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Basti News: वेतन के लिए सहकारी समिति के कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार आज से
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बस्ती। सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 22 अक्तूबर से कार्य बहिष्कार कर लखनऊ के ईको गार्डन में बेमियादी धरना देने का एलान किया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर यह निर्णय लिया गया है। जिले की समितियों पर उर्वरक भी नहीं भेजा जाएगा। इससे समितियों के कामकाज और किसानों को खाद वितरण प्रभावित होने की आशंका है।
सहकारी समिति कर्मचारी परिषद के प्रदेश नेतृत्व ने सात सितंबर को आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता को मांगपत्र सौंपकर वेतन संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की थी। 21 सितंबर और पांच अक्तूबर को हुई बैठकों में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया लेकिन कर्मचारियों के अनुसार अब तक प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि पांच अक्तूबर की बैठक के बाद भी आदेश जारी नहीं होने पर सात अक्तूबर को प्रदेशभर के कर्मचारी लखनऊ स्थित आयुक्त एवं निबंधक कार्यालय पहुंचे थे। वहां ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान के लिए समय मांगा गया लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। आंदोलन में बी-पैक्स पर कार्यरत कैडर सचिव, प्रभारी एवं नॉन-कैडर सचिव, आंकिक, लिपिक, विक्रेता, सहयोगी और चौकीदार शामिल होंगे।
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कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों से लंबित वेतन के भुगतान और वेतन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रभावी कार्रवाई कराने की मांग की है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो 22 अक्तूबर से जिले की सभी सहकारी समितियों के कर्मचारी कामकाज का बहिष्कार कर लखनऊ में धरने में शामिल होंगे। इससे समितियों के नियमित कार्यों के साथ उर्वरक आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
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सहकारी समिति कर्मचारी परिषद के प्रदेश नेतृत्व ने सात सितंबर को आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता को मांगपत्र सौंपकर वेतन संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की थी। 21 सितंबर और पांच अक्तूबर को हुई बैठकों में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया लेकिन कर्मचारियों के अनुसार अब तक प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया है।
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कर्मचारियों का कहना है कि पांच अक्तूबर की बैठक के बाद भी आदेश जारी नहीं होने पर सात अक्तूबर को प्रदेशभर के कर्मचारी लखनऊ स्थित आयुक्त एवं निबंधक कार्यालय पहुंचे थे। वहां ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान के लिए समय मांगा गया लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया। आंदोलन में बी-पैक्स पर कार्यरत कैडर सचिव, प्रभारी एवं नॉन-कैडर सचिव, आंकिक, लिपिक, विक्रेता, सहयोगी और चौकीदार शामिल होंगे।
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कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों से लंबित वेतन के भुगतान और वेतन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर प्रभावी कार्रवाई कराने की मांग की है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो 22 अक्तूबर से जिले की सभी सहकारी समितियों के कर्मचारी कामकाज का बहिष्कार कर लखनऊ में धरने में शामिल होंगे। इससे समितियों के नियमित कार्यों के साथ उर्वरक आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।