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Basti News: सुंदर-सुडौल लहसुन दिखे तो समझ जाइए वह चीन का है

Mon, 09 Dec 2024 03:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2024 03:00 AM IST
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If you see more white garlic then understand that it is from China.
कंपनीबाग सब्जीमंडी में फुटकर बेचने के लिए रखा लहसुन - फोटो- संवाद
-तड़का पर भड़का लहसुन, भाव गरमाया 400 रुपये किलो पहुंचा
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- औरैया जिले के अछलदा मंडी से हो रही लोकल लहसुन की आपूर्ति, मंडियों में नेपाल के रास्ते से हो रही आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। तड़के में अपना स्वाद देने से लहसुन भड़क उठा है। बाजार में भाव गरमाया हुआ है। आजकल 400 रुपये किलो लहसुन मिल रहा है। इसका लाभ धंधेबाज उठा रहे हैं। दाल, टमाटर के बाद अब नेपाल के रास्ते चीन के लहसुन की तस्करी तेज हो गई है। जिले में रोजाना 70 से 80 क्विंटल चीन का लहसुन खपाया जा रहा है। यह नेपाल के रास्ते गोरखपुर और वहां से बस्ती भेजा जा रहा है। देसी लहसुन से इसकी कीमत कम होने के कारण इसकी मांग बढ़ गई है।
बाजार में व्यापारियों के यहां सुंदर- सुडौल और सफेदी बिखेरते लहसुन की बड़ी आड़ी दिखे तो समझ लीजिए यह चीन का लहसुन है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा उत्पादन व अधिक चमकदार दिखने के लिए इस लहसुन को उगाने में मेटल, लेड और क्लोरीन का इस्तेमाल हो रहा है। यह लिवर और किडनी के लिए बहुत खतरनाक है। अनजाने में लोग इस लहसुन की खूब खरीदारी कर रहे हैं। यह लोकल लहसुन से देखने में अच्छा और सस्ता भी है। इसीलिए लोगों की पहली पसंद बन रहा है। खतरनाक रसायन के प्रयोग से उत्पादित किए जा रहे इस चीन के लहसुन का सेवन करने से सेहत बिगड़ सकती है।
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बाजार में इसकी आपूर्ति और बिक्री पर प्रतिबंध भी नहीं लग रहा है। वहीं लोकल लहसुन महंगा एवं बदरंग दिखने के कारण कम बिक रहा है। इसीलिए मंडी में इसकी मांग कम है। औरैया जिले के अछलदा मंडी से इसकी आपूर्ति रोजाना 30 से 40 क्विंटल ही हो पा रही है। -----------------
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गोरखपुर और महराजगंज बना चीन के लहसुन का हब
मंडी में कारोबारी हुसैन अहमद बताते हैं कि चीने के लहसुन की आपूर्ति नेपाल के रास्ते हो रही है। महराजगंज और गोरखपुर इसका हब बन चुका है। वहां से पिकअप एवं अन्य छोटी गाड़ियों में भरकर यह लहसुन लाया जा रहा है। ग्रामीण बाजार से लेकर यहां की थोक मंडियों तक इसकी आपूर्ति हो रही है। वहीं संजय सोनकर ने बताया कि चीन के लहसुन के चक्कर में लोकल लहसुन का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
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चीन का लहसुन पड़ रहा सस्ता
चीन का लहसुन लोकल लहसुन से सस्ता पड़ रहा है। लहसुन व्यापारी फिरोज ने बताया कि थोक भाव में देसी लहसुन की कीमत 250 से 260 रुपये किलो है, जबकि चीन से आया लहसुन 220 से 230 रुपये किलो बिक रहा है। सस्ता होने और क्वालिटी बेहतर दिखने के चलते फुटकर व्यापारी भी इस लहसुन को ज्यादा खरीद रहे हैं। इससे पूरा कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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ऐसे करें पहचान

कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमशंकर कहते हैं कि लहसुन की पहचान बहुत कम लोगों को होती है। बाजार में ज्यादा सफेद और मोटा लहसुन बिक रहा हो तो उसे खरीदने से बचें। देसी लहसुन की कलियां थोड़ी छोटी होती हैं, और इनमें दाग-धब्बे भी नजर आते हैं। छिलका कम सफेद नहीं होता। असली लहसुन की पहचान है कि उसे पलट कर देखें। अगर निचले हिस्से में दाग सा दिखाई दे तो वह असली लहसुन है। अगर पलटकर देखने पर भी लहसुन बिल्कुल सफेद हो तो ये चीन वाला लहसुन हो सकता है।
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विशेषज्ञ की राय
मंडी में आजकल चीन के लहसुन की बिक्री हो रही है। लोग अच्छा मानकर इसे खरीद भी रहे हैं। चीन के लहसुन के उत्पादन में मेटल, लेड और क्लोरीन जैसे केमिकल और कीटनाशक दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल होता है। यह किडनी, लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। केमिकल के इस्तेमाल से लहसुन के औषधीय गुण कम हो जाते हैं।

-डॉ. प्रभाकर, विशेषज्ञ।
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बस्ती में चीन के लहसुन की आपूर्ति होने की अभी कोई शिकायत सामने नहीं आई है। इसकी छानबीन कराई जाएगी। मंडी अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा। यदि इस लहसुन की बिक्री पर प्रतिबंध होगा तो कार्रवाई भी होगी।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, एडीएम।
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