{"_id":"5abe870a4f1c1bbe618b4a3f","slug":"farmers-floundering-in-front-of-officers","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफसरों के सामने भड़के किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफसरों के सामने भड़के किसान
बस्ती (ब्यूरो)
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
अफसरों के सामने भड़के किसान
- फोटो : अमर उजाला
कुदरहा (बस्ती)। घाघरा के माझा खुर्द में खनन की स्थिति जांचने अचानक पहुंचे प्रशासनिक अमले को किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। किसान आरोप लगा रहे थे कि खनन करने वाले सीमांकन के बाहर से बालू निकाल रहे हैं। नियम के विपरीत वे 25 फीट की गहराई तक बालू निकाल रहे हैं। किसानों को प्रशासन ने आश्वस्त किया कि खनन सीमांकन क्षेत्र में और नियमानुसार ही होगा।
डीएम व एसपी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम शुक्रवार को खनन स्थल माझा खुर्द जा धमकी। यहां प्रशासन की मौजूदगी की सूचना पर सैकड़ों किसान जुट गए। प्रशासनिक अधिकारियों को घेर लिया। किसान आरोप लगा रहे थे कि उनके खेत तो खनन के चलते घाघरा की धारा में समा चुके हैं और घर ही बचा है जिसे अवैध खनन का शिकार हो जाना पड़ेगा। डीएम व एसपी से मिले विभिन्न गांवों के किसान छोटे लाल राजभर, राजन, रामललित, चंद्रबली, राजेश, बलिराम आदि ने कहा कि पिछले वर्षों में घाघरा ने ताबड़तोड़ कटान किया, जिससे खेत धारा में विलीन हो गई और बंधे का भी काफी हिस्सा डैमेज हुआ। कहा कि महुआपार खुर्द के बजाय टेंगरिया राजा गांव में जिस ढंग से गहरा खनन हो रहा है इससे नदी की धारा का दबाव तटबंध पर बढ़ जाएगा, जिससे बंधा कटने की आशंका है। यदि बंधा कटा तो आसपास के दो दर्जन से ज्यादा गांव का वजूद ही समाप्त हो जाएगा। किसानों के दर्द को डीएम सुशील कुमार व एसपी दिलीप कुमार, एडीएम भगवान शरण, एसडीएम हरिश्चंद्र सिंह, खनन अधिकारी अर्जुन, तहसीलदार अनिल कुमार ने सुना। अवैध ढंग से हो रहे खनन को रोकने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
डीएम व एसपी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम शुक्रवार को खनन स्थल माझा खुर्द जा धमकी। यहां प्रशासन की मौजूदगी की सूचना पर सैकड़ों किसान जुट गए। प्रशासनिक अधिकारियों को घेर लिया। किसान आरोप लगा रहे थे कि उनके खेत तो खनन के चलते घाघरा की धारा में समा चुके हैं और घर ही बचा है जिसे अवैध खनन का शिकार हो जाना पड़ेगा। डीएम व एसपी से मिले विभिन्न गांवों के किसान छोटे लाल राजभर, राजन, रामललित, चंद्रबली, राजेश, बलिराम आदि ने कहा कि पिछले वर्षों में घाघरा ने ताबड़तोड़ कटान किया, जिससे खेत धारा में विलीन हो गई और बंधे का भी काफी हिस्सा डैमेज हुआ। कहा कि महुआपार खुर्द के बजाय टेंगरिया राजा गांव में जिस ढंग से गहरा खनन हो रहा है इससे नदी की धारा का दबाव तटबंध पर बढ़ जाएगा, जिससे बंधा कटने की आशंका है। यदि बंधा कटा तो आसपास के दो दर्जन से ज्यादा गांव का वजूद ही समाप्त हो जाएगा। किसानों के दर्द को डीएम सुशील कुमार व एसपी दिलीप कुमार, एडीएम भगवान शरण, एसडीएम हरिश्चंद्र सिंह, खनन अधिकारी अर्जुन, तहसीलदार अनिल कुमार ने सुना। अवैध ढंग से हो रहे खनन को रोकने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन