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काोमा में मरीज, नहीं मिल सकी एंबुलेंस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2016 12:12 AM IST
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पूर्व प्रमुख राना दिनेश प्रताप सिंह ने एंबुलेंस को लेकर जिला अस्पताल के सीएमएस को दिया ज्ञापन।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जिंदगी की जंग लड़ रहे घायल को ट्रामा सेंटर लखनऊ ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल सकी। परिवार के लोग सीएमओ से लेकर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक तक से गुहार लगाते रहे मगर कोई मदद नहीं मिली। घायल की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग कर्ज लेकर निजी एंबुलेंस से उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ ले जाना पड़ा। जहां वह अब तक कोमा में है।
मामले की जानकारी होने पर बहादुरपुर ब्लॉक के पूर्व प्रमुख और सपा नेता राना दिनेश प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक का घेराव किया। आरोप लगाया कि सरकार की योजनाओं का यहां पलीता लगाया जा रहा है। एसआईसी को खरी-खोटी सुनाई और कहा की इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की जाएगी। मामले को तूल पकड़ने लगा तो अस्पताल प्रशासन सफाई देने पर उतर आया।
घटनाक्रम के मुताबिक, बहादुरपुर ब्लॉक के ग्राम कोठवा भरतपुर निवासी मनोज कुमार कंपनी बाग़ में कपडे प्रेस करके परिवार पालते हैं। बुधवार दोपहर उनका 11 वर्षीय बेटा सुमित पेड़ से गिर गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां इमरजेंसी डॉक्टर अनिल चौधरी ने हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया।
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गरीबी से जूझ रहे इस परिवार के लोगों के पास इतने पैसे नहीं थे कि फटाफट प्राइवेट एंबुलेंस से उसे ले जाते। लोगों ने 108 नंबर सेवा का सहारा लेने की सलाह दी। लेकिन उसने लाख कोशिश के बावजूद एंबुलेंस नहीं मिली। सीएमओ डा. जेपी सिंह का कहना है कि प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है, मगर यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी।
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मामले की जानकारी होने पर बहादुरपुर ब्लॉक के पूर्व प्रमुख और सपा नेता राना दिनेश प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक का घेराव किया। आरोप लगाया कि सरकार की योजनाओं का यहां पलीता लगाया जा रहा है। एसआईसी को खरी-खोटी सुनाई और कहा की इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से भी की जाएगी। मामले को तूल पकड़ने लगा तो अस्पताल प्रशासन सफाई देने पर उतर आया।
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घटनाक्रम के मुताबिक, बहादुरपुर ब्लॉक के ग्राम कोठवा भरतपुर निवासी मनोज कुमार कंपनी बाग़ में कपडे प्रेस करके परिवार पालते हैं। बुधवार दोपहर उनका 11 वर्षीय बेटा सुमित पेड़ से गिर गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां इमरजेंसी डॉक्टर अनिल चौधरी ने हालत नाजुक देख मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया।
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गरीबी से जूझ रहे इस परिवार के लोगों के पास इतने पैसे नहीं थे कि फटाफट प्राइवेट एंबुलेंस से उसे ले जाते। लोगों ने 108 नंबर सेवा का सहारा लेने की सलाह दी। लेकिन उसने लाख कोशिश के बावजूद एंबुलेंस नहीं मिली। सीएमओ डा. जेपी सिंह का कहना है कि प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है, मगर यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी।