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तेज आंधी के साथ बंूदाबांदी से गेहूं की फसल को नुकसान
बस्ती (ब्यूरो)
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:12 AM IST
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तेज आंधी के साथ बंूदाबांदी से गेहूं की फसल को नुकसान
- फोटो : अमर उजाला
बस्ती। शुक्रवार की शाम करीब 42 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी और हल्की बूंदाबादी से अन्नदाताओं पर संकट के बादल मंडराने लगे। पककर तैयार गेहूं और सरसों की फसलों को काफी क्षति पहुंची। किसानों को चिंता है कि कहीं पिछले सालों की तरह इस बार भी ऐन मौके पर फसल बर्बाद न हो जाए।
मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम में यह बदलाव देख किसानों के होश उड़ गए। मौसम विज्ञानियों ने अगले 72 घंटे तक मौसम इसी तरह रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इससे िकसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें चिंता सता रही है कि अगर गेहूं व सरसों की तैयार फसल खेत में गिर गई तो काफी नुकसान हो सकता है। इससे उनकी मेहनत की कमाई पर पानी फिर सकता है। शुक्रवार शाम को तेज हवाओं के झोकों के साथ हुई बूंदाबांदी ने सरसों और अरहर की खेती करने वाले किसानों के चेहरे की रंगत उड़ा दी। तेज आंधी के साथ बूंदाबादी होने के कारण बहादुरपुर, कलवारी, पिपरा गौतम, बनकटी, रुधौली आदि क्षेत्र में सरसों की फसल जमीन पर बिछ गई। इससे सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है। इन इलाकों के किसान भी चिंतित हैं कि कहीं अगले दो - तीनों तक मौसम का यही हाल रहा तो उनकी सरसों की फसल बर्बाद हो सकती है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के मौसम विभागाध्यक्ष रहे डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार अगले 72 घंटे तक मौसम इसी तरह रहेगा। शनिवार को भी आंधी और बूंदाबांदी का अनुमान लगाया गया है।
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मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम में यह बदलाव देख किसानों के होश उड़ गए। मौसम विज्ञानियों ने अगले 72 घंटे तक मौसम इसी तरह रहने का अनुमान व्यक्त किया है। इससे िकसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें चिंता सता रही है कि अगर गेहूं व सरसों की तैयार फसल खेत में गिर गई तो काफी नुकसान हो सकता है। इससे उनकी मेहनत की कमाई पर पानी फिर सकता है। शुक्रवार शाम को तेज हवाओं के झोकों के साथ हुई बूंदाबांदी ने सरसों और अरहर की खेती करने वाले किसानों के चेहरे की रंगत उड़ा दी। तेज आंधी के साथ बूंदाबादी होने के कारण बहादुरपुर, कलवारी, पिपरा गौतम, बनकटी, रुधौली आदि क्षेत्र में सरसों की फसल जमीन पर बिछ गई। इससे सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है। इन इलाकों के किसान भी चिंतित हैं कि कहीं अगले दो - तीनों तक मौसम का यही हाल रहा तो उनकी सरसों की फसल बर्बाद हो सकती है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज फैजाबाद के मौसम विभागाध्यक्ष रहे डॉ. पद्माकर त्रिपाठी के अनुसार अगले 72 घंटे तक मौसम इसी तरह रहेगा। शनिवार को भी आंधी और बूंदाबांदी का अनुमान लगाया गया है।
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