फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Did not get satisfactory feedback regarding protection of cow progeny... Commissioner got angry

Basti News: गाेवंश के संरक्षण का नहीं मिला संतोषजनक फीडबैक... नाराज हुए कमिश्नर

Tue, 05 Dec 2023 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 05 Dec 2023 12:54 AM IST
विज्ञापन
Did not get satisfactory feedback regarding protection of cow progeny... Commissioner got angry
बस्ती। गोवंश के संरक्षण के सभी दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। इसका संतोषजनक फीडबैक उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंच रहा है। सोमवार को आयुक्त सभागार में समीक्षा के दौरान गोवंश को पकड़ने से लेकर आश्रय स्थलों तक सिलसिलेवार पोल खुली। अव्यवस्था की रिपोर्ट सुनते ही कमिश्नर अखिलेश सिंह नाराज हो गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
विज्ञापन

समीक्षा में पाया गया कि 6- 6 माह से गो आश्रय स्थलों पर तैनात केयरटेकरों को मानदेय नहीं मिला है, जिन गो पालकों की सुपुर्दगी में छुट्टा पशुओं को दिया गया है, उनके भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दी जाने वाली धनराशि कई महीनों से नहीं दी गई है। गो आश्रय स्थलों पर रजिस्टर दुरुस्त न होने का भी मामला सामने आया। अभियान के तहत पशुओं की पकड़ने की गति भी बेहद धीमी पाई गई।
विज्ञापन

कमिश्नर ने कहा कि यह शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता का कार्यक्रम है। इसमें लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले के सीडीओ को निर्देशित किए कि प्रत्येक माह इसकी समीक्षा कर व्यवस्था में अनिवार्य रूप से सुधार करें। पशु चिकित्सा अधिकारी सप्ताह में दो बार आश्रय स्थलों का निरीक्षण करें। वहां उपलब्ध रजिस्टर पर अपनी टिप्पणी अंकित करें। प्राकृतिक या दुर्घटना में मृतक पशुओं का विवरण भी रजिस्टर में दर्ज किया जाए। यह विवरण पोर्टल पर भी दर्ज किया जाए। इससे संबंधित एक रजिस्टर ग्राम पंचायत सचिव कार्यालय में भी रखा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह थी छुट्टा पशुओं को पकड़ने की प्रगति
बस्ती में 2500 लक्ष्य के सापेक्ष 888, संत कबीर नगर में 1500 के सापेक्ष 202 तथा सिद्धार्थनगर में 2000 के सापेक्ष 698 पशु पकड़कर संरक्षित किए गए हैं। इस पर कमिश्नर ने कहा कि 15 दिसंबर को शासन के नोडल अधिकारी द्वारा अभियान की समीक्षा की जाएगी। इससे पहले अवशेष पशुओं को पकड़कर लक्ष्य पूरा किया जाए। सभी गोआश्रय स्थलों पर रात में केयरटेकर के रुकने की भी व्यवस्था बनाई जाए। रात्रि निवास करने वाले केयरटेकरों को 10 हजार मानदेय दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed