लाखों खर्च, फिर भी समस्या जस की तस
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बस्ती। शहर की सबसे बड़ी जल निकासी की समस्या करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद जस की तस बनी हुई है। नगर पालिका प्रशासन पिछले बीस वर्षों में करोड़ों रुपये नालों के निर्माण पर खर्च कर चुका है, मगर दूर नहीं हो पा रही है। बरसात क्या सामान्य दिनों में भी कई मुहल्लों में सफाई के अभाव में जाम पड़े नालों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। यह स्थिति तब है जबकि हर साल बरसात से पूर्व नालों की सफाई के नाम पर दस से पंद्रह लाख रुपये खर्च किए जाते हैं।
शहरी क्षेत्र में जल निकासी के लिए नगर पालिका क्षेत्र में तीस किमी नाला का निर्माण हुआ है। हालांकि शहरी क्षेत्र में कोई भी नाला मुख्य नाले से सीधे नहीं जुड़ा है। ऐसे में जब नालियों का पानी नालों में पहुंचता है तो जाम पड़े ओवरफ्लो होने लगते हैं। इससे नालियां चोक हो जाती हैं। बारिश के दिनों में तो नालों का पानी सड़क पर बहने लगता है।