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सरकारी बस चलाने को नहीं मिल रहे चालक

Wed, 29 May 2019 11:46 PM IST
बस्ती Published by: राकेश पांडेय Updated Wed, 29 May 2019 11:46 PM IST
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Driver not being able to run a government bus
सरकारी बस चलाने को नहीं मिल रहे चालक - फोटो : अमर उजाला
बस्ती। सरकारी नौकरी की दरकार हर किसी को है, मगर यहां सरकारी बस चलाने के लिए परिवहन निगम को ढूंढे चालक नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में हर दिन यहां एक दर्जन से अधिक बसों का पहिया ठहर जाता है। हालांकि अधिकारी इसे सिरे से खारिज करते हैं वे कहते हैं कि ऐसी बसों की संख्या आधा दर्जन मानी जा सकती है जो चालक के अभाव में खड़ी रहती हैं।
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परिवहन निगम के बेडे में यहां 97 बसें हैं। हर बस पर मानक के अनुसार तीन चालक होते हैं। यानी यहां जरूरत 291 चालकों की हर दिन होती है। इसके सापेक्ष यहां स्थायी व संविदा के कुल 183 चालक हैं, जिसमें महज 51 स्थायी जबकि शेष संविदा के चालकों की नियुक्ति है। संविदा पर कार्य करने वाले चालकों को प्रति किमी 1.36 रुपये मानदेय दिया जाता है। इतने कम रुपये में यहां सरकारी बस चलाने के लिए कोई तैयार नहीं है। ऐसे में हर दिन महानगरों को जाने वाली कई बसों का संचालन बंद हो जाता है। 
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वैसे भी नियमानुसार दिल्ली, आगरा व दूरस्थ महानगरों की बसों के आगमन पर उन्हें दिन भर रोक कर शाम को ही उसको भेजा जाता है। इसके पीछे अधिकारी मरम्मत का तर्क देते हैं। 
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एआरएम रोडवेज आरपी सिंह ने कहा कि यह सही है कि चालकों की संख्या कम है, मगर आधा दर्जन बसों का संचालन इससे प्रभावित होता है। वैसे प्रयास किया जाता है कि सभी बसें गतंव्य की ओर जाएं। क्योंकि बसों के परिचालन से यात्रियों को सुविधा होती है। कहा कि चालकों की कमी पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, मगर प्रशिक्षित चालक सरकारी बस चलाने से न जाने क्यों कतरा रहे हैं। प्रयास जारी है। 
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