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रोशनी गंवाए मरीजों को लखनऊ भेजा गया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Nov 2015 01:15 AM IST
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बस्ती। रोशनी वापस लाने के लिए अस्पताल प्रबंधन मरीजों को लखनऊ मेडिकल
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कॉलेज ले गया। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम में कुरियार गांव के शिविर
में चयनित मरीजों का संतकबीर आई हॉस्पिटल में 23 अक्टूबर को ऑपरेशन हुअा
था।
ऑपरेशन के बाद कुरियार गांव की जगवंता पत्नी पतिराज, अवधराजी पत्नी मनरुप, शिवचरन पुत्र अधारे, गुजराती पत्नी शिवचरन सहित पांच मरीजों की आंखों की रोशनी नहीं आई। उनको शुक्रवार को अस्पताल की टीम निजी एंबुलेंस से लखनऊ इलाज के लिए ले गई।
बता दें कि ऑपरेशन के बाद रोशनी न आने के बाद इन मरीजों की डिप्टी सीएमओ और अंधता निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ सीएल कन्नौजिया ने 16 नवंबर को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में जांच कराई थी।
वहां के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ राजकुमार जायसवाल ने जांच के बाद दवाओं का परामर्श देकर उनको लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था। अगले दिन डिप्टी सीएमओ ने डॉक्टर के परामर्श के अनुसार, कुछ दवाओं का उपलब्ध कराकर पीड़ित मरीजों के परिवार वालों तक पहुंचवाया।
इसके बाद सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के निर्देश पर शुक्रवार को संतकबीर आई हॉस्पिटल के संचालक निर्मल सिंह ने निजी एंबुलेंस से अपने अस्पताल के आप्टोमेट्रिक महेंद्र के साथ लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए भेजा।
ऑपरेशन के बाद कुरियार गांव की जगवंता पत्नी पतिराज, अवधराजी पत्नी मनरुप, शिवचरन पुत्र अधारे, गुजराती पत्नी शिवचरन सहित पांच मरीजों की आंखों की रोशनी नहीं आई। उनको शुक्रवार को अस्पताल की टीम निजी एंबुलेंस से लखनऊ इलाज के लिए ले गई।
बता दें कि ऑपरेशन के बाद रोशनी न आने के बाद इन मरीजों की डिप्टी सीएमओ और अंधता निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ सीएल कन्नौजिया ने 16 नवंबर को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में जांच कराई थी।
वहां के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ राजकुमार जायसवाल ने जांच के बाद दवाओं का परामर्श देकर उनको लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था। अगले दिन डिप्टी सीएमओ ने डॉक्टर के परामर्श के अनुसार, कुछ दवाओं का उपलब्ध कराकर पीड़ित मरीजों के परिवार वालों तक पहुंचवाया।
इसके बाद सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के निर्देश पर शुक्रवार को संतकबीर आई हॉस्पिटल के संचालक निर्मल सिंह ने निजी एंबुलेंस से अपने अस्पताल के आप्टोमेट्रिक महेंद्र के साथ लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए भेजा।