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विभागीय लापरवाही: 1090 स्कूलों में नही शुरू हुआ ऑपरेशन कायाकल्प
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विभागीय लापरवाही: 1090 स्कूलों में नहीं शुरू हुआ ऑपरेशन कायाकल्प
-70 स्कूलों के बीईओ नहीं ले रहे रुचि
- 275 स्कूलों के ग्राम पंचायतों में बजट खत्म
बस्ती। परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की है। सरकार की इस योजना में जिले के 1852 परिषदीय स्कूल चयनित हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण अभी केवल 762 स्कूलों में निर्माण कार्य हो रहे हैं। जबकि 1090 स्कूलों में काम शुरू नहीं हुए। 70 स्कूलों के बीईओ इस योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके अलावा 275 स्कूलों के ग्राम पंचायतों में बजट न होने के कारण काम पूरा होना मुश्किल लग रहा। जिसको लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सीडीओ को निर्देशित किया है कि ऑपरेशन कायाकल्प को पूरा कराने के लिए विभागों से समन्वय स्थापित करके उचित कार्रवाई करें, जिससे यह योजना पूरा कराया जा सके।
उक्त योजना के माध्यम से सरकार विद्यालयों की सूरत बदलना चाह रही है। योजना का उद्देश्य परिषदीय विद्यालय की शिक्षा की गुणवत्ता के साथ इन स्कूलों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ाना है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों को रंगरोगन से लेकर मूलभूत सुविधाओं को चकाचक किया जाना है। इसके अलावा स्कूल में पौधरोपण किया जाएगा, जिससे परिसर में हरा भरा माहौल बनाया जा सके। योजना में परिषदीय विद्यालयों में ब्लैक-बोर्ड, बदहाल बिल्डिग की मरम्मत, फर्नीचर, सुंदरीकरण और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, बाउंड्रीवाल, गेट, छात्र-छात्राओं के लिए उनकी संख्या के अनुरूप अलग-अलग शौचालय बनवाना, रनिग वॉटर की व्यवस्था, सबमर्सिबल पंप, इंटरलॉकिग टाइल्स, किचन एवं कक्षा, बाथरूम में टाइल्स, हैंडवॉश फैसिलिटी, इंटरनल विद्युत वायरिग, पौधारोपण जैसे कार्यों से इन स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। दीवारों पर महापुरुषों की तस्वीरें और पेंटिंग छात्रों को आकर्षित कर रही हैं।
बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि जिले के 1852 स्कूल का चयन किया गया है, लेकिन कोनोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन हो गया था। जिसके कारण सात माह से काम सुचार रूप से नहीं हो रहा था। अब अनलॉक हो गया, शासन के अनुरूप यह योजना पूरी हो जाएगी।
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-70 स्कूलों के बीईओ नहीं ले रहे रुचि
- 275 स्कूलों के ग्राम पंचायतों में बजट खत्म
बस्ती। परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की है। सरकार की इस योजना में जिले के 1852 परिषदीय स्कूल चयनित हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण अभी केवल 762 स्कूलों में निर्माण कार्य हो रहे हैं। जबकि 1090 स्कूलों में काम शुरू नहीं हुए। 70 स्कूलों के बीईओ इस योजना में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके अलावा 275 स्कूलों के ग्राम पंचायतों में बजट न होने के कारण काम पूरा होना मुश्किल लग रहा। जिसको लेकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सीडीओ को निर्देशित किया है कि ऑपरेशन कायाकल्प को पूरा कराने के लिए विभागों से समन्वय स्थापित करके उचित कार्रवाई करें, जिससे यह योजना पूरा कराया जा सके।
उक्त योजना के माध्यम से सरकार विद्यालयों की सूरत बदलना चाह रही है। योजना का उद्देश्य परिषदीय विद्यालय की शिक्षा की गुणवत्ता के साथ इन स्कूलों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ाना है। योजना को धरातल पर उतारने के लिए कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों को रंगरोगन से लेकर मूलभूत सुविधाओं को चकाचक किया जाना है। इसके अलावा स्कूल में पौधरोपण किया जाएगा, जिससे परिसर में हरा भरा माहौल बनाया जा सके। योजना में परिषदीय विद्यालयों में ब्लैक-बोर्ड, बदहाल बिल्डिग की मरम्मत, फर्नीचर, सुंदरीकरण और अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, बाउंड्रीवाल, गेट, छात्र-छात्राओं के लिए उनकी संख्या के अनुरूप अलग-अलग शौचालय बनवाना, रनिग वॉटर की व्यवस्था, सबमर्सिबल पंप, इंटरलॉकिग टाइल्स, किचन एवं कक्षा, बाथरूम में टाइल्स, हैंडवॉश फैसिलिटी, इंटरनल विद्युत वायरिग, पौधारोपण जैसे कार्यों से इन स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा रहा है। दीवारों पर महापुरुषों की तस्वीरें और पेंटिंग छात्रों को आकर्षित कर रही हैं।
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बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि जिले के 1852 स्कूल का चयन किया गया है, लेकिन कोनोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन हो गया था। जिसके कारण सात माह से काम सुचार रूप से नहीं हो रहा था। अब अनलॉक हो गया, शासन के अनुरूप यह योजना पूरी हो जाएगी।
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