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चुनाव में शराब के प्रयोग पर आबकारी की लगाम
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चुनाव में शराब की बढ़ती खपत पर आबकारी विभाग ने लगाई लगाम
बस्ती। विधानसभा चुनाव में शराब की बढ़ती खपत पर आबकारी महकमे ने लगाम लगा दी है। इसके लिए शराब गोदाम से उठान को नियंत्रित कर दिया है। हर दुकान कोटे के तीस प्रतिशत ही उठान कर सकती है। उठान के बाद दुकान पहुंचने पर उसे रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, इसके बाद उसके इंडेंट की एक कॉपी आबकारी विभाग को देनी होगी। ऐसा न करने वाले लाइसेंसधारकों पर कार्रवाई होगी।
चुनाव में शराब की खपत बढ़ जाती है। हालांकि चुनाव में शराब के प्रयोग कर वोट हासिल करने पर प्रतिबंध है, बावजूद इसके मांग बढ़ने से विभाग इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराता था, मगर अब स्थिति बदल चुकी है। इस बार के चुनाव में शराब के प्रयोग पर रोक के लिए विभाग ने रणनीति बना दी है। इसके तहत अब दुकानों पर जरूरत के मुताबिक ही उठान की जा सकेगी। इसके लिए विभाग ने सीमा निर्धारित कर दी है। इसके अलावा हर दिन तीस दुकानों की जांच के लिए टीम बना दी गई है। जो लाइसेंसी दुकान पर संबंधित रजिस्टर और बिक्री का विवरण भी जानेगी।
जिला आबकारी अधिकारी नवीन सिंह ने बताया कि चुनाव में शराब के प्रयोग को रोकने के लिए तंत्र सक्रिय कर दिया है। जिले के 324 दुकानों पर विभाग नजर रखे हुए है। इसके लिए हर दिन तीस दुकानों की जांच के अलावा उठान को भी हर माह के कोटा के तीस प्रतिशत कर दिया गया है। यदि इससे ज्यादा उठान होती है तो उस पर नजर रखी जाएगी। यदि किसी भी दुकान पर निर्धारित मानक से अधिक शराब किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध कराई गई तो लाइसेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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बस्ती। विधानसभा चुनाव में शराब की बढ़ती खपत पर आबकारी महकमे ने लगाम लगा दी है। इसके लिए शराब गोदाम से उठान को नियंत्रित कर दिया है। हर दुकान कोटे के तीस प्रतिशत ही उठान कर सकती है। उठान के बाद दुकान पहुंचने पर उसे रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, इसके बाद उसके इंडेंट की एक कॉपी आबकारी विभाग को देनी होगी। ऐसा न करने वाले लाइसेंसधारकों पर कार्रवाई होगी।
चुनाव में शराब की खपत बढ़ जाती है। हालांकि चुनाव में शराब के प्रयोग कर वोट हासिल करने पर प्रतिबंध है, बावजूद इसके मांग बढ़ने से विभाग इसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराता था, मगर अब स्थिति बदल चुकी है। इस बार के चुनाव में शराब के प्रयोग पर रोक के लिए विभाग ने रणनीति बना दी है। इसके तहत अब दुकानों पर जरूरत के मुताबिक ही उठान की जा सकेगी। इसके लिए विभाग ने सीमा निर्धारित कर दी है। इसके अलावा हर दिन तीस दुकानों की जांच के लिए टीम बना दी गई है। जो लाइसेंसी दुकान पर संबंधित रजिस्टर और बिक्री का विवरण भी जानेगी।
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जिला आबकारी अधिकारी नवीन सिंह ने बताया कि चुनाव में शराब के प्रयोग को रोकने के लिए तंत्र सक्रिय कर दिया है। जिले के 324 दुकानों पर विभाग नजर रखे हुए है। इसके लिए हर दिन तीस दुकानों की जांच के अलावा उठान को भी हर माह के कोटा के तीस प्रतिशत कर दिया गया है। यदि इससे ज्यादा उठान होती है तो उस पर नजर रखी जाएगी। यदि किसी भी दुकान पर निर्धारित मानक से अधिक शराब किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध कराई गई तो लाइसेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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