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बिटिया की योजना में फर्जीवाड़ा उजागर

Thu, 30 Nov 2017 11:53 PM IST
basti
basti Updated Thu, 30 Nov 2017 11:53 PM IST
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 there is havock in beti bachao, beti padhao plan
समस्‍याा - फोटो : amar ujala
नगर बाजार/बभनान। 
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जिले में लागू होने से पहले फर्जीवाड़े की शिकार हो गई। जिले में योजना बगैर लागू हुए ही जालसाज धड़ल्ले से आवेदन फॉर्म भरवा रहे हैं। बेटी के 18 साल की होने पर उसे दो लाख अनुदान दिलाने के नाम पर वसूली भी रहे हैं। फर्जीवाड़े की भनक से डीएम अरविंद कुमार सिंह ने चारों एसडीएम और जिला प्रोबेशन अधिकारी को सघन जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। 
 बृहस्पतिवार को जिले के डाकघरों का ताला खुलने से पहले लंबी कतारें लग गई थीं। डाक कर्मी जब ड्यूटी पर पहुंचे तो धक्का-मुक्की करती भीड़ देखकर चकरा गए। जबकि आवेदन करने वालों ने टिकट और स्पीड पोस्ट करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते रहे। बभनान के पोस्टमास्टर शरद प्रकाश तिवारी का कहना है कि एक दिन में 141 आवेदन जमा किए गए। नगर डाकघर के उप डाकपाल मनोज कुमार ने भी बताया कि पिछले तीन दिनों से फॉर्म जमा करने वाले आठ बजे से ही लाइन लगा ले रहे हैं। लाइन में खड़े फुलवरिया निषाद के संतराम, दीपक कुमार, रिक्की शर्मा इंसान अली समेत तमाम लोगों ने बताया कि बेटी के 18 साल की होने पर दो लाख रुपये अनुदान पाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जब उनसे योजना जिले में लागू न होने की बात बताई गई तो वे दंग रह गए। नगर के अलावा नचना, बिरऊपुर, पोखरनी, रौसिंहापार, धुसुरिया, बारीजोत, बकैनिया के लोग भी फॉर्म जमा करने लाइन में खड़े रहे। 
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हिदायत पर नहीं लिया संज्ञान 
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार ने जनवरी में ही इसे लेकर बस्ती समेत सूबे के सभी जिले के डीएम-एसपी को पत्र भेजकर आगाह किया था। इसमें कहा गया था कि योजना के नाम पर कुछ लोग ठगी कर रहे हैं। मगर जिम्मेदारों ने संज्ञान ही नहीं लिया। 
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क्या है योजना 
बेटा-बेटी में भेदभाव कम करने, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री ने 2015 में हरियाणा से इस योजना का एलान किया। इसके क्रियान्वयन का दायित्व महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय को सौंपा गया। यूपी के 17 जिलों में लागू इस योजना की तीन स्तरीय निगरानी की व्यवस्था है। राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल टास्क फॉर्स सेक्रेटरी, राज्य स्तर पर स्टेट टास्क फोर्स सेक्रेटरी और जिले स्तर पर कलेक्टर की जवाबदेही तय की गई है। इसमें बेटियों की पढ़ाई और शादी में आर्थिक मदद, और उसके 18 साल की होने पर दो लाख रुपये अनुदान का प्रावधान है। 
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