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फॉरेंसिक लैब निर्माण : 48 करोड़ की परियोजना लेटलतीफी की शिकार

Sat, 21 Sep 2024 04:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 21 Sep 2024 04:34 AM IST
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Forensic lab construction: Rs 48 crore project becomes victim of delay
निर्माणाधीन फोरेंसिक प्रयोगशाला
पहली मंजिल तक ही पूरा हो पाया काम, पांच माह में पूरा करने की चुनौती
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48.33 करोड़ की लागत से हो रहा विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण
मोबाइल अपराध, खून, अंगुली व मादक पदार्थों समेत अन्य नमूनों की जांच की मंडल में मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मंडल मुख्यालय पर 48 करोड़ रुपये की लागत से बन रही विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फाॅरेंसिक लैब) लेट-लतीफी का शिकार हो गई है। इसका निर्माण नवंबर 2023 से चल रहा है। आठ माह में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। सिर्फ भूतल का काम लगभग पूरा हो पाया है। अभी चार मंजिल का काम बाकी है। विभाग के अधिकारी फरवरी 2024 तक इसे पूरा करने का दावा कर रहे हैं। मगर, निर्माण की गति देखकर ऐसा नहीं लगता है कि समय से काम पूरा हो पाएगा।
मार्च 2023 में बस्ती, अयोध्या, मिर्जापुर, आजमगढ़, बांदा व सहारनपुर में फॉरेंसिक लैब बनाने की मंजूरी मिली थी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी भवन खंड को सौंपी गई है। बस्ती सदर तहसील के सोखापुरवा-छरौछा गांव में निर्मित होने वाले इस लैब पर 48.33 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। लैब के अलावा परीक्षण से संबंधित अन्य संसाधनों का भी इंतजाम किया जाएगा।
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प्रदेश में 12 फॉरेंसिक लैब संचालित हो रहे हैं। जहां सभी 75 जिलों से आए नमूनों की जांच होती है। इससे रिपोर्ट मिलने में 15 दिन से एक माह तक का समय लग जाता है। रिपोर्ट आने के बाद नमूनों की जांच को साक्ष्य के रूप में कोर्ट में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें सबसे अधिक मादक पदार्थों के नमूनों की जांच में मुश्किलें आती हैं। नतीजतन कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
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पीडब्ल्यूडी भवन खंड के सहायक अभियंता अखिलेश कुमार सिंह व साइट इंजीनियर आरपी चौधरी के अनुसार, 2076 वर्ग मीटर भूभाग में पांच मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें भूतल पर पार्किंग होगी और प्रथम तल पर रिकार्ड रूम, साइंटिस्ट रूम, डॉक्यूमेंट रूम, प्रशासनिक भवन, मैनेजमंट व फील्ड यूनिट रूम के साथ ही फिजिक्स व बैलेस्टिक डिवीजन बनाया जाएगा।
दूसरे तल पर एनलाइसिस रूम, केस ओपेनिंग, सीविट रीओपेन रूम, मीटिंग हाॅल, लाइब्रेरी, रिकाॅर्ड रूम, स्टोर रूम व डीडी बायलोजी के रूम बनाए जाएंगे। तीसरे तल पर फोटो डिवीजन, डीडी कंप्यूटर व डीडी मेडिकालोजी, डीप रेफ्रिजरेटर व साइंटिस्ट रूम का निर्माण होना है। साथ ही चौथे मंजिल पर कैंटीन, फायरिंग रेंज, डीडी टाक्सानोलॉजी डिवीजन, कमेस्ट्री डिवीजन व रेफ्रिजरेटर रूम स्थापित किया जाएगा।
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फरवरी तक तैयार हो जाएगा लैब

फॉरेंसिक लैब का निर्माण करने वाली कंपनी जीएस एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक सतीश झा ने बताया कि फसल खड़ी होने के कारण मिट्टी पटाई का काम बाधित रहा। जबकि ग्राउंड फ्लोर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द ही ऊपर काम चालू हो जाएगा।

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कोट
फॉरेंसिक लैब के लिए भवन निर्माण का कार्य चालू है। अवर अभियंता आरपी चौधरी की टीम को फरवरी 2025 तक हर हाल में गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
-अखिलेश सिंह, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी भवन खंड
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