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Basti News: कॉलेजों में बनेगी आपदा प्रबंधन टीम, बचाव कार्य में दक्ष होंगे विद्यार्थी
Fri, 31 May 2024 01:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 31 May 2024 01:33 AM IST
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- आपदा की स्थिति में त्वरित राहत व बचाव के सिखाए जाएंगे गुर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्य करने में इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों को दक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में विशेष टीम गठित होगी। टीम के सदस्यों को प्रशिक्षित करने के बाद सभी छात्र-छात्राओं को आपदा से बचाव की जानकारी दी जाएगी।
जिले के माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को आपदा की जानकारी देने के लिए जिला और विद्यालय स्तर पर स्कूल सेफ्टी एडवाइजरी कमेटी का गठन होगा। कमेटी गठन के लिए डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं। विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति में प्रधानाचार्य को अध्यक्ष, उप प्रधानाचार्य या वरिष्ठ शिक्षक के साथ डीआईओएस सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। साथ ही एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड, क्लास मॉनीटर में से एक से चार सदस्य लिए जाएंगे।
आपदा विशेषज्ञ, नजदीकी अग्निशमन केंद्र व नजदीकी पुलिस स्टेशन का एक-एक कर्मी, एक स्थानीय चिकित्सक व नागरिक सुरक्षा से एक वार्डन प्रतिनिधि सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। इसी तरह विद्यालय स्तर पर उप समितियों का गठन होगा। जागरूकता सृजन, चेतावनी और सूचना प्रसार टीम में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक सहित दो छात्र, दो छात्राओं को शामिल किया जाएगा। खोजी व बचाव दल में एक शिक्षक भी होगा।
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ये लोग टीम में शामिल होंगे
अग्नि बचाव दल में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक, दो छात्र, दो छात्राओं के साथ ही अग्निशमन केंद्र का एक कर्मी शामिल होगा। प्राथमिक उपचार टीम में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक, दो छात्र, दो छात्राएं व एक चिकित्सक शामिल किया जाएगा। बस सुरक्षा दल में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक, दो छात्र व दो छात्राओं के साथ ही एक महिला व एक पुरुष पुलिसकर्मी शामिल होगा। स्थल सुरक्षा दल में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक सहित दो छात्र व दो छात्राओं सहित थानाध्यक्ष शामिल होंगे।
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वर्जन-
- आपदा प्रबंधन समिति बनने से छात्रों को आपदा व बचाव के बारे में जानकारी मिलेगी। साथ ही समय- समय पर संबंधित विभागों की ओर से छात्रों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
जगदीश शुक्ल, डीआईओएस।
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बस्ती। किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्य करने में इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों को दक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में विशेष टीम गठित होगी। टीम के सदस्यों को प्रशिक्षित करने के बाद सभी छात्र-छात्राओं को आपदा से बचाव की जानकारी दी जाएगी।
जिले के माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को आपदा की जानकारी देने के लिए जिला और विद्यालय स्तर पर स्कूल सेफ्टी एडवाइजरी कमेटी का गठन होगा। कमेटी गठन के लिए डीआईओएस ने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं। विद्यालय आपदा प्रबंधन समिति में प्रधानाचार्य को अध्यक्ष, उप प्रधानाचार्य या वरिष्ठ शिक्षक के साथ डीआईओएस सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। साथ ही एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड, क्लास मॉनीटर में से एक से चार सदस्य लिए जाएंगे।
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आपदा विशेषज्ञ, नजदीकी अग्निशमन केंद्र व नजदीकी पुलिस स्टेशन का एक-एक कर्मी, एक स्थानीय चिकित्सक व नागरिक सुरक्षा से एक वार्डन प्रतिनिधि सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा। इसी तरह विद्यालय स्तर पर उप समितियों का गठन होगा। जागरूकता सृजन, चेतावनी और सूचना प्रसार टीम में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक सहित दो छात्र, दो छात्राओं को शामिल किया जाएगा। खोजी व बचाव दल में एक शिक्षक भी होगा।
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ये लोग टीम में शामिल होंगे
अग्नि बचाव दल में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक, दो छात्र, दो छात्राओं के साथ ही अग्निशमन केंद्र का एक कर्मी शामिल होगा। प्राथमिक उपचार टीम में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक, दो छात्र, दो छात्राएं व एक चिकित्सक शामिल किया जाएगा। बस सुरक्षा दल में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक, दो छात्र व दो छात्राओं के साथ ही एक महिला व एक पुरुष पुलिसकर्मी शामिल होगा। स्थल सुरक्षा दल में एक महिला व एक पुरुष शिक्षक सहित दो छात्र व दो छात्राओं सहित थानाध्यक्ष शामिल होंगे।
वर्जन-
- आपदा प्रबंधन समिति बनने से छात्रों को आपदा व बचाव के बारे में जानकारी मिलेगी। साथ ही समय- समय पर संबंधित विभागों की ओर से छात्रों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
जगदीश शुक्ल, डीआईओएस।