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55 पार और बीमार पुलिसकर्मी कोरोना ड्यूटी से रहेंगे मुक्त
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बस्ती मंडल में सौ से ज्यादा इंस्पेक्टर, दरोगा और आरक्षी 55 वर्ष से अधिक उम्र के
वीरेंद्र पांडेय
बस्ती। प्रदेश के कुछ जिलों में पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित मिलने के कारण पूर्व में जारी सुझावों का सख्ती से अमल शुरू हो गया है। इसके अनुसार, 55 वर्ष से अधिक उम्र और बीमार पुलिस कर्मियों को कोरोना ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। खास तौर पर वे पुलिसकर्मी जो सांस की बीमारी, फेफड़ों और हृदय रोगों तथा मधुमेह से पीड़ित हैं। वर्तमान में बस्ती मंडल के तीनों जिलों में सौ से ज्यादा इंस्पेक्टर, दरोगा और आरक्षी 55 वर्ष से अधिक उम्र के हैं।
आईजी आशुतोष कुमार ने कहा कि पुलिस महानिदेशक स्तर से जिले स्तर के अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे आदेशों का कड़ाई से पालन करें। ताकि साथी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने से बचाया जा सके। दरअसल, मना जा रहा है कि कोरोना वायरस का खतरा सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों पर हो रहा है। ऐसे में 55 वर्ष से अधिक उम्र वाले पुलिस कर्मियों की फील्ड में तैनाती खतरनाक साबित हो सकती है। लिहाजा, इन पुलिस कर्मियों को फ्रंट ड्यूटी में न लगाया जाए।
इससे पहले भी सभी जिला प्रभारियों को एडवाइजरी जारी की गई थी। इसमें लॉकडाउन के दौरान 55 वर्ष से अधिक उम्र के कार्मिकों को केवल ऐसे स्थानों पर ड्यूटी देने को कहा गया था जहां वे कम आम जनमानस के संपर्क में आएं।
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आधे उम्र दराज पहले से पृथक
आईजी के अनुसार उम्रदराज हो चुके पुलिस कर्मियों में से 50 फीसदी की ही फील्ड में ड्यूटी लगाई जाती है। बाकी को विभिन्न पेशी/कार्यालयों में तैनात किया जाता है। कानून-व्यवस्था, आपदा आदि में पहले से ही 2011 और 2015 और 2016 बैच वाले आरक्षियों को तैनात किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण काल में भी इन्हीं के कंधे पर महकमे का भार है।
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वीरेंद्र पांडेय
बस्ती। प्रदेश के कुछ जिलों में पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित मिलने के कारण पूर्व में जारी सुझावों का सख्ती से अमल शुरू हो गया है। इसके अनुसार, 55 वर्ष से अधिक उम्र और बीमार पुलिस कर्मियों को कोरोना ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। खास तौर पर वे पुलिसकर्मी जो सांस की बीमारी, फेफड़ों और हृदय रोगों तथा मधुमेह से पीड़ित हैं। वर्तमान में बस्ती मंडल के तीनों जिलों में सौ से ज्यादा इंस्पेक्टर, दरोगा और आरक्षी 55 वर्ष से अधिक उम्र के हैं।
आईजी आशुतोष कुमार ने कहा कि पुलिस महानिदेशक स्तर से जिले स्तर के अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे आदेशों का कड़ाई से पालन करें। ताकि साथी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने से बचाया जा सके। दरअसल, मना जा रहा है कि कोरोना वायरस का खतरा सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों पर हो रहा है। ऐसे में 55 वर्ष से अधिक उम्र वाले पुलिस कर्मियों की फील्ड में तैनाती खतरनाक साबित हो सकती है। लिहाजा, इन पुलिस कर्मियों को फ्रंट ड्यूटी में न लगाया जाए।
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इससे पहले भी सभी जिला प्रभारियों को एडवाइजरी जारी की गई थी। इसमें लॉकडाउन के दौरान 55 वर्ष से अधिक उम्र के कार्मिकों को केवल ऐसे स्थानों पर ड्यूटी देने को कहा गया था जहां वे कम आम जनमानस के संपर्क में आएं।
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आधे उम्र दराज पहले से पृथक
आईजी के अनुसार उम्रदराज हो चुके पुलिस कर्मियों में से 50 फीसदी की ही फील्ड में ड्यूटी लगाई जाती है। बाकी को विभिन्न पेशी/कार्यालयों में तैनात किया जाता है। कानून-व्यवस्था, आपदा आदि में पहले से ही 2011 और 2015 और 2016 बैच वाले आरक्षियों को तैनात किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण काल में भी इन्हीं के कंधे पर महकमे का भार है।