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Basti News: डीजल-पेट्रोल की आवक कम...पंपों पर ग्राहकों की भीड़

Sun, 17 May 2026 12:55 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2026 12:55 AM IST
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Diesel and petrol arrivals are low... customers crowd at pumps
शहर के एक पेट्रोल पंप पर डीजल-पेट्रोल के लिए लगी कतार संवाद
्बस्ती। डीजल-पेट्रोल को लेकर परेशानी बढ़ने लगी है। शहरी क्षेत्र के पचास प्रतिशत पेट्रोल पंप ड्राई पड़े हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में समस्या ज्यादा बढ़ी हुई है। न्याय पंचायत एवं ब्लॉक स्तर के संपर्क मार्गों पर स्थित अधिकांश पंप ड्राई हो चुके हैं। ग्रामीणों को वाहन में डीजल-पेट्रोल भरवाने के लिए जिला स्तरीय मार्ग, हाईवे एवं शहरी क्षेत्र के पेट्रोल पंपों तक दौड़ लगानी पड़ रही है। इसलिए दो दिनों से पेट्रोल पंप खुलते ही ग्राहकों की भीड़ जुट रही है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले भर में संचालित 183 में से 17 पेट्रोल पंप ड्राई घोषित हो चुके हैं। जबकि पेट्रोल पंप संचालकों का कहना हैं कि 50 प्रतिशत से अधिक पंप प्रत्येक दिन ड्राई हो रहे हैं। डिमांड और इनवाइस (बिल भुगतान) भेजने के बाद भी डीजल-पेट्रोल नियमित रूप से नहीं आ रहा है। एक टैंकर की आवक दो से तीन दिन के अंतराल पर हो रहा है। इसी वजह से पेट्रोल पंप बंद करना पड़ रहा है।
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शनिवार को शहर के गांधीनगर मार्ग, मालवीय मार्ग, रेलवे स्टेशन मार्ग, जिगिना मार्ग पर आधा दर्जन पेट्रोल पंप बंद रहे। जिन पंपों पर तेल का वितरण हो रहा था वहां वाहनों की लंबी कतार लगी रही। पेट्रोल पंप पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि इधर एक सप्ताह से आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। सभी पंपों पर आपूर्ति न होने से भीड़ दोगुना हो गई है। सामान्य दिनों से अधिक बिक्री हो रही है। इसी वजह से डीजल-पेट्रोल खत्म हो जा रहे हैं।
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मालवीय मार्ग के एक पेट्रोल पंप पर लाइन में खड़े पाकरडाड़ के राजेश ने बताया कि बस्ती से पाकरडाड़ तक 15 किमी के बीच छह पेट्रोल पंप हैं, सभी ड्राई पड़े हैं। विवश होकर शहर में आना पड़ा। किल्लत की वजह से बजट न होने के बाद भी गाड़ी में अधिक तेल भरवाना पड़ रहा है। इसके लिए अन्य खर्च में कटौती करनी पड़ रही है। वहीं प्रभाकर कुमार ने बताया कि यह आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। इससे महंगाई भी बढ़ रही है। सरकार को मूल्य नियंत्रण पर कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।
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लोग बोले-
रसोई गैस की समस्या से तो लोग जूझ ही रहे हैं, डीजल-पेट्रोल को लेकर भी अब मुश्किलें बढ़ रही हैं। गाड़ी लेकर पूरे शहर में खोजना पड़ रहा है कि किस पंप पर इसकी उपलब्धता है। लाइन में लगने के बाद पेट्रोल मिल रहा है। मूल्य भी बढ़ गया है। इसकी मार हम लोगों को झेलनी पड़ रही है।
-अविनाश शुक्ल, पिकौरा शिवगुलाम।
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सरकार को डीजल पेट्रोल के मूल्य पर नियंत्रण करना चाहिए। वरना सभी वस्तुओं के कीमत में बेतहाशा वृद्धि होगी। इसका असर आम आदमी पर पड़ेगा। इधर चार पांच दिनों से डीजल पेट्रोल के लिए लाइन लगानी पड़ रही है।

-अमित कुमार पांडेय, बैरियहवां।
कोट
डीजल-पेट्रोल के आवक में कुछ कमी हुई है। इसमें सुधार के लिए ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों को लगातार पत्र लिखा जा रहा है। उम्मीद हैं कि कुछ दिन में स्थिति ठीक हो जाएगी। वैसे अभी स्थिति सामान्य है।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।
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