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Basti News: पति-पत्नी के विवाद में थाने में पिटाई का आरोप, पैर की अंगुली में फ्रैक्चर
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पुलिस की पिटाई से घायल पीड़ित अखिलेश पांडेय। संवाद
- फोटो : 1
बस्ती। मुंडेरवा थाना क्षेत्र के संडा गांव निवासी अखिलेश पांडेय ने थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर थाने में बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि पुलिस की पिटाई से उनके पैर की अंगुली में फ्रैक्चर हो गया और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। पीड़ित ने डीआईजी संजीव त्यागी और एसपी डॉ. यशवीर सिंह से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। डीआईजी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसपी को निर्देश दिए हैं। अखिलेश के मुताबिक, 14 अगस्त को उनके घर में पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था।
सूचना पर मुंडेरवा पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें थाने ले गई। आरोप है कि रात में थाने में थानाध्यक्ष और तीन अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा। उनका कहना है कि हाथ-पैर दबाकर बेल्ट और जूते से पिटाई की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पिटाई के दौरान कई बार उनकी हालत बिगड़ी और बेहोश होने पर पानी डालकर दोबारा पिटाई की गई। पैर के नाखून को भी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि अगले दिन सुबह बिना मेडिकल परीक्षण कराए उनका चालान कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
अखिलेश का कहना है कि शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान हैं और पैर की अंगुली में फ्रैक्चर हुआ है। आंख में भी गंभीर चोट लगी है। वह ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। चोट लगने के बाद काम नहीं कर पा रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि पुलिस की ओर से उसके शराब के नशे में होने की बात कही जा रही है, जबकि उसका दावा है कि वह शराब का सेवन नहीं करता।
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मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें घायल व्यक्ति पुलिस पर आरोप लगाता नजर आ रहा है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करती है। वहीं मुंडेरवा थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने पीड़ित की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की है।
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सूचना पर मुंडेरवा पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें थाने ले गई। आरोप है कि रात में थाने में थानाध्यक्ष और तीन अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें जमीन पर गिराकर पीटा। उनका कहना है कि हाथ-पैर दबाकर बेल्ट और जूते से पिटाई की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पिटाई के दौरान कई बार उनकी हालत बिगड़ी और बेहोश होने पर पानी डालकर दोबारा पिटाई की गई। पैर के नाखून को भी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि अगले दिन सुबह बिना मेडिकल परीक्षण कराए उनका चालान कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
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अखिलेश का कहना है कि शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान हैं और पैर की अंगुली में फ्रैक्चर हुआ है। आंख में भी गंभीर चोट लगी है। वह ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। चोट लगने के बाद काम नहीं कर पा रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि पुलिस की ओर से उसके शराब के नशे में होने की बात कही जा रही है, जबकि उसका दावा है कि वह शराब का सेवन नहीं करता।
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मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें घायल व्यक्ति पुलिस पर आरोप लगाता नजर आ रहा है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करती है। वहीं मुंडेरवा थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने पीड़ित की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की है।