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भगोड़ा अमरमणि जानबूझकर कर रहा आदेशों का उल्लंघन : कोर्ट

Mon, 01 Apr 2024 02:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Mon, 01 Apr 2024 02:51 PM IST
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Fugitive Amarmani is deliberately violating orders: Court
बस्ती। व्यापारी पुत्र के अपहरण मामले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी केस में सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने कहा है कि भगोड़ा अभियुक्त अमरमणि त्रिपाठी को न्यायालय के आदेशों के बारे में बखूबी जानकारी है। वह जानबूझकर न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने कहा है कि 15 अप्रैल तक यदि अमरमणि की संपत्तियों की कुर्की कर अदालत में रिपोर्ट नहीं की जाती है, तो प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी के खिलाफ मुख्य न्यायाधीश हाईकोर्ट, इलाहाबाद के समक्ष प्रकरण रखने के लिए रजिस्ट्रार जनरल हाईकोर्ट, इलाहाबाद को पत्र भेज दिया जाएगा।
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अदालत ने कहा है कि अभियोजन के जरिए बताया गया है कि इस अदालत के आदेशों के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की गई थी, जिसे 22 मार्च को निरस्त कर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि भगोड़ा अभियुक्त अमरमणि को मामले की पूरी जानकारी है। वह जानबूझकर न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन कर रहा है। मामले को विलंबित करने के लिए न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा है। उसकी कई जिलों में स्थित संपत्तियों की कुर्की के लिए प्रमुख सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए थे, जिसके बारे में कोई भी प्रपत्र न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया।
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ऐसी स्थिति में प्रमुख सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ को रिमाइंडर के जरिए नोडल ऑफिसर अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम के माध्यम से इस आशय के साथ प्रेषित किया जाए कि वह अविलंब अभियुक्त अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्क कराकर कार्रवाई रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें।
बता दें कि 20 मार्च को सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने कहा था कि अमरमणि त्रिपाठी की तरफ से उच्च न्यायालय में एनबीडब्ल्यू आदेश को निरस्त करने की अर्जी दी है। उच्च न्यायालय से कोई निर्देश जारी न होने की दशा में कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ाने के संबंध में सुनवाई 30 मार्च को की जाएगी। 22 मार्च को उच्च न्यायालय ने एनबीडब्ल्यू आदेश रोकने की अर्जी खारिज कर दी है।

इस मामले में नामजद है पूर्व मंत्री अमरमणि


छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। उसे अमरमणि के लखनऊ आवास से बरामद किया गया था। मामले में कोतवाली थाने में पूर्व मंत्री अमरमणि समेत नौ पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस की ओर से दाखिल आरोपपत्र पर बस्ती के एमपी-एमएलए कोर्ट ने ट्रायल शुरू किया। इसके बाद पूर्व मंत्री को तलब किया था, लेकिन वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। फिर भी पुलिस उन्हें अदालत में पेश नहीं कर सकी थी। इस पर नाराज स्पेशल कोर्ट ने यूपी के प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी को पूर्व मंत्री की संपत्ति की कुर्की के साथ ही हर हाल में 20 मार्च को अदालत के सामने हाजिर करने का आदेश दिया था।
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