यादव ने पूर्व कैबिनेट मंत्री राजकिशोर सिंह के भाई ब्रजकिशोर सिंह डिंपल को प्रत्याशी बनाया। सपा की कमान अखिलेश के पास आई तो करीब एक माह पहले पूर्व विधायक रहे रामललित चौधरी को प्रत्याशी घोषित किया था। अब यह सीट गठबंधन के चलते कांग्रेस के खाते में जुड़ गई है।
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\ कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र भी अदला बदली का शिकार हुआ। हालांकि सपा के दोनों धड़ों ने अपना प्रत्याशी राना कृष्ण किंकर सिंह को ही बनाया था। कृष्ण किंकर सिंह पूर्व में दो बार निर्दल विधायक व जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। पहले कांग्रेसी रहे कृष्ण किंकर सिंह हाथ छोड़कर सपा का साथ पकड़ लिए थे। कप्तानगंज से ही सपा का टिकट पाने में कामयाब भी हुए। अब कांग्रेस के खाते में यह सीट गई तब कांग्रेस ने प्रत्याशी बना लिया है।
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