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हस्ताक्षर बनाकर सेक्रेटरी ने निकाला धन
Updated Mon, 05 Jun 2017 06:23 PM IST
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ग्राम प्रधान ने चेक पर जबरन हस्ताक्षर बनवाकर धन निकाल लेने का आरोप पंचायत सेक्रेटरी पर लगाया है। ग्राम प्रधान व एक अन्य ने शपथ-पत्र के साथ डीएम से शिकायत की। आरोपी सेक्रेटरी पर कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने सीडीओ को जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।
साऊंघाट ब्लॉक के ग्राम पंचायत लोहटी के प्रधान रामशब्द ने सोमवार को डीएम से मिलकर उन्हें एक शपथ-पत्र दिया। जिसमें पंचायत सेक्रेटरी अशोक गौतम पर आरोप लगाया है कि सेक्रेटरी कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ उनसे जबरिया चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसी हस्ताक्षर से मनरेगा से फर्जी कार्य कराकर धन निकाल लिया। मनरेगा मजदूरों का भी फर्जी हस्ताक्षर बनाकर धन का गोलमाल कर लिया। गांव में एक गड्ढे का बिना मस्टरोल निकाले एडवांस में बाहरी लोगों से करवा लिया। कहा कि सेक्रेटरी गांव में खुली बैठक नहीं कराते। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पांच लोगों का आवास स्वीकृति हुआ, जिसमें सेक्रेटरी ने यह कहते हुए रकम बैंक से निकलवा ली कि ऊपर वालों को देना है। प्रधान ने कार्यों की जांच कराने और विधिक कार्रवाई के साथ सेक्रेटरी को गांव से हटाने की मांग की है। सेक्रेटरी अशोक गौतम ने बताया कि आरोप निराधार है, कोई किसी भी प्रधान से जबरिया चेक पर हस्ताक्षर नहीं करवा सकता।
आवास बनने से पहले लिए 12 हजार
बस्ती। प्रधान के साथ ग्राम लोहटी के रामकुमार ने भी शपथ-पत्र देकर डीएम से कहा कि पत्नी दुर्गावती के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास आवंटित हुआ। पहली किश्त के रूप में 40 हजार मिला। मगर सेक्रेटरी अशोक गौतम दबाव बनाकर यह कहते हुए बैक से 12 हजार रुपये निकलवा लिया कि यह धन ऊपर वालों को देना है, न देने पर अन्य दो किश्तें नहीं मिलेंगी।
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साऊंघाट ब्लॉक के ग्राम पंचायत लोहटी के प्रधान रामशब्द ने सोमवार को डीएम से मिलकर उन्हें एक शपथ-पत्र दिया। जिसमें पंचायत सेक्रेटरी अशोक गौतम पर आरोप लगाया है कि सेक्रेटरी कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ उनसे जबरिया चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसी हस्ताक्षर से मनरेगा से फर्जी कार्य कराकर धन निकाल लिया। मनरेगा मजदूरों का भी फर्जी हस्ताक्षर बनाकर धन का गोलमाल कर लिया। गांव में एक गड्ढे का बिना मस्टरोल निकाले एडवांस में बाहरी लोगों से करवा लिया। कहा कि सेक्रेटरी गांव में खुली बैठक नहीं कराते। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पांच लोगों का आवास स्वीकृति हुआ, जिसमें सेक्रेटरी ने यह कहते हुए रकम बैंक से निकलवा ली कि ऊपर वालों को देना है। प्रधान ने कार्यों की जांच कराने और विधिक कार्रवाई के साथ सेक्रेटरी को गांव से हटाने की मांग की है। सेक्रेटरी अशोक गौतम ने बताया कि आरोप निराधार है, कोई किसी भी प्रधान से जबरिया चेक पर हस्ताक्षर नहीं करवा सकता।
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आवास बनने से पहले लिए 12 हजार
बस्ती। प्रधान के साथ ग्राम लोहटी के रामकुमार ने भी शपथ-पत्र देकर डीएम से कहा कि पत्नी दुर्गावती के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास आवंटित हुआ। पहली किश्त के रूप में 40 हजार मिला। मगर सेक्रेटरी अशोक गौतम दबाव बनाकर यह कहते हुए बैक से 12 हजार रुपये निकलवा लिया कि यह धन ऊपर वालों को देना है, न देने पर अन्य दो किश्तें नहीं मिलेंगी।
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