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Basti News: सरकार का प्रयास... चिटफंड कंपनी में डूबा धन मिलने की जगी आस
Sat, 08 Jul 2023 01:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 08 Jul 2023 01:32 AM IST
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बस्ती। कलक्ट्रेट में लोगों की भीड़ है। चेहरे पर परेशानी.. मगर आंखों में एक आस है कि सरकार के प्रयास से उनकी डूब चुकी जमापूंजी वापस मिल सकेगी। यही उम्मीद उन्हें कलक्ट्रेट के उस काउंटर तक खींच लाई है, जहां सहारा इंडिया समेत अन्य चिटफंड कंपनियों में पाई-पाई जोड़कर जमा की गई उनकी गाढ़ी कमाई फंसी है। डीएम प्रियंका निरंजन ने ऐसे लोगों की सूची बनाने के लिए एडवाइजरी जारी कर रखी है।
शुक्रवार को काउंटर से पता चला कि सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक 817 लोगों ने आवेदन जमा किया है। पिछले बीस दिनों में कुल 12 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। लोग करीब 40 करोड़ रुपये वापसी के लिए आवेदन कर चुके हैं।
सीआरओ दफ्तर में हर रोज निवेशकों की लाइन लग रही है। पिछले 15 जून से अब तक 12 हजार पीड़ितों ने आवेदन किया था। यहां कांउटर के आसपास तो उतनी भीड़ नहीं थी, मगर परिसर खचाखच था।
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बोले पीड़ित-
- सहारा इंडिया में करीब 15 साल पहले 50 हजार रुपये जमा किया था। तब कहा गया था कि कुछ ही साल में रकम दोगुनी हो जाएगी। इस लालच में फंस गए। अब करीब 1.50 लाख रुपये फंसे हुए हैं। हम तो कहते हैं कि हमारा सिर्फ मूलधन ही लौटा तो, हमें कोई फायदा नहीं चाहिए। -रामफिकर यादव, कटया
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सहारा इंडिया में 10 हजार रुपये फंसा हुआ है। एक-एक पैसा जोड़कर आरडी और एफडी में रकम जमा की थी। 15 साल से ज्यादा हो गए, मगर मूलधन भी नहीं मिला। अब उम्मीद है कि रकम मिल जाएगी। ब्याज के साथ रकम मिलेगी तो लाभ होगा। प्रशासन का यह कदम सराहनीय है। -कौशल्या ग्राम पगार खास
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चिटफंड कंपनी में 1.50 लाख रुपये फंसा हुआ है। वर्ष 2016 में रकम मिलनी थी, लेकिन आज तक एक पैसा नहीं मिला। सरकार चाहेगी तो सभी का पैसा जरूर मिल जाएगा। अब हम लोगों से आवेदन के साथ ब्योरा भी लिया जा रहा है। उम्मीद है कि अब सहारा में डूबा धन जरूर मिल जाएगा। -शकुंतला देवी, रेवटा दुबौला
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मेरे पिताजी ने पाई-पाई जोड़कर सहारा में धन जमा किया था। उनका निधन एक वर्ष पहले हो गया। जब वह बीमार थे तब इस धन को लेने का प्रयास किया, मगर परिणाम शून्य रहा। प्रशासन की यह पहल रंग लाएगी। गरीबों का डूबा धन मिल जाएगा तो कई परिवार सुखी हाे जाएंगे। -कोमल, दुबौला
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आवेदन के बाद यह होगी प्रक्रिया
निवेशकों के आवेदनों को संस्थागत वित्त, बीमा एवं बाह्य सहायतित परियोजना महानिदेशालय के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। फिर इसके बाद निस्तारण की दिशा में कार्रवाई होगी। प्रशासन ने आवेदन के साथ ब्योरा मांगा तो लोगों को एक उम्मीद जगी है कि प्रशासन के सक्रियता से डूबा धन मिल जाएगा।
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ऐसे करें आवेदन
जिन लोगों का धन चिटफंड कंपनी में फंसा है वह लोग अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, संबंधित कंपनी की पासबुक, जमा किए गए धन का बांड लेकर आवेदन पत्र के साथ लेकर कलक्ट्रेट स्थित सीआरओ कार्यालय में काउंटर पर जाएं। जहां इस आवेदन को जमा कर पावती दे दी जाएगी।
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बोले एडीएम
एडीएम कमलेश चंद्र बाजपेयी ने कहा कि शासन की नीति के अनुसार चिटफंड कंपनी के निवेशकों का आवेदन लिया जा रहा है। इसका निस्तारण कराकर लोगो को राहत दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी को उनकी जमा राशि मिल जाए।
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शुक्रवार को काउंटर से पता चला कि सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक 817 लोगों ने आवेदन जमा किया है। पिछले बीस दिनों में कुल 12 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। लोग करीब 40 करोड़ रुपये वापसी के लिए आवेदन कर चुके हैं।
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सीआरओ दफ्तर में हर रोज निवेशकों की लाइन लग रही है। पिछले 15 जून से अब तक 12 हजार पीड़ितों ने आवेदन किया था। यहां कांउटर के आसपास तो उतनी भीड़ नहीं थी, मगर परिसर खचाखच था।
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बोले पीड़ित-
- सहारा इंडिया में करीब 15 साल पहले 50 हजार रुपये जमा किया था। तब कहा गया था कि कुछ ही साल में रकम दोगुनी हो जाएगी। इस लालच में फंस गए। अब करीब 1.50 लाख रुपये फंसे हुए हैं। हम तो कहते हैं कि हमारा सिर्फ मूलधन ही लौटा तो, हमें कोई फायदा नहीं चाहिए। -रामफिकर यादव, कटया
सहारा इंडिया में 10 हजार रुपये फंसा हुआ है। एक-एक पैसा जोड़कर आरडी और एफडी में रकम जमा की थी। 15 साल से ज्यादा हो गए, मगर मूलधन भी नहीं मिला। अब उम्मीद है कि रकम मिल जाएगी। ब्याज के साथ रकम मिलेगी तो लाभ होगा। प्रशासन का यह कदम सराहनीय है। -कौशल्या ग्राम पगार खास
चिटफंड कंपनी में 1.50 लाख रुपये फंसा हुआ है। वर्ष 2016 में रकम मिलनी थी, लेकिन आज तक एक पैसा नहीं मिला। सरकार चाहेगी तो सभी का पैसा जरूर मिल जाएगा। अब हम लोगों से आवेदन के साथ ब्योरा भी लिया जा रहा है। उम्मीद है कि अब सहारा में डूबा धन जरूर मिल जाएगा। -शकुंतला देवी, रेवटा दुबौला
मेरे पिताजी ने पाई-पाई जोड़कर सहारा में धन जमा किया था। उनका निधन एक वर्ष पहले हो गया। जब वह बीमार थे तब इस धन को लेने का प्रयास किया, मगर परिणाम शून्य रहा। प्रशासन की यह पहल रंग लाएगी। गरीबों का डूबा धन मिल जाएगा तो कई परिवार सुखी हाे जाएंगे। -कोमल, दुबौला
आवेदन के बाद यह होगी प्रक्रिया
निवेशकों के आवेदनों को संस्थागत वित्त, बीमा एवं बाह्य सहायतित परियोजना महानिदेशालय के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। फिर इसके बाद निस्तारण की दिशा में कार्रवाई होगी। प्रशासन ने आवेदन के साथ ब्योरा मांगा तो लोगों को एक उम्मीद जगी है कि प्रशासन के सक्रियता से डूबा धन मिल जाएगा।
ऐसे करें आवेदन
जिन लोगों का धन चिटफंड कंपनी में फंसा है वह लोग अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, संबंधित कंपनी की पासबुक, जमा किए गए धन का बांड लेकर आवेदन पत्र के साथ लेकर कलक्ट्रेट स्थित सीआरओ कार्यालय में काउंटर पर जाएं। जहां इस आवेदन को जमा कर पावती दे दी जाएगी।
बोले एडीएम
एडीएम कमलेश चंद्र बाजपेयी ने कहा कि शासन की नीति के अनुसार चिटफंड कंपनी के निवेशकों का आवेदन लिया जा रहा है। इसका निस्तारण कराकर लोगो को राहत दी जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी को उनकी जमा राशि मिल जाए।