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Basti News: वाल्टरगंज थानाध्यक्ष को भारी पड़ी कोर्ट के आदेश की अवहेलना
Sun, 19 May 2024 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 19 May 2024 02:17 AM IST
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नाबालिग से जबरिया शादी करने के मामले में आदेश के बाद भी दर्ज नहीं किया एफआईआर
न्यायाधीश ने एसपी को कार्रवाई करने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज न करना वाल्टरगंज थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। कोर्ट ने इसे आदेश की अवहेलना के रूप में लेते हुए पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई का आदेश दिया है। न्यायाधीश ने एसपी से कार्रवाई की आख्या भी तलब किया है।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार सप्तम ने नाबालिग से जबरदस्ती शादी करने के मामले में 6 मई 2024 को वाल्टरगंज थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। उन्होंने 15 मई तक मामले में एफआईआर नहीं दर्ज किया। पीड़ित ने अधिवक्ता प्रशांत कुमार के माध्यम से न्यायालय में प्रगति रिपोर्ट दाखिल की। मामले की सुनवाई कर न्यायाधीश ने 17 मई तक वाल्टरगंज थानाध्यक्ष से आख्या तलब किया। लेकिन उनके द्वारा न्यायालय को कृत कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया।
इसे न्यायाधीश ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना मानते हुए धारा 166 (क) ग के तहत थानाध्यक्ष वाल्टरगंज को दोषी पाया। न्यायाधीश ने आदेश में कहा है कि वाल्टरगंज थानाध्यक्ष ने न्यायालय द्वारा पारित आदेश की अवहेलना किया है। मामले में मांगी गई आख्या तक उन्होंने उपलब्ध नहीं कराया, यह एक अपराध है। पुलिस अधीक्षक को आदेश देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे में वाल्टरगंज थानाध्यक्ष पर धारा 166 (क) ग के तहत कार्रवाई कर न्यायालय को अवगत कराएं।
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न्यायाधीश ने एसपी को कार्रवाई करने का दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज न करना वाल्टरगंज थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। कोर्ट ने इसे आदेश की अवहेलना के रूप में लेते हुए पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई का आदेश दिया है। न्यायाधीश ने एसपी से कार्रवाई की आख्या भी तलब किया है।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार सप्तम ने नाबालिग से जबरदस्ती शादी करने के मामले में 6 मई 2024 को वाल्टरगंज थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। उन्होंने 15 मई तक मामले में एफआईआर नहीं दर्ज किया। पीड़ित ने अधिवक्ता प्रशांत कुमार के माध्यम से न्यायालय में प्रगति रिपोर्ट दाखिल की। मामले की सुनवाई कर न्यायाधीश ने 17 मई तक वाल्टरगंज थानाध्यक्ष से आख्या तलब किया। लेकिन उनके द्वारा न्यायालय को कृत कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया।
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इसे न्यायाधीश ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना मानते हुए धारा 166 (क) ग के तहत थानाध्यक्ष वाल्टरगंज को दोषी पाया। न्यायाधीश ने आदेश में कहा है कि वाल्टरगंज थानाध्यक्ष ने न्यायालय द्वारा पारित आदेश की अवहेलना किया है। मामले में मांगी गई आख्या तक उन्होंने उपलब्ध नहीं कराया, यह एक अपराध है। पुलिस अधीक्षक को आदेश देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे में वाल्टरगंज थानाध्यक्ष पर धारा 166 (क) ग के तहत कार्रवाई कर न्यायालय को अवगत कराएं।
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