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सिलेंडर फटने से झुलसे भाइयों की इलाज के दौरान मौत हुई
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:07 PM IST
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ओरीजोत मोहल्ले के गैस सिलेंडर दुर्घटना के शिकार मृतक ध़्रुवचंद चतुर्वेदी की फाइल फोटो।
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रसोई गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से गंभीर रूप से झुलसे सगे भाइयों ने रविवार को सात घंटे के अंतराल पर दम तोड़ दिया। लखनऊ के निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान भोर करीब तीन बजे ध्रुुवचंद्र चतुर्वेदी और दिन में करीब 10 बजे उनके बड़े भाई हरिश्चंद्र भी जिंदगी की जंग हार गए।
इस हादसे से परिवार में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में रिश्तेदार और शुभचिंतक अयोध्या पहुंचे। दोनों शवों का अयोध्या के सरयू घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। 17 जनवरी को कोतवाली क्षेत्र के ओरीजोत मोहल्ले में अधिवक्ता रामचंद्र चतुर्वेदी के घर में कथा-पूजा का आयोजन किया गया था। प्रसाद भूनते समय सिलेंडर से आग लग गई, जिसने घर में ऐसा कहर बरपा, जिसकी आंच शायद ही कभी ठंडी हो। इस भयावह हादसे में अधिवक्ता के 30 वर्षीय पुत्र नीरज चतुर्वेदी ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया था। गंभीर हालत में बाकी सभी को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया था जिनमें 30 वर्षीय मंजू चतुर्वेदी पत्नी ध्रुव चंद्र चतुर्वेदी की लखनऊ ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा 32 वर्षीया सुषमा पत्नी पंकज चतुर्वेदी, हरिश्चंद्र चतुर्वेदी (60), ध्रुवचंद्र चतुर्वेदी (40), राम चंद्र चतुर्वेदी (66) के अलावा डेढ़ माह के बच्ची भी रेफर कर दी गई थी। इनमें हरिश्चंद्र व ध्रुुव चंद्र की रविवार को मौत हो गई। हादसे और उसकी वजह से हुई मौतो की चर्चा शहर में होती रही।
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इस हादसे से परिवार में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। मौत की सूचना के बाद बड़ी संख्या में रिश्तेदार और शुभचिंतक अयोध्या पहुंचे। दोनों शवों का अयोध्या के सरयू घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। 17 जनवरी को कोतवाली क्षेत्र के ओरीजोत मोहल्ले में अधिवक्ता रामचंद्र चतुर्वेदी के घर में कथा-पूजा का आयोजन किया गया था। प्रसाद भूनते समय सिलेंडर से आग लग गई, जिसने घर में ऐसा कहर बरपा, जिसकी आंच शायद ही कभी ठंडी हो। इस भयावह हादसे में अधिवक्ता के 30 वर्षीय पुत्र नीरज चतुर्वेदी ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया था। गंभीर हालत में बाकी सभी को जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर कर दिया गया था जिनमें 30 वर्षीय मंजू चतुर्वेदी पत्नी ध्रुव चंद्र चतुर्वेदी की लखनऊ ले जाते समय रास्ते में मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा 32 वर्षीया सुषमा पत्नी पंकज चतुर्वेदी, हरिश्चंद्र चतुर्वेदी (60), ध्रुवचंद्र चतुर्वेदी (40), राम चंद्र चतुर्वेदी (66) के अलावा डेढ़ माह के बच्ची भी रेफर कर दी गई थी। इनमें हरिश्चंद्र व ध्रुुव चंद्र की रविवार को मौत हो गई। हादसे और उसकी वजह से हुई मौतो की चर्चा शहर में होती रही।
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