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Basti News: बिजली बिल में जल्दी कराना है सुधार तो सुविधा शुल्क रखें तैयार
Tue, 05 Sep 2023 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 05 Sep 2023 12:56 AM IST
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बिजली विभाग के मुख्य अभियंता का कार्यालय
बस्ती। यदि आप बिजली उपभोक्ता हैं तो शुक्र मनाई कि आपके मासिक बिल में किसी प्रकार की गड़बड़ी न आए। वरना ठीक कराने में कई महीने गुजर जाएंगे। यदि जल्दी काम कराना चाहते हैं तो विभाग में तैनात संविदाकर्मियों को सुविधा शुल्क देना पड़ेगा। वरना प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर आप कई महीनों तक अभियंताओं के चक्कर लगाते रहेंगे।
उपभोक्ताओं को सही और सटीक रीडिंग का बिल उपलब्ध कराने के लिए जिले में प्रोब बिलिंग सुविधा लागू है। इसे ही उपभोक्ताओं के गले की फांस कहा जाए तो कम नहीं होगा। क्योंकि इसी के नाम पर विभागीयकर्मी उपभोक्ताओं का शोषण कर रहे हैं। प्रोब बिलिंग के नाम पर मीटर रीडर अभियंताओं से मिलकर उपभोक्ताओं को अधिक रीडिंग का बिल दे देते हैं। उपभोक्ता जब बिल लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि मीटर में रीडिंग स्टोर थी। इसलिए इस महीने में बिल अधिक आया है। अधिक बिल आने से परेशान उपभोक्ता इसे कम कराने के लिए इधर-उधर सिफारिश करते हैं। यहीं से उन्हें ठगने का काम शुरू होता है। वह किसी न किसी संविदाकर्मी के झांसे में आ जाते हैं। जो कुछ सुविधा शुल्क लेकर उनका काम करा देता है।
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चेक मीटर लगाने का है नियम
- यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसके द्वारा बिजली की खपत कम की जा रही है। जबकि बिल अधिक आ रहा है। ऐसी दशा में वह इसकी सूचना उपखंड अधिकारी को लिखित रूप में देता है। उपखंड अधिकारी प्रार्थना पत्र मीटर परीक्षण खंड को भेजकर चेक मीटर लगवाते हैं। चेक मीटर के सहारे ही महीनाभर तक उपभोक्ता बिजली का उपयोग करता है। इसके बाद चेक मीटर से रीडिंग लेकर उपभोक्ता के मीटर से मिलान की जाती है। दोनों की रीडिंग में भिन्नता मिलने पर उपभोक्ता के बिल में संशोधन व सुधार कर मीटर बदल दिया जाता है। विभाग में हर माह करीब 50 आवेदन चेक मीटर के लिए आते हैं।
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- मेरा बिजली का बिल हर महीने करीब नौ सौ रुपये आ रहा था, जबकि घर में दो पंखे व चार एलईडी बल्ब का ही उपयोग हो रहा है। अवर अभियंता से शिकायत की तो उन्हें बताया कि गर्मी में बिल अधिक आता है। एक संविदाकर्मी के माध्यम से चेक मीटर के लिए आवेदन किया तब जाकर सही बिल मिलना शुरू हुआ। अब ढाई से तीन सौ रुपये तक बिल आ रहा है।
-रमेश, पुरानी बस्ती।
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- जुलाई में छह हजार रुपये का बिल आ गया था। अवर अभियंता को दिखाया तो उन्होंने बताया कि मीटर में स्टोर रीडिंग के कारण बिल अधिक आया है। महीनेभर तक अधिकारियों के मिन्नते की, लेकिन किसी ने काम नहीं किया। उपकेंद्र के एक लाइनमैन से बात की तो उसने दो हजार रुपये में लेकर सब ठीक करा दिया। अब पांच से छह सौ रुपये महीने बिल आ रहा है।
-बब्लू, मंगल बाजार
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प्रोब बिलिंग व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सही और सटीक रीडिंग का बिल मिल रहा है। जब मीटर में रीडिंग स्टोर होती है तब प्रोब बिल बनाने पर रीडिंग अधिक आती है। उपभोक्ता किसी के झांसे में न आएं। बिल में संशोधन या सुधार के लिए सीधे उपखंड अधिकारी को प्रार्थना पत्र दें। यदि वहां उनकी सुनवाई नहीं हो रही है तो सीधे मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता नगरीय
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उपभोक्ताओं को सही और सटीक रीडिंग का बिल उपलब्ध कराने के लिए जिले में प्रोब बिलिंग सुविधा लागू है। इसे ही उपभोक्ताओं के गले की फांस कहा जाए तो कम नहीं होगा। क्योंकि इसी के नाम पर विभागीयकर्मी उपभोक्ताओं का शोषण कर रहे हैं। प्रोब बिलिंग के नाम पर मीटर रीडर अभियंताओं से मिलकर उपभोक्ताओं को अधिक रीडिंग का बिल दे देते हैं। उपभोक्ता जब बिल लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि मीटर में रीडिंग स्टोर थी। इसलिए इस महीने में बिल अधिक आया है। अधिक बिल आने से परेशान उपभोक्ता इसे कम कराने के लिए इधर-उधर सिफारिश करते हैं। यहीं से उन्हें ठगने का काम शुरू होता है। वह किसी न किसी संविदाकर्मी के झांसे में आ जाते हैं। जो कुछ सुविधा शुल्क लेकर उनका काम करा देता है।
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चेक मीटर लगाने का है नियम
- यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसके द्वारा बिजली की खपत कम की जा रही है। जबकि बिल अधिक आ रहा है। ऐसी दशा में वह इसकी सूचना उपखंड अधिकारी को लिखित रूप में देता है। उपखंड अधिकारी प्रार्थना पत्र मीटर परीक्षण खंड को भेजकर चेक मीटर लगवाते हैं। चेक मीटर के सहारे ही महीनाभर तक उपभोक्ता बिजली का उपयोग करता है। इसके बाद चेक मीटर से रीडिंग लेकर उपभोक्ता के मीटर से मिलान की जाती है। दोनों की रीडिंग में भिन्नता मिलने पर उपभोक्ता के बिल में संशोधन व सुधार कर मीटर बदल दिया जाता है। विभाग में हर माह करीब 50 आवेदन चेक मीटर के लिए आते हैं।
- मेरा बिजली का बिल हर महीने करीब नौ सौ रुपये आ रहा था, जबकि घर में दो पंखे व चार एलईडी बल्ब का ही उपयोग हो रहा है। अवर अभियंता से शिकायत की तो उन्हें बताया कि गर्मी में बिल अधिक आता है। एक संविदाकर्मी के माध्यम से चेक मीटर के लिए आवेदन किया तब जाकर सही बिल मिलना शुरू हुआ। अब ढाई से तीन सौ रुपये तक बिल आ रहा है।
-रमेश, पुरानी बस्ती।
- जुलाई में छह हजार रुपये का बिल आ गया था। अवर अभियंता को दिखाया तो उन्होंने बताया कि मीटर में स्टोर रीडिंग के कारण बिल अधिक आया है। महीनेभर तक अधिकारियों के मिन्नते की, लेकिन किसी ने काम नहीं किया। उपकेंद्र के एक लाइनमैन से बात की तो उसने दो हजार रुपये में लेकर सब ठीक करा दिया। अब पांच से छह सौ रुपये महीने बिल आ रहा है।
-बब्लू, मंगल बाजार
प्रोब बिलिंग व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सही और सटीक रीडिंग का बिल मिल रहा है। जब मीटर में रीडिंग स्टोर होती है तब प्रोब बिल बनाने पर रीडिंग अधिक आती है। उपभोक्ता किसी के झांसे में न आएं। बिल में संशोधन या सुधार के लिए सीधे उपखंड अधिकारी को प्रार्थना पत्र दें। यदि वहां उनकी सुनवाई नहीं हो रही है तो सीधे मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
-मनोज कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता नगरीय