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कोहरे ने बाधित की ट्रेनों की रफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2015 12:19 AM IST
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बस्ती। इन दिनों कोहरे के चलते अधिकतर ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक सी लग गई
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है। लंबी दूरी की कई गाड़ियां दो से चार घंटे के विलंब से चल रही हैं।
इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
प्लेटफार्म पर बैठने समुचित इंतजाम तक नहीं है। इससे यात्रियों को जमीन पर बैठने को विवश होना पड़ रहा है। वे ठंड में ठिठुर कर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं।
ठंड और कोहरे की मार रेल यात्रियों पर भारी पड़ रही है। लंबी दूरी की गाड़ियों में डाउन 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से तीन घंटे की विलंब से बस्ती स्टेशन पर आई। वहीं कुशीनगर एक्सप्रेस सुबह के 5:40 बजे की बजाए 7:35 बजे आई।
सत्याग्रह एक्सप्रेस अपने सुबह के 8:05बजे के बजाए दस बजकर पांच मिनट पर आई। 12554 डाउन वैशाली एक्सप्रेस सुबह अपने नियत समय 7:30 बजे की बजाए दो घंटे के विलंब से 9:30 बजे आई। जबकि डाउन गोरखधाम सुपर फास्ट एक्सप्रेस 8:25 बजे की बजाए करीब तीन घंटे विलंब से 11:16 बजे बस्ती आई।
वहीं अप बरौनी लखनऊ एक्सप्रेस 7:55 बजे की बजाए दिन में 11 बजे प्लेटफॉर्म पर पहुंची। जबकि 12521 बरौनी एर्नाकुलम एक्सप्रेस सुबह 7:40 बजे के बजाए दो घंटा तेरह मिनट की देरी से 9:53 बजे पहुंची।
इससे स्टेशन पर इन ट्रेनों से जाने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्लेटफार्म पर बैठने की पर्याप्त जगह न होने से कई यात्री अपने परिवार और सामान के साथ जमीन पर बैठकर इंतजार करने को विवश हुए।
ठंड में ट्रेन का इंतजार भारी पड़ रहा
बहादुरपुर विकासखंड के मटेरा गांव निवासी सद्दाम हुसैन ग्राम पंचायत चुनाव के बाद दिल्ली वापस जाने के लिए प्लेटफार्म पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यहां प्लेटफार्म पर बैठने की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। ठंड में जमीन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना मुसीबत साबित हो रहा है।
यही हाल बहादुरपुर कस्बे के मेराज अहमद का भी रहा। रक्सौल जाने के लिए ट्रेन के इंतजार में वे करीब दो घंटे से प्लेटफार्म पर खड़े रहे। वहीं मीर हसन, शमीम ने बताया कि कोहरे में हर साल ट्रेन से यात्रा करने में समय का नुकसान अधिक होता है। रेल विभाग को कोहरे से पार पाने के लिए बेहतर उपाय करना चाहिए।
डिस्प्ले की खराबी से यात्री परेशान
प्लेटफार्म पर लगा इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले बोर्ड दिन में कई बार खराब हो जा रहा था। रामनरेश, सुधा, साहिल आदि यात्रियों ने बताया कि ट्रेन की लोकेशन जानने के लिए बार बार पूछताछ काउंटर पर जाना पड़ रहा है।
स्टेशन अधीक्षक ओपी त्रिपाठी ने बताया कि डिस्प्ले कभी-कभार खराब हो रहा है। इस समस्या से संबंधित विभाग को अवगत कराया गया है। जहां तक ट्रेनों के विलंब से चलने का सवाल है तो रात में कोहरे के चलते लंबी दूरी की ट्रेनों पर इसका असर पड़ रहा है।
प्लेटफार्म पर बैठने समुचित इंतजाम तक नहीं है। इससे यात्रियों को जमीन पर बैठने को विवश होना पड़ रहा है। वे ठंड में ठिठुर कर ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं।
ठंड और कोहरे की मार रेल यात्रियों पर भारी पड़ रही है। लंबी दूरी की गाड़ियों में डाउन 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से तीन घंटे की विलंब से बस्ती स्टेशन पर आई। वहीं कुशीनगर एक्सप्रेस सुबह के 5:40 बजे की बजाए 7:35 बजे आई।
सत्याग्रह एक्सप्रेस अपने सुबह के 8:05बजे के बजाए दस बजकर पांच मिनट पर आई। 12554 डाउन वैशाली एक्सप्रेस सुबह अपने नियत समय 7:30 बजे की बजाए दो घंटे के विलंब से 9:30 बजे आई। जबकि डाउन गोरखधाम सुपर फास्ट एक्सप्रेस 8:25 बजे की बजाए करीब तीन घंटे विलंब से 11:16 बजे बस्ती आई।
वहीं अप बरौनी लखनऊ एक्सप्रेस 7:55 बजे की बजाए दिन में 11 बजे प्लेटफॉर्म पर पहुंची। जबकि 12521 बरौनी एर्नाकुलम एक्सप्रेस सुबह 7:40 बजे के बजाए दो घंटा तेरह मिनट की देरी से 9:53 बजे पहुंची।
इससे स्टेशन पर इन ट्रेनों से जाने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्लेटफार्म पर बैठने की पर्याप्त जगह न होने से कई यात्री अपने परिवार और सामान के साथ जमीन पर बैठकर इंतजार करने को विवश हुए।
ठंड में ट्रेन का इंतजार भारी पड़ रहा
बहादुरपुर विकासखंड के मटेरा गांव निवासी सद्दाम हुसैन ग्राम पंचायत चुनाव के बाद दिल्ली वापस जाने के लिए प्लेटफार्म पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यहां प्लेटफार्म पर बैठने की भी व्यवस्था ठीक नहीं है। ठंड में जमीन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करना मुसीबत साबित हो रहा है।
यही हाल बहादुरपुर कस्बे के मेराज अहमद का भी रहा। रक्सौल जाने के लिए ट्रेन के इंतजार में वे करीब दो घंटे से प्लेटफार्म पर खड़े रहे। वहीं मीर हसन, शमीम ने बताया कि कोहरे में हर साल ट्रेन से यात्रा करने में समय का नुकसान अधिक होता है। रेल विभाग को कोहरे से पार पाने के लिए बेहतर उपाय करना चाहिए।
डिस्प्ले की खराबी से यात्री परेशान
प्लेटफार्म पर लगा इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले बोर्ड दिन में कई बार खराब हो जा रहा था। रामनरेश, सुधा, साहिल आदि यात्रियों ने बताया कि ट्रेन की लोकेशन जानने के लिए बार बार पूछताछ काउंटर पर जाना पड़ रहा है।
स्टेशन अधीक्षक ओपी त्रिपाठी ने बताया कि डिस्प्ले कभी-कभार खराब हो रहा है। इस समस्या से संबंधित विभाग को अवगत कराया गया है। जहां तक ट्रेनों के विलंब से चलने का सवाल है तो रात में कोहरे के चलते लंबी दूरी की ट्रेनों पर इसका असर पड़ रहा है।