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Basti News: खाली प्राथमिक स्कूलों में बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी
Mon, 18 Aug 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 18 Aug 2025 01:01 AM IST
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बस्ती। जिले में युग्मन के बाद खाली हुए 140 प्राथमिक विद्यालयों में करीब 90 विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन होने लगा है। शेष विद्यालयों में लाइब्रेरी या डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की तैयारी है।
बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि युग्मन के बाद जाे 140 प्राथमिक विद्यालय खाली हुए हैं, उनमें से करीब 75 प्राथमिक विद्यालयों में पहले से ही बाल वाटिका का संचालन हो रहा था। जिन क्षेत्रों में बाल वाटिका नहीं थी, करीब 15 प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन किया जाने लगा है। बाल वाटिका में बच्चों की शिक्षा और उनके शारीरिक विकास के लिए ईसीसी एजुकेटरों की तैनाती की जा चुकी है। अब उन्हें आवश्यकतानुसार बाल वाटिकाओं पर तैनात किया जा रहा है। जिन बाल वाटिकाओं में ईसीसी एजुकेटरों की तैनाती नहीं हो पाएगी, वहां शिक्षामित्र या शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
बीएसए ने बताया कि बाल वाटिकाओं के खुलने के बाद जो विद्यालय खाली रह गए हैं, उनका भी पूरी तरह सदुपयोग किया जाएगा। ग्राम पंचायतों से बातचीत कर उन विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी या लाइब्रेरी की स्थापना कराई जाएगी, जिससे गांव के बच्चे वहां शिक्षा हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारियों को खाली विद्यालयों का सर्वे करने के लिए कहा गया है। ग्राम प्रधानों से बातचीत कर विद्यालयों की स्थिति को ठीक कराने और उसमें लाइब्रेरी या डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बीएसए अनूप कुमार ने बताया कि युग्मन के बाद जाे 140 प्राथमिक विद्यालय खाली हुए हैं, उनमें से करीब 75 प्राथमिक विद्यालयों में पहले से ही बाल वाटिका का संचालन हो रहा था। जिन क्षेत्रों में बाल वाटिका नहीं थी, करीब 15 प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका का संचालन किया जाने लगा है। बाल वाटिका में बच्चों की शिक्षा और उनके शारीरिक विकास के लिए ईसीसी एजुकेटरों की तैनाती की जा चुकी है। अब उन्हें आवश्यकतानुसार बाल वाटिकाओं पर तैनात किया जा रहा है। जिन बाल वाटिकाओं में ईसीसी एजुकेटरों की तैनाती नहीं हो पाएगी, वहां शिक्षामित्र या शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
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बीएसए ने बताया कि बाल वाटिकाओं के खुलने के बाद जो विद्यालय खाली रह गए हैं, उनका भी पूरी तरह सदुपयोग किया जाएगा। ग्राम पंचायतों से बातचीत कर उन विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी या लाइब्रेरी की स्थापना कराई जाएगी, जिससे गांव के बच्चे वहां शिक्षा हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारियों को खाली विद्यालयों का सर्वे करने के लिए कहा गया है। ग्राम प्रधानों से बातचीत कर विद्यालयों की स्थिति को ठीक कराने और उसमें लाइब्रेरी या डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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