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Basti News: अधिकमास के पहले सोमवार को उमड़े श्रद्धालु, हुआ जलाभिषेक
Tue, 19 May 2026 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 19 May 2026 12:37 AM IST
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भद्रेश्वरनाथ शिवमंदिर पर जलाभिषेक के लिए उमड़े श्रद्धालु। संवाद
बस्ती। मलमास यानी अधिकमास के पहले सोमवार को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्तों ने जलाभिषेक किया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिवालयों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। अपने इष्ट को आस्था का जल अर्पित करने के लिए शिवभक्त बेताब दिखे। भद्रेश्वरनाथ समेत अन्य शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। शहर के कंपनीबाग, कटरा, गांधीनगर, पुरानी बस्ती, पुलिस लाइन रोड, अमहट आदि स्थानों पर स्थित शिव मंदिरों में भी शिवभक्ताें ने जलाभिषेक किया।
ज्योतिषी पंडित देवस्य मिश्र के मुताबिक इस बार का मलमास सावन से पहले पड़ा है। इसमें कई शुभ नक्षत्रों का संयोग बन रहा है। मलमास में भगवान शिव की पूजा-आराधना और मंत्रों का जाप करने पर भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं। इस शुभ संयोग में पूजा करने पर व्यक्ति को मान-सम्मान, धन में वृद्धि, आत्मविश्वास में वृद्धि और जीवन के हर एक क्षेत्र में तरक्की मिलती है। भद्रेश्वरनाथ मंदिर पर भोर से ही शिव भक्त पहुंचने लगे थे। सुबह से ही जलाभिषेक करने वालों का कतार लगना शुरू हो गया था। शाम तक श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते रहे। इस बीच मंदिर परिसर में राम चरित्र मानस पाठ, रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए। मंदिर के गर्भगृह में एक साथ कई लोग रुद्राभिषेक करते देखे गए। जो लोग मंदिर नहीं जा सके, वे अपने घरों में ही फूल, विल्वपत्र, अक्षत, भांग, धतूरा लेकर महादेव का जलाभिषेक किया। इसके अलावा भारीनाथ, महादेवा, हरदेवनाथ, देवरिया, तिलकपुर, शोहरतनाथ आदि शिवमंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल चढ़ाया।
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ज्योतिषी पंडित देवस्य मिश्र के मुताबिक इस बार का मलमास सावन से पहले पड़ा है। इसमें कई शुभ नक्षत्रों का संयोग बन रहा है। मलमास में भगवान शिव की पूजा-आराधना और मंत्रों का जाप करने पर भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं। इस शुभ संयोग में पूजा करने पर व्यक्ति को मान-सम्मान, धन में वृद्धि, आत्मविश्वास में वृद्धि और जीवन के हर एक क्षेत्र में तरक्की मिलती है। भद्रेश्वरनाथ मंदिर पर भोर से ही शिव भक्त पहुंचने लगे थे। सुबह से ही जलाभिषेक करने वालों का कतार लगना शुरू हो गया था। शाम तक श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते रहे। इस बीच मंदिर परिसर में राम चरित्र मानस पाठ, रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए गए। मंदिर के गर्भगृह में एक साथ कई लोग रुद्राभिषेक करते देखे गए। जो लोग मंदिर नहीं जा सके, वे अपने घरों में ही फूल, विल्वपत्र, अक्षत, भांग, धतूरा लेकर महादेव का जलाभिषेक किया। इसके अलावा भारीनाथ, महादेवा, हरदेवनाथ, देवरिया, तिलकपुर, शोहरतनाथ आदि शिवमंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल चढ़ाया।
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