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दहेज उत्पीड़न में पति को दो वर्ष की सजा
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दहेज उत्पीड़न में पति को दो वर्ष की सजा
बस्ती। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उमेश यादव की अदालत ने दहेज उत्पीड़न के मामले में पति को दो वर्ष की सजा व 35 सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड न अदा करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। अभियोजन अधिकारी सुधीर स्वरूप ने अदालत को बताया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर कहा कि उसकी शादी 11 जुलाई 2007 को श्रीकांत पांडेय निवासी ग्राम लग्गूपुर थाना पवई, जिला आजमगढ़ के साथ हुई थी।
विदाई के बाद पति, जेठ शीतला प्रसाद, जेठानी शोभावती उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज न पाने कारण 16 नवंबर 2007 को मारपीट कर उसे घर से निकाल दिए। पुलिस ने विवेचना बाद तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद साक्ष्य के आधार पर पति श्रीकांत पांडेय को दहेज उत्पीड़न में दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि साक्ष्य के अभाव में जेठ शीतला प्रसाद व जेठानी शोभावती को बरी कर दिया।
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बस्ती। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उमेश यादव की अदालत ने दहेज उत्पीड़न के मामले में पति को दो वर्ष की सजा व 35 सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड न अदा करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। अभियोजन अधिकारी सुधीर स्वरूप ने अदालत को बताया कि कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर कहा कि उसकी शादी 11 जुलाई 2007 को श्रीकांत पांडेय निवासी ग्राम लग्गूपुर थाना पवई, जिला आजमगढ़ के साथ हुई थी।
विदाई के बाद पति, जेठ शीतला प्रसाद, जेठानी शोभावती उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज न पाने कारण 16 नवंबर 2007 को मारपीट कर उसे घर से निकाल दिए। पुलिस ने विवेचना बाद तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद साक्ष्य के आधार पर पति श्रीकांत पांडेय को दहेज उत्पीड़न में दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि साक्ष्य के अभाव में जेठ शीतला प्रसाद व जेठानी शोभावती को बरी कर दिया।
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