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Basti News: डॉक्टर प्रशिक्षण में, जिला अस्पताल का दंत विभाग बंद
Sat, 06 Apr 2024 01:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 06 Apr 2024 01:24 AM IST
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रोज 60 से 70 दांत के मरीज जिला अस्पताल से लौटने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल में दंत रोग विभाग उपेक्षा का दंश झेल रहा है। इसके चलते यह बंद है। यहां तैनात चिकित्सक एक सप्ताह के लिए प्रशिक्षण में गए हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर का सहारा लेना पड़ रहा है। चिकित्सक की गैर मौजूदगी में यहां मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में करीब चार साल पहले दंत चिकित्सक डॉ. वीपी श्रीवास्तव रिटायर हो गए। इसके बाद इस केंद्र पर ताला लटक गया। करीब दो साल पहले सीएमओ ने यहां के लिए दंत चिकित्सक डॉ. उपासना को संबद्ध कर दिया। इसके बाद यह सेंटर जैसे-तैसे चलने लगा। यहां मरीजों के लिए अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं, मगर उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब एक सप्ताह से संबद्ध चिकित्सक डॉ. उपासना प्रशिक्षण के लिए लखनऊ चलीं गईं। ऐसे रोज 60 से 70 आने वाले मरीजों को बाहर उपचार कराना पड़ रहा है।
दांत का इलाज कराने आए पुरानी बस्ती निवासी रवि शंकर ने कहा कि उनके दांत में टीस है। खाना नहीं खा पा रहे हैं। यहां चिकित्सक को दिखाने आए थे तो पता चला कि वह हैं नहीं। गांधीनगर निवासी संजय कुमार ने कहा कि उनके पत्नी के दांत में पानी लगता है। यहां दिखाने आए थे, मगर चिकित्सक नहीं हैं। अब बाहर इलाज कराना मजबूरी है।
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एसआईसी डॉ. वीके सोनकर ने कहा कि एक सप्ताह से दंत चिकित्सक प्रशिक्षण के लिए गई हैं। जैसे ही उनका प्रशिक्षण समाप्त होगा वह वापस आ जाएंगी। ऐसे में मरीजों को थोड़ी बहुत दिक्कत हो रही है। बिना चिकित्सक के विभाग का संचालन मुश्किल है। प्रयास है कि सभी का समुचित इलाज हो सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला अस्पताल में दंत रोग विभाग उपेक्षा का दंश झेल रहा है। इसके चलते यह बंद है। यहां तैनात चिकित्सक एक सप्ताह के लिए प्रशिक्षण में गए हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर का सहारा लेना पड़ रहा है। चिकित्सक की गैर मौजूदगी में यहां मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में करीब चार साल पहले दंत चिकित्सक डॉ. वीपी श्रीवास्तव रिटायर हो गए। इसके बाद इस केंद्र पर ताला लटक गया। करीब दो साल पहले सीएमओ ने यहां के लिए दंत चिकित्सक डॉ. उपासना को संबद्ध कर दिया। इसके बाद यह सेंटर जैसे-तैसे चलने लगा। यहां मरीजों के लिए अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं, मगर उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब एक सप्ताह से संबद्ध चिकित्सक डॉ. उपासना प्रशिक्षण के लिए लखनऊ चलीं गईं। ऐसे रोज 60 से 70 आने वाले मरीजों को बाहर उपचार कराना पड़ रहा है।
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दांत का इलाज कराने आए पुरानी बस्ती निवासी रवि शंकर ने कहा कि उनके दांत में टीस है। खाना नहीं खा पा रहे हैं। यहां चिकित्सक को दिखाने आए थे तो पता चला कि वह हैं नहीं। गांधीनगर निवासी संजय कुमार ने कहा कि उनके पत्नी के दांत में पानी लगता है। यहां दिखाने आए थे, मगर चिकित्सक नहीं हैं। अब बाहर इलाज कराना मजबूरी है।
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एसआईसी डॉ. वीके सोनकर ने कहा कि एक सप्ताह से दंत चिकित्सक प्रशिक्षण के लिए गई हैं। जैसे ही उनका प्रशिक्षण समाप्त होगा वह वापस आ जाएंगी। ऐसे में मरीजों को थोड़ी बहुत दिक्कत हो रही है। बिना चिकित्सक के विभाग का संचालन मुश्किल है। प्रयास है कि सभी का समुचित इलाज हो सके।