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मेडिकल कालेज में भर्ती होंगे सात जिलों के कोरोना संक्रमित
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती होंगे छह जिलों के कोरोना संक्रमित
- बस्ती मंडल के तीनों जिलों के अलावा देवरिया, कुशीनगर व महराजगंज के गंभीर मरीजों का होगा इलाज
- गंभीर मरीजों के लिए लेबल-टू व थ्री की सुविधा मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज ने शत प्रतिशत उपयोगिता के लिए छह जिलों के गंभीर रोगियों को भर्ती की अनुमति दी है। अब तक यहां कुल सौ मरीज भर्ती हैं। इनमें चालीस गंभीर संक्रमण के हैं। जबकि चार मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। इनकी देखरेख के लिए डॉक्टरों की टीम लगी है।
जिले में इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ है। इस वर्ष कोरोना काल के दौरान यहां पहले लेबल वन उसके बाद प्रशासनिक पहल पर लेबल-2 व थ्री की व्यवस्था करते हुए 33 वेंटिलेटर स्थापित कराए गए। तमाम सुविधाओं का प्रयोग करने के लिए शासन ने नई व्यवस्था बनाते हुए मेडिकल कॉलेज में बस्ती मंडल के तीनों जिलों के अलावा कुशीनगर, देवरिया व महराजगंज के कोरोना से संक्रमित गंभीर मरीजों को यहां भर्ती कराने की व्यवस्था बनाई गई है। अब तक मेडिकल कॉलेज में करीब सौ मरीज भर्ती हैं। इनमें चालीस गंभीर हैं, जिन्हें लेबल-थ्री में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जबकि चार मरीज ऐसे हैं जिन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम यानी वेंटिलेटर पर रखा गया है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में दो सौ शैय्या युक्त कोविड संक्रमितों को भर्ती कराया गया है। छह जिले जिसमें अपना मंडल भी शामिल है के मरीज भर्ती हैं। इनका बेहतर इलाज किया जा रहा है। वेंटिलेटर को भी सक्रिय कर दिया गया है। चार मरीजों को इस सिस्टम पर रखा गया है। इनकी पूरी देखरेख डॉक्टरों की टीम कर रही है।
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- बस्ती मंडल के तीनों जिलों के अलावा देवरिया, कुशीनगर व महराजगंज के गंभीर मरीजों का होगा इलाज
- गंभीर मरीजों के लिए लेबल-टू व थ्री की सुविधा मौजूद
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज ने शत प्रतिशत उपयोगिता के लिए छह जिलों के गंभीर रोगियों को भर्ती की अनुमति दी है। अब तक यहां कुल सौ मरीज भर्ती हैं। इनमें चालीस गंभीर संक्रमण के हैं। जबकि चार मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। इनकी देखरेख के लिए डॉक्टरों की टीम लगी है।
जिले में इसी वर्ष मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ है। इस वर्ष कोरोना काल के दौरान यहां पहले लेबल वन उसके बाद प्रशासनिक पहल पर लेबल-2 व थ्री की व्यवस्था करते हुए 33 वेंटिलेटर स्थापित कराए गए। तमाम सुविधाओं का प्रयोग करने के लिए शासन ने नई व्यवस्था बनाते हुए मेडिकल कॉलेज में बस्ती मंडल के तीनों जिलों के अलावा कुशीनगर, देवरिया व महराजगंज के कोरोना से संक्रमित गंभीर मरीजों को यहां भर्ती कराने की व्यवस्था बनाई गई है। अब तक मेडिकल कॉलेज में करीब सौ मरीज भर्ती हैं। इनमें चालीस गंभीर हैं, जिन्हें लेबल-थ्री में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जबकि चार मरीज ऐसे हैं जिन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम यानी वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में दो सौ शैय्या युक्त कोविड संक्रमितों को भर्ती कराया गया है। छह जिले जिसमें अपना मंडल भी शामिल है के मरीज भर्ती हैं। इनका बेहतर इलाज किया जा रहा है। वेंटिलेटर को भी सक्रिय कर दिया गया है। चार मरीजों को इस सिस्टम पर रखा गया है। इनकी पूरी देखरेख डॉक्टरों की टीम कर रही है।
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