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पुलिस को चकमा देकर विजय सिंह ने किया सरेंडर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2016 12:15 AM IST
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विजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। मुंबई अंडरवर्ल्ड के मिनी डॉन के रूप में कुख्यात बदमाश जफर को ठिकाने लगाने का बीड़ा उठाए शूटर विजय सिंह ने बुधवार को पुलिस को चकमा देकर नाटकीय ढंग से गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। विजय सिंह पर छोटा राजन गैंग के सबसे खास जफर की हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये सुपारी लेने का आरोप है। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
महाराष्ट्र पुलिस सात सदस्यीय टीम 16 जनवरी को हर्रैया थाने पहुंची थी। जब उसने कोहले निवासी विजय सिंह के इस कारनामों की जानकारी दी तो सभी सन्न रह गए। स्थानीय पुलिस के साथ उसके घर पहुंची टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर आनंद मुदलियर ने बताया था कि विजय ने जिन चार गुर्गों को जफर की हत्या के लिए भेजा था, वे चारों पकड़े गए हैं।
उनमें मनकापुर जिला गोंडा निवासी सलमान खान, वहीं के मालवीय नगर निवासी नौशाद अली, तरबगंज के पूरे अर्जन निवासी दिग्विजय सिंह और मुंबई के नागपाड़ा निवासी मोइनुद्दीन अंसारी शामिल थे। विजय की गिरफ्तारी में नाकाम होने पर उसे वांछित घोषित कर दिया। विजय को पकड़ने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ टीमें पिछले कई महीने से फैजाबाद, बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर आदि जनपदों में कैंप करती रही, मगर कामयाबी नहीं मिली।
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क्या है पूरा प्रकरण
अंबेडकर नगर निवासी कुख्यात माफिया मुबारक खान का सगा भाई जफर खान उर्फ अब्बास मलिक मुंबई के कुर्ला में रहकर छोटा राजन के लिए काम करता था। 2010 में उसने अपना गैंग बनाया और सुपारी लेकर कत्ल करने लगा। अंबेडकर नगर के हसवर थाना क्षेत्र के नसीराबाद निवासी मेंहदी से जफर के भाई खान मुबारक की पुरानी दुश्मनी है।
इसी रंजिश में अप्रैल 2015 में खान मुबारक के आदमियों ने मेंहदी पर अंधाधुंध फायरिंग की। अंबेडकर नगर के परसावा गांव में जमीन के विवाद के दौरान हुई इस घटना में खान मुबारक पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ। गिरफ्तारी के बाद उस पर एनएसए लगा दिया गया। तब से वह जेल में है। इसी दुश्मनी में मेंहदी से जफर की ठन गई। इसी दौरान विजय मेंहदी के संपर्क में आया।
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महाराष्ट्र पुलिस सात सदस्यीय टीम 16 जनवरी को हर्रैया थाने पहुंची थी। जब उसने कोहले निवासी विजय सिंह के इस कारनामों की जानकारी दी तो सभी सन्न रह गए। स्थानीय पुलिस के साथ उसके घर पहुंची टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर आनंद मुदलियर ने बताया था कि विजय ने जिन चार गुर्गों को जफर की हत्या के लिए भेजा था, वे चारों पकड़े गए हैं।
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उनमें मनकापुर जिला गोंडा निवासी सलमान खान, वहीं के मालवीय नगर निवासी नौशाद अली, तरबगंज के पूरे अर्जन निवासी दिग्विजय सिंह और मुंबई के नागपाड़ा निवासी मोइनुद्दीन अंसारी शामिल थे। विजय की गिरफ्तारी में नाकाम होने पर उसे वांछित घोषित कर दिया। विजय को पकड़ने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ टीमें पिछले कई महीने से फैजाबाद, बस्ती, गोंडा, अंबेडकरनगर आदि जनपदों में कैंप करती रही, मगर कामयाबी नहीं मिली।
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क्या है पूरा प्रकरण
अंबेडकर नगर निवासी कुख्यात माफिया मुबारक खान का सगा भाई जफर खान उर्फ अब्बास मलिक मुंबई के कुर्ला में रहकर छोटा राजन के लिए काम करता था। 2010 में उसने अपना गैंग बनाया और सुपारी लेकर कत्ल करने लगा। अंबेडकर नगर के हसवर थाना क्षेत्र के नसीराबाद निवासी मेंहदी से जफर के भाई खान मुबारक की पुरानी दुश्मनी है।
इसी रंजिश में अप्रैल 2015 में खान मुबारक के आदमियों ने मेंहदी पर अंधाधुंध फायरिंग की। अंबेडकर नगर के परसावा गांव में जमीन के विवाद के दौरान हुई इस घटना में खान मुबारक पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ। गिरफ्तारी के बाद उस पर एनएसए लगा दिया गया। तब से वह जेल में है। इसी दुश्मनी में मेंहदी से जफर की ठन गई। इसी दौरान विजय मेंहदी के संपर्क में आया।