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बर्फीली हवाओं से बढ़ी गलन, जनजीवन बेहाल
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बस्ती के शस्त्री चौक पर ठंड के कारण सूनी रही सड़क।
- फोटो : BASTI
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बर्फीली हवाओं से बढ़ी गलन, जनजीवन बेहाल
बस्ती। लगातार चल रही सर्द हवाओं ने जीना मुहाल कर दिया है। रिकार्ड तोड़ ठंड से जनमानस बेहाल है। बुधवार को न्यूनतम तापमान साढ़े छह और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। छह से आठ किमी प्रतिघंटे की गति से हवाएं चलती रहंी। आर्द्रता का स्तर 65 से 80 प्रतिशत रहा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के मौसम विभाग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 24 घंटे के दौरान कोहरा छाए रहने का अनुमान है। दिन में पछुआ हवा चलेगी। अधिकतम तापमान में एक डिग्री गिरावट हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार 25 दिसंबर को न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान कभी नहीं गिरा था, न अधिकतम तापमान ही 20 से कम हुआ था। मगर बुधवार को दोनों रिकार्ड टूट गए।
बुधवार की सुबह ठंड की कोहरे की चादर ओढ़कर आई। घर के बाहर हो या अंदर, हर कोई ठंड से कांपता नजर आया। सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकले लोग भी ठंड से परेशान दिखे। हालांकि क्रिसमस की छुट्टी की वजह से कचहरी व अन्य सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा रहा। मगर गांधीनगर, पुरानी बस्ती, मंगल बाजार आदि व्यवसायिक एरिया में खासी भीड़भाड़ देखी गई। कड़ाके की सर्दी में पैदल राहगीर व दुपहिया वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ गई। नेहरू तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थलों पर गरीब व बेसहारा लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए। राहत पाने को जगह-जगह लोग कूड़ा व लकड़ी जलाकर राहत पाने का प्रयास करते दिखे।
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आलू पर संकट के बादल
शीतलहरी के मौसम में आलू पर झुलसा रोग का संकट मंडराने लगा है। उपनिदेशक कृषि डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आलू के अच्छे उत्पादन के लिए झुलसा पर नियंत्रण जरूरी है। इस समय अगैती, पिछैती आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका है। इसलिए आलू उत्पादकों को सलाह है कि वह जिक, मैंगनीज, कार्बोंनेट 2.0 से 2.5 किग्रा को 800-1000 लीटर पानी या मैकोजैब 2.5 किग्रा 800 से 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
अधेड़ पर आफत
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी का कहना है इस मौसम में 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में हृदय रोग, दमा जैसी बीमारी होने पर अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम होने की संभावना बनी रहती है। सर्दी से बचाव के लिए गर्मपेय व खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। शाम होने पर गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें। लहसुन व अदरक का सेवन निर्धारित मात्रा में करना लाभदायक साबित होता है।
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बस्ती। लगातार चल रही सर्द हवाओं ने जीना मुहाल कर दिया है। रिकार्ड तोड़ ठंड से जनमानस बेहाल है। बुधवार को न्यूनतम तापमान साढ़े छह और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। छह से आठ किमी प्रतिघंटे की गति से हवाएं चलती रहंी। आर्द्रता का स्तर 65 से 80 प्रतिशत रहा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के मौसम विभाग से जारी पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 24 घंटे के दौरान कोहरा छाए रहने का अनुमान है। दिन में पछुआ हवा चलेगी। अधिकतम तापमान में एक डिग्री गिरावट हो सकती है। मौसम विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार 25 दिसंबर को न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस से नीचे तापमान कभी नहीं गिरा था, न अधिकतम तापमान ही 20 से कम हुआ था। मगर बुधवार को दोनों रिकार्ड टूट गए।
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बुधवार की सुबह ठंड की कोहरे की चादर ओढ़कर आई। घर के बाहर हो या अंदर, हर कोई ठंड से कांपता नजर आया। सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकले लोग भी ठंड से परेशान दिखे। हालांकि क्रिसमस की छुट्टी की वजह से कचहरी व अन्य सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा रहा। मगर गांधीनगर, पुरानी बस्ती, मंगल बाजार आदि व्यवसायिक एरिया में खासी भीड़भाड़ देखी गई। कड़ाके की सर्दी में पैदल राहगीर व दुपहिया वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ गई। नेहरू तिराहा, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थलों पर गरीब व बेसहारा लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए। राहत पाने को जगह-जगह लोग कूड़ा व लकड़ी जलाकर राहत पाने का प्रयास करते दिखे।
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आलू पर संकट के बादल
शीतलहरी के मौसम में आलू पर झुलसा रोग का संकट मंडराने लगा है। उपनिदेशक कृषि डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आलू के अच्छे उत्पादन के लिए झुलसा पर नियंत्रण जरूरी है। इस समय अगैती, पिछैती आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका है। इसलिए आलू उत्पादकों को सलाह है कि वह जिक, मैंगनीज, कार्बोंनेट 2.0 से 2.5 किग्रा को 800-1000 लीटर पानी या मैकोजैब 2.5 किग्रा 800 से 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
अधेड़ पर आफत
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी का कहना है इस मौसम में 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में हृदय रोग, दमा जैसी बीमारी होने पर अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम होने की संभावना बनी रहती है। सर्दी से बचाव के लिए गर्मपेय व खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। शाम होने पर गर्म कपड़े पहनकर ही घर से बाहर निकलें। लहसुन व अदरक का सेवन निर्धारित मात्रा में करना लाभदायक साबित होता है।