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Basti News: एंबुलेंस में दरिंदगीः पुलिस और अस्पताल से मदद मिलती तो बच सकती थी जान

Fri, 06 Sep 2024 03:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Fri, 06 Sep 2024 03:24 AM IST
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Cruelty in ambulance: If help had been received from police and hospital, life could have been saved.
- हर्रैया सीएचसी से जिला अस्रताल और फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया पति को, फिर भी हो गई मौत
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-दरिंदों ने पति का ऑक्सीजन मास्क निकालकर फेंका तो बिगड़ी थी उसकी हालत

- डायल 112 ने बीमार पति को पहले अस्पताल पहुंचाने का सुझाव देकर झाड़ा पल्ला



- हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने दो घंटे बाद कर दिया था मेडिकल कॉलेज रेफर



संवाद न्यूज एजेंसी



बस्ती। लखनऊ की एंबुलेंस में दरिंदों का शिकार बनी महिला और उसके भाई का आरोप है कि पुलिस से लेकर सरकारी अस्पतालों तक किसी ने भी उनके प्रति गंभीरता नहीं दिखाई, वरना जान बच सकती थी। पहले दरिंदों के शिकार हुए और फिर सरकारी सिस्टम के लापरवाही का शिकार बने। इसको लेकर अब अधिकारी छानबीन करवा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कड़ी कार्रवाई हो सकती है।



गंभीर रूप से बीमार पति को लेकर पीड़िता 29 अगस्त को सबसे पहले हर्रैया सीएचसी पहुंची थी। वहां से रेफर किए जाने पर वह भाई के साथ एंबुलेंस से बीमार पति को लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी और रात करीब 2:30 बजे पति को भर्ती कराया। इस दौरान पति की लंबी सांस चल रही थी। आराम न मिलने पर चिकित्सकों ने सांस लेने में कठिनाई बताते हुए भोर में 4:28 बजे रेफर कर दिया। गोरखपुर ले जाते समय मौत हो गई।
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29 अगस्त की शाम लखनऊ से बीमार पति को भाई के साथ एंबुलेंस से लेकर चली महिला से दुष्कर्म की कोशिश के बाद दरिंदों ने हाईवे पर छावनी क्षेत्र में पौधशाला के पास रात करीब 11:30 बजे सभी को उतार दिया था। आरोप है कि जिंदगी और मौत से जूझ रहे पति का ऑक्सीजन माॅस्क हटाकर एंबुलेंस से नीचे फेंक दिया था। इसके कुछ देर बाद डायल 112 मौके पर पहुंची थी। पीड़िता ने आपबीती बताई। जमीन पर बदहवास पड़े पति को भी पुलिस ने देखा।
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इसके बाद भी पुलिसकर्मियों ने सक्रियता नहीं दिखाई और सरकारी एंबुलेस सेवा 108 से बीमार पति को अस्पताल ले जाने की सलाह देकर लौट गए। इस बात का मलाल पीड़िता और उसके भाई को भी है। उनका कहना है कि मामले की जानकारी के बाद यदि डायल 112 और छावनी पुलिस सक्रिय हुई होती तो उसी रात एंबुलेंस के साथ दरिंदे पकड़े जा सकते थे। पीड़िता भी उस वक्त लाचार थी। उसके सामने बीमार पति की जिंदगी बचाने की बड़ी चुनौती थी। पति को लेकर पहले हर्रैया सीएचसी पहुंची। वहां से रेफर होने पर दोबारा 108 एंबुलेंस से लेकर जिला अस्पताल पहुंची। इस दौरान भी छावनी पुलिस ने पीड़िता से संपर्क नहीं किया। इसके बाद पति के रेफर होने पर पीड़िता उन्हें लेकर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज चली गई।


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हाईवे की दो पुलिस चौकी को पार कर चले गए दरिंदे



पीड़िता का आरोप है कि लखनऊ से जिस एंबुलेंस में वह बीमार पति और भाई के साथ सिद्धार्थनगर के लिए निकली थी, उसी में रास्ते में चालक और उसके साथी ने उसके साथ दरिंदगी की। इसकी सूचना भाई ने अपने फोन से डायल 112 को दी। कुछ देर बाद पुलिस पहुंच गई। यदि पुलिस तत्काल सक्रिय हुई होती तो हाईवे अयोध्या सीमा तक जिले की दो पुलिस चौकी है। पहला छावनी थाना क्षेत्र की विक्रमजोत और दूसरी परशुरामपुर थाना क्षेत्र की घघौआ पुलिस चौकी है। तत्काल इन चौकियों को सक्रिय किया गया होता तो हाईवे पर घेरेबंदी कर एंबुलेंस के साथ दरिंदे पकड़े जा सकते थे।
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