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Basti News: चकबंदी प्रक्रिया से असंतुष्ट किसानों ने किया प्रदर्शन
Mon, 14 Apr 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 14 Apr 2025 12:35 AM IST
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बस्ती। अमरौली शुमाली में चल रहे चकबंदी प्रक्रिया से असंतुष्ट किसानों ने रविवार को बैठक कर सरकारी विभाग पर धनउगाही का आरोप लगाया। किसानों ने प्रदर्शन कर मुकदमों के निस्तारण के बाद पैमाइश प्रक्रिया पूरी करने की मांग की।
किसानों ने कहा कि चकबंदी के अधिकारियों ने उनके मूल गाटे पर दूसरे का चक बना दिया है। उनका कहना है कि जिन किसानों का जमीन कम मालियत में था उनकी जमीन अधिक मालियत वाले नंबर में बना कर उनकी जमीनें कम कर दी गई। इससे किसानों की जमीन कम हो गई। दूसरे चक नंबर पर कर देने से परेशान हैं। लंबित मुकदमों का निस्तारण किए बिना पैमाइश की तैयारी की जा रही है।
इससे किसानों में आक्रोश है। उनका कहना है कि मुकदमों का निस्तारण किया जाए और चकबंदी अधिकारियों द्वारा गांव में सेक्टरवार बैठक कर किसानों की आपत्तियों को दूर करने के बाद पैमाइश की प्रक्रिया शुरू की जाए।
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राम सूरत गौतम ने बताया कि गाटा संख्या 1848 जो अनुसूचित जाति के आबादी व कब्रिस्तान की जमीन सुरक्षित थी उसे साजिश करके खारिज कर दिया गया। नेबूलाल ने बताया कि गाटा संख्या 1754 जो उनका मूल चक है जिसमे दूसरे का का चक बना दिया गया और एक चक की जगह अलग अलग जगहों पर चार चक बना दिया गया, उन्होंने बताया कि चकबंदी आयुक्त को पत्र देर समस्या बताई। लेकिन उसका निस्तारण किए बगैर पैमाइश प्रक्रिया पूरी करने की जल्दबाजी की जा रही है। संवाद
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किसानों ने कहा कि चकबंदी के अधिकारियों ने उनके मूल गाटे पर दूसरे का चक बना दिया है। उनका कहना है कि जिन किसानों का जमीन कम मालियत में था उनकी जमीन अधिक मालियत वाले नंबर में बना कर उनकी जमीनें कम कर दी गई। इससे किसानों की जमीन कम हो गई। दूसरे चक नंबर पर कर देने से परेशान हैं। लंबित मुकदमों का निस्तारण किए बिना पैमाइश की तैयारी की जा रही है।
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इससे किसानों में आक्रोश है। उनका कहना है कि मुकदमों का निस्तारण किया जाए और चकबंदी अधिकारियों द्वारा गांव में सेक्टरवार बैठक कर किसानों की आपत्तियों को दूर करने के बाद पैमाइश की प्रक्रिया शुरू की जाए।
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राम सूरत गौतम ने बताया कि गाटा संख्या 1848 जो अनुसूचित जाति के आबादी व कब्रिस्तान की जमीन सुरक्षित थी उसे साजिश करके खारिज कर दिया गया। नेबूलाल ने बताया कि गाटा संख्या 1754 जो उनका मूल चक है जिसमे दूसरे का का चक बना दिया गया और एक चक की जगह अलग अलग जगहों पर चार चक बना दिया गया, उन्होंने बताया कि चकबंदी आयुक्त को पत्र देर समस्या बताई। लेकिन उसका निस्तारण किए बगैर पैमाइश प्रक्रिया पूरी करने की जल्दबाजी की जा रही है। संवाद