{"_id":"e771d873db57efc1f6ea095c2e1ec38c","slug":"get-inspiration-from-rajendra-prasad-dj-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजेंद्र प्रसाद से प्रेरणा लें वकील और जजः डीजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजेंद्र प्रसाद से प्रेरणा लें वकील और जजः डीजे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Dec 2015 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। दीवानी न्यायालय सभागार में बृहस्पतिवार को भारत के प्रथम
विज्ञापन
राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जन्म दिन अधिवक्ता दिवस के रूप में
मनाया गया। मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश मसउद अली सिददीकी ने कहा कि डॉ.
राजेंद्र प्रसाद अत्यंत प्रतिभाशाली थे।
उन्होंने ने स्वतंत्रा सग्रांम में शामिल होकर देश और समाज को महत्वपूर्ण योगदान दिया। अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को उनके जीवन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। समाज में गरीबों और मजलूमाें को समय से प्रभावी न्याय दिलाने अधिवक्ता दिवस की सार्थकता होगी।
विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वे सादगी के प्रतीक थे। उन्होंने देश और समाज को बहुत कुछ दिया। अपने जीवन में गौतम बुद्ध की परंपरा करुणा और दया का निर्वाह किया। उनकी जयंती मनाने की सार्थकता तभी है। जब उनके बताए रास्ते पर चलें।
उन्होंने ने सिविल बार के सभागार की मरम्मत का आश्वासन दिया। न्यायिक अधिकारी सौरभ द्विवेदी ने कहा कि अधिवक्ता समाज का प्रतिनिधि होता है। बार है तभी बेंच है।
कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता भारत भूषण वर्मा, वीरेंद्र नाथ पांडेय, भवानी पाल, राम विचारे यादव, राम मिलन शुक्ल, गोपाल चंद पांडेय, सिविल बार के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय, महामंत्री प्रेम प्रकाश श्रीवास्त्व ने संबोधित किया।
शुरुआत मुख्य अतिथि ने दीप जला कर किया। उन्होंने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के चित्र का सभागार में अनावरण किया। इसके अलावा दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता सुमित्रा नंदन श्रीवास्तव, कृष्ण मुरारी श्रीवास्वत एवं प्रेम कुमार श्रीवास्तव के चित्र का अनावरण किया गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद विहारी सिन्हा, प्रेम चंद श्रीवास्तव और सभा अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मराज चौधरी को एसोसिएशन की तरफ से अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। विनोद विहारी सिन्हा ने अपनी लाइब्ररी सिविल बार को सर्मपित करने की घोषणा की। भगवत प्रसाद पांडेय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। संचालन बदीउज्जमा सिद्दीकी ने किया।
न्यायिक अधिकारी विवेक त्रिपाठी, मृदुला कुमार, राम मिलन सिंह, विनय खरे, अशोक कुमार, कृपा शंकर शर्मा, राम मिलन सिंह, इंतेखाब आलम, अजय कुमार शाही, शबीह जेहरा, हर्ष वर्धन, प्रमोद कुमार, हरिश्चंद, यशंवत सरोज, सुरेश कुमार दुबे, शुभम वर्मा, मोहन लाल, डीजीसी सिविल, ईश्वर लाल चौधरी, जनपद बार के महामंत्री रविशरण सिंह, मारुत शुक्ल, कौशलंेद्र पाल, मदनसेन, बद्री प्रसाद दुबे, परमात्मा प्रसाद चौधरी, दिलीप पांडेय, राम मणि शुक्ला आदि मौजूद रहे।
उन्होंने ने स्वतंत्रा सग्रांम में शामिल होकर देश और समाज को महत्वपूर्ण योगदान दिया। अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को उनके जीवन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए। समाज में गरीबों और मजलूमाें को समय से प्रभावी न्याय दिलाने अधिवक्ता दिवस की सार्थकता होगी।
विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वे सादगी के प्रतीक थे। उन्होंने देश और समाज को बहुत कुछ दिया। अपने जीवन में गौतम बुद्ध की परंपरा करुणा और दया का निर्वाह किया। उनकी जयंती मनाने की सार्थकता तभी है। जब उनके बताए रास्ते पर चलें।
उन्होंने ने सिविल बार के सभागार की मरम्मत का आश्वासन दिया। न्यायिक अधिकारी सौरभ द्विवेदी ने कहा कि अधिवक्ता समाज का प्रतिनिधि होता है। बार है तभी बेंच है।
कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता भारत भूषण वर्मा, वीरेंद्र नाथ पांडेय, भवानी पाल, राम विचारे यादव, राम मिलन शुक्ल, गोपाल चंद पांडेय, सिविल बार के अध्यक्ष रमाशंकर पांडेय, महामंत्री प्रेम प्रकाश श्रीवास्त्व ने संबोधित किया।
शुरुआत मुख्य अतिथि ने दीप जला कर किया। उन्होंने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के चित्र का सभागार में अनावरण किया। इसके अलावा दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता सुमित्रा नंदन श्रीवास्तव, कृष्ण मुरारी श्रीवास्वत एवं प्रेम कुमार श्रीवास्तव के चित्र का अनावरण किया गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद विहारी सिन्हा, प्रेम चंद श्रीवास्तव और सभा अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मराज चौधरी को एसोसिएशन की तरफ से अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। विनोद विहारी सिन्हा ने अपनी लाइब्ररी सिविल बार को सर्मपित करने की घोषणा की। भगवत प्रसाद पांडेय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। संचालन बदीउज्जमा सिद्दीकी ने किया।
न्यायिक अधिकारी विवेक त्रिपाठी, मृदुला कुमार, राम मिलन सिंह, विनय खरे, अशोक कुमार, कृपा शंकर शर्मा, राम मिलन सिंह, इंतेखाब आलम, अजय कुमार शाही, शबीह जेहरा, हर्ष वर्धन, प्रमोद कुमार, हरिश्चंद, यशंवत सरोज, सुरेश कुमार दुबे, शुभम वर्मा, मोहन लाल, डीजीसी सिविल, ईश्वर लाल चौधरी, जनपद बार के महामंत्री रविशरण सिंह, मारुत शुक्ल, कौशलंेद्र पाल, मदनसेन, बद्री प्रसाद दुबे, परमात्मा प्रसाद चौधरी, दिलीप पांडेय, राम मणि शुक्ला आदि मौजूद रहे।