{"_id":"573227894f1c1b2b05919846","slug":"9-schools-found-closed","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ स्कूलों में बच्चे मिले न शिक्षक","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नौ स्कूलों में बच्चे मिले न शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। तमाम कोशिशों के बावजूद स्कूलों से शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। मंगलवार को जिला समन्वयक (मध्याह्न भोजन) अमित कुमार मिश्र के सांऊघाट ब्लॉक के 17 स्कूलों के निरीक्षण में आधे से अधिक बंद मिले। जो खुले भी उसकी भी हालत दयनीय रही। मंगलवार को डीएम की प्रेसवार्ता में शिक्षकों और अधिकारियों की लापरवाही का मामला जोर-शोर से उठा था। डीएम ने लापरवाह शिक्षकों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई का संकेत दिया है।
परिषदीय स्कूलों में ग्रीष्मावकाश तो 20 मई से होगा, मगर शिक्षक दस दिन पहले से ही स्कूल बंद होते दिख रहे हैं। एमडीएम के डीसी के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय भरवलिया बच्चे और शिक्षक दोनों नहीं मिले। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरवलिया में ताला लगा रहा। प्राथमिक विद्यालय लोहरौली खुला तो था, मगर शिक्षक और बच्चे नहीं मिले। प्राथमिक विद्यालय रसना बंद मिला।
द्वारिका नाथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय रसना भी बंद मिला। उच्च प्राथमिक विद्यालय ब्यौतहरा के निरीक्षण में स्कूल में ताला लटक रहा था। शिक्षक और बच्चें दोनों नदारद थे। प्राथमिक विद्यालय ब्यौतहरा के निरीक्षण में कृष्ण कुमार मिश्र सहायक अध्यापक के साथ मात्र तीन बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय पलान भी बंद मिला।
विज्ञापन
यही स्थिति प्राथमिक विद्यालय सर्रैया की भी रही। यहां पर भी न शिक्षक मिले और न बच्चे। प्राथमिक विद्यालय कटेसर में बच्चें तो 10 मिले मगर, एक भी शिक्षक नहीं। प्राथमिक विद्यालय रानीपुर की जांच में हेड मास्टर वंदना आठ बजकर 20 मिनट पर पहुंची थी, जब कि पहुंचने का समय सात बजे का है। उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रानीपुर में सभी शिक्षक पाए गए, मगर बच्चों की संख्या मात्र 20 रही।
प्राथमिक विद्यालय तेलियाडीह में 13 बच्चे और रसोइया मिले, मगर कोई शिक्षक नहीं मिले। प्राथमिक विद्यालय दाउदपट्टी के निरीक्षण में सभी शिक्षक मौजूद मिले मगर बच्चों की संख्या 15 रही। प्राथमिक विद्यालय बेलभरिया के निरीक्षण में मात्र चार बच्चे मिले। हेड मास्टर आभा सिंह और सहायक अध्यापक शशिकला नहीं मिलीं। जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांदी मंझरिया के निरीक्षण में एमडीएम में घोर अनियमितता पाई गई। मानक से कम भोजन बना था। पंजिका रजिस्टर मांगने के बावजूद नहीं दिखाया गया। 156 नामांकन थे और मात्र 30 बच्चे की मौके पर मिले।
विज्ञापन
परिषदीय स्कूलों में ग्रीष्मावकाश तो 20 मई से होगा, मगर शिक्षक दस दिन पहले से ही स्कूल बंद होते दिख रहे हैं। एमडीएम के डीसी के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय भरवलिया बच्चे और शिक्षक दोनों नहीं मिले। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरवलिया में ताला लगा रहा। प्राथमिक विद्यालय लोहरौली खुला तो था, मगर शिक्षक और बच्चे नहीं मिले। प्राथमिक विद्यालय रसना बंद मिला।
विज्ञापन
द्वारिका नाथ पूर्व माध्यमिक विद्यालय रसना भी बंद मिला। उच्च प्राथमिक विद्यालय ब्यौतहरा के निरीक्षण में स्कूल में ताला लटक रहा था। शिक्षक और बच्चें दोनों नदारद थे। प्राथमिक विद्यालय ब्यौतहरा के निरीक्षण में कृष्ण कुमार मिश्र सहायक अध्यापक के साथ मात्र तीन बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय पलान भी बंद मिला।
विज्ञापन
यही स्थिति प्राथमिक विद्यालय सर्रैया की भी रही। यहां पर भी न शिक्षक मिले और न बच्चे। प्राथमिक विद्यालय कटेसर में बच्चें तो 10 मिले मगर, एक भी शिक्षक नहीं। प्राथमिक विद्यालय रानीपुर की जांच में हेड मास्टर वंदना आठ बजकर 20 मिनट पर पहुंची थी, जब कि पहुंचने का समय सात बजे का है। उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रानीपुर में सभी शिक्षक पाए गए, मगर बच्चों की संख्या मात्र 20 रही।
प्राथमिक विद्यालय तेलियाडीह में 13 बच्चे और रसोइया मिले, मगर कोई शिक्षक नहीं मिले। प्राथमिक विद्यालय दाउदपट्टी के निरीक्षण में सभी शिक्षक मौजूद मिले मगर बच्चों की संख्या 15 रही। प्राथमिक विद्यालय बेलभरिया के निरीक्षण में मात्र चार बच्चे मिले। हेड मास्टर आभा सिंह और सहायक अध्यापक शशिकला नहीं मिलीं। जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भांदी मंझरिया के निरीक्षण में एमडीएम में घोर अनियमितता पाई गई। मानक से कम भोजन बना था। पंजिका रजिस्टर मांगने के बावजूद नहीं दिखाया गया। 156 नामांकन थे और मात्र 30 बच्चे की मौके पर मिले।