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Basti News: फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में लिया सहयोग, मेहनताने के लिए बजट ही नहीं
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बस्ती। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में सहयोग कर चुकी 11 ब्लॉक की 1741 टीम को छह माह बाद भी प्रोत्साहन राशि नहीं मिल पाई है। टीम में शामिल रहीं आशा कार्यकर्ता और उनके पुरुष सहयोगी को यह कहकर भुगतान से टाल-मटोल किया जा रहा है कि एनएचएम में बजट नहीं है। इससे 4.35 लाख रुपये का भुगतान फंसा हुआ है।
बता दें कि जनपद में 10 अगस्त को एमडीए अभियान शुरू हुआ था। 10 दिन तक टीम में शामिल आशा कार्यकर्ता और उनके सहयोगियों ने फाइलेरिया के लक्षण वाले रोगियों को खोजा और उन्हें घर-घर जाकर दवाएं खिलवाने में सहयोग किया था। जब प्रोत्साहन राशि मिलने की बारी आई तो अब विभाग के पास बजट ही नहीं है। बताया गया कि जिले कि 21.75 लाख की आबादी को दवा खिलाई गई थी। बहादुरपुर, कप्तानगंज, कुदरहा और परशुरामपुर में अभियान नहीं चला था।
इसके लिए 1741 टीमें बनाई गई थीं। एक टीम में दो लोग शामिल थे। उसमें एक महिला व पुरुष कर्मी थे। टीम में शामिल दोनों सहयोगियों को प्रति दिन के हिसाब से 125-125 यानी की 250 रुपये की दर से भुगतान किया जाना था।
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कुल, चार लाख 35 हजार 250 रुपये का भुगतान बना था। भुगतान एनएचएम बजट से होना था, मगर जब भुगतान की बारी आई तो बजट ही शून्य है। आशा व सहयोगियों का कहना है कि कागज में बजट दिखा रहे, मगर अकाउंट में शून्य है।
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बता दें कि जनपद में 10 अगस्त को एमडीए अभियान शुरू हुआ था। 10 दिन तक टीम में शामिल आशा कार्यकर्ता और उनके सहयोगियों ने फाइलेरिया के लक्षण वाले रोगियों को खोजा और उन्हें घर-घर जाकर दवाएं खिलवाने में सहयोग किया था। जब प्रोत्साहन राशि मिलने की बारी आई तो अब विभाग के पास बजट ही नहीं है। बताया गया कि जिले कि 21.75 लाख की आबादी को दवा खिलाई गई थी। बहादुरपुर, कप्तानगंज, कुदरहा और परशुरामपुर में अभियान नहीं चला था।
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इसके लिए 1741 टीमें बनाई गई थीं। एक टीम में दो लोग शामिल थे। उसमें एक महिला व पुरुष कर्मी थे। टीम में शामिल दोनों सहयोगियों को प्रति दिन के हिसाब से 125-125 यानी की 250 रुपये की दर से भुगतान किया जाना था।
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कुल, चार लाख 35 हजार 250 रुपये का भुगतान बना था। भुगतान एनएचएम बजट से होना था, मगर जब भुगतान की बारी आई तो बजट ही शून्य है। आशा व सहयोगियों का कहना है कि कागज में बजट दिखा रहे, मगर अकाउंट में शून्य है।