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गैर इरादतन हत्या में चार साल की सजा
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:26 PM IST
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बस्ती। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम मिलन सिंह की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी पुत्र को चार साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई है। आरोपी को दस हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा। इसे अदा न करने पर पांच माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने अदालत में घटना का विवरण रखा। कहा कि दुबौलिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गांव निवासी निर्मला सिंह ने तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि 22 नवंबर 2013 की रात छोटा बेटा उपेंद्र सिंह उर्फ प्रमोद अपने पिता रामशंकर से पंद्रह लाख रुपये मांग रहा था। पिता ने जब पैसा देने से इंकार कर दिया तो प्रमोद ने उन पर सब्बल से हमला बोल दिया। इस घटना में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
न्यायालय ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई।
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शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने अदालत में घटना का विवरण रखा। कहा कि दुबौलिया थाना क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गांव निवासी निर्मला सिंह ने तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि 22 नवंबर 2013 की रात छोटा बेटा उपेंद्र सिंह उर्फ प्रमोद अपने पिता रामशंकर से पंद्रह लाख रुपये मांग रहा था। पिता ने जब पैसा देने से इंकार कर दिया तो प्रमोद ने उन पर सब्बल से हमला बोल दिया। इस घटना में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
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न्यायालय ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई।