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संतकबीरनगर जेल तैयार, बस्ती कारागार में जल्द कम होगी कैदियों की भीड़
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संतकबीरनगर जेल तैयार, बस्ती कारागार में जल्द कम होगी कैदियों की भीड़
480 बंदियों की क्षमता वाली बस्ती जेल में वर्तमान में हैं 1400 बंदी
वीरेंद्र पांडेय
बस्ती। संतकबीरनगर जेल का भवन कारागार प्रशासन को हैंडओवर हो चुका है। यहां अफसरों व कर्मियों की तैनाती के बाद बस्ती जेल में बंद संतकबीरनगर जिले से संबंधित बंदियों व कैदियों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। इससे बस्ती जेल में कैदियों की भीड़ कम हो जाएगी। 480 बंदियों की क्षमता वाले बस्ती जेल में वर्तमान में 1400 बंदी हैं। इसमें से एक तिहाई से अधिक संतकबीरनगर जिले संबंधित हैं।
वर्तमान में बस्ती जेल में संतकबीरनगर के लगभग 535 बंदी निरुद्ध हैं। जिसमें 428 विचाराधीन बंदी, 66 सजायाफ्ता पुरुष कैदी हैं। 28 विचाराधीन बंदी और सात सजायाफ्ता महिला कैदी तथा उनके पांच बच्चे भी जेल में हैं। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि संतकबीरनगर की जेल सक्रिय होने के बाद एक तिहाई से अधिक बंदियों की संख्या कम हो जाएगी। इससे यहां की जेल की व्यवस्था में काफी सुधार आ जाएगा।
खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के बनकटिया गांव में 42 एकड़ क्षेत्रफल में 123 करोड़ रुपये की लागत से बनी संतकबीरनगर जिला जेल की क्षमता 850 बंदियों की है। इसमें 120 क्षमता का एक, 90 की क्षमता के पांच, 80 की क्षमता का एक, 60 क्षमता वाले दो, 30 कैदियों की क्षमता वाले दो बैरक हैं। काफी खतरनाक माने जाने वाले बंदियों के लिए 10-10 क्षमता वाले दो बैरक बनाए गए हैं। बड़ी आपराधिक गतिविधियों वाले के बंदियों के लिए एक अलग बैरक बनाया गया है। न्यायिक अधिकारियों के टाइप वन-तीन आवास अन्य अधिकारियों के लिए टाइप टू-150 आवास, लिपिक वर्ग के लिए टाइप थ्री-14 आवास, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए टाइप फोर-तीन आवास के अलावा कम्युनिटी सेंटर-एक, वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए एक बड़ा हाल तैयार किया गया है। (संवाद)
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पेशी के झंझट से मिलेगी मुक्ति
संतकबीरनगर जेल क्रियाशील होने से सबसे ज्यादा पुलिस कर्मियों को आराम मिलेगा। उन्हें रोजाना अदालत में पेशी के लिए आने-जाने में 80 किलोमीटर के सफर से मुक्ति मिलेगी। पेशी के दौरान बस्ती से प्रतिदिन दो वाहनों से ले जाया जाता है। इसमें दिक्कतों के साथ ही धन भी लगता है। इसके अलावा जेल प्रशासन को दोनों जनपद की न्यायिक, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण-मुआयना की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। संतकबीरनगर के बंदियों की शिफ्टिंग के बाद सिर्फ बस्ती जनपद के अधिकारी ही विजिट करेंगे।
डिप्टी जेलर का बलिया तबादला
जिला कारागार में तैनात डिप्टी जेलर सुनील कुमार सिंह का जिला जेल बलिया तबादला हो गया है। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि उन्हें बलिया के लिए रिलीव कर दिया है। इनके स्थान पर अभी किसी उपकारापाल की शासन से यहां तैनाती नहीं हो सकी है।
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480 बंदियों की क्षमता वाली बस्ती जेल में वर्तमान में हैं 1400 बंदी
वीरेंद्र पांडेय
बस्ती। संतकबीरनगर जेल का भवन कारागार प्रशासन को हैंडओवर हो चुका है। यहां अफसरों व कर्मियों की तैनाती के बाद बस्ती जेल में बंद संतकबीरनगर जिले से संबंधित बंदियों व कैदियों को वहां शिफ्ट किया जाएगा। इससे बस्ती जेल में कैदियों की भीड़ कम हो जाएगी। 480 बंदियों की क्षमता वाले बस्ती जेल में वर्तमान में 1400 बंदी हैं। इसमें से एक तिहाई से अधिक संतकबीरनगर जिले संबंधित हैं।
वर्तमान में बस्ती जेल में संतकबीरनगर के लगभग 535 बंदी निरुद्ध हैं। जिसमें 428 विचाराधीन बंदी, 66 सजायाफ्ता पुरुष कैदी हैं। 28 विचाराधीन बंदी और सात सजायाफ्ता महिला कैदी तथा उनके पांच बच्चे भी जेल में हैं। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि संतकबीरनगर की जेल सक्रिय होने के बाद एक तिहाई से अधिक बंदियों की संख्या कम हो जाएगी। इससे यहां की जेल की व्यवस्था में काफी सुधार आ जाएगा।
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खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के बनकटिया गांव में 42 एकड़ क्षेत्रफल में 123 करोड़ रुपये की लागत से बनी संतकबीरनगर जिला जेल की क्षमता 850 बंदियों की है। इसमें 120 क्षमता का एक, 90 की क्षमता के पांच, 80 की क्षमता का एक, 60 क्षमता वाले दो, 30 कैदियों की क्षमता वाले दो बैरक हैं। काफी खतरनाक माने जाने वाले बंदियों के लिए 10-10 क्षमता वाले दो बैरक बनाए गए हैं। बड़ी आपराधिक गतिविधियों वाले के बंदियों के लिए एक अलग बैरक बनाया गया है। न्यायिक अधिकारियों के टाइप वन-तीन आवास अन्य अधिकारियों के लिए टाइप टू-150 आवास, लिपिक वर्ग के लिए टाइप थ्री-14 आवास, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के लिए टाइप फोर-तीन आवास के अलावा कम्युनिटी सेंटर-एक, वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए एक बड़ा हाल तैयार किया गया है। (संवाद)
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पेशी के झंझट से मिलेगी मुक्ति
संतकबीरनगर जेल क्रियाशील होने से सबसे ज्यादा पुलिस कर्मियों को आराम मिलेगा। उन्हें रोजाना अदालत में पेशी के लिए आने-जाने में 80 किलोमीटर के सफर से मुक्ति मिलेगी। पेशी के दौरान बस्ती से प्रतिदिन दो वाहनों से ले जाया जाता है। इसमें दिक्कतों के साथ ही धन भी लगता है। इसके अलावा जेल प्रशासन को दोनों जनपद की न्यायिक, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण-मुआयना की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। संतकबीरनगर के बंदियों की शिफ्टिंग के बाद सिर्फ बस्ती जनपद के अधिकारी ही विजिट करेंगे।
डिप्टी जेलर का बलिया तबादला
जिला कारागार में तैनात डिप्टी जेलर सुनील कुमार सिंह का जिला जेल बलिया तबादला हो गया है। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि उन्हें बलिया के लिए रिलीव कर दिया है। इनके स्थान पर अभी किसी उपकारापाल की शासन से यहां तैनाती नहीं हो सकी है।