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Basti News: विजिलेंस जांच के बाद घनघना रहे उपभोक्ताओं के फोन...जालसाज मांग रहे रकम
Tue, 02 Dec 2025 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:55 AM IST
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बस्ती। बिजली निगम की विजिलेंस टीम साइबर अपराधियों के कारनामों से भौचक हैं। टीम जैसे ही क्षेत्र में छापेमारी करके लौट रही है, कथित उपभोक्ता के नंबर साइबर अपराधियों का फोन पहुंच रहा है। उनसे जांच पड़ताल के संबंध में बाकायदे बात की जा रही है।
बिजली चोरी का मामला खत्म कराने के लिए तरीके सुझाए जा रहे हैं। शार्टकट मामला खत्म करने के लिए बिजली चोरी के कथित आरोपियों से क्यूआर कोड भेजकर रुपये की डिमांड की जा रही है। कुछ लोग इनके झांसे में आकर ठगी के शिकार भी हो रहे हैं।
इस तरह के आधा दर्जन प्रकरण विजिलेंस टीम के संज्ञान में भी आ चुके हैं। टीम जिन घरों एवं प्रतिष्ठानों पर बिजली चोरी का मामला पकड़ रही है वहां कुछ साइबर अपराधी सक्रिय हो जा रहे हैं। उनका नेटवर्क इतना सटीक हैं कि उन्हें कुछ ही देर बाद ऐसे मामलों की पूरी जानकारी हो जा रही है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को फोन करके टीम के छापेमारी के सिलसिले में बातचीत की जा रही है। जिससे व्यक्ति को लगता है कि सही जगह बात हो रही है। इससे लोग साइबर अपराधियों के झांसे में आ रहे हैं।
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फोन पर कथित उपभोक्ताओं से बातचीत करने वाले शातिर किस्म के लोग मामला निपटाने का आश्वासन दे रहे हैं। इसके बदले क्यूआर कोड भेजकर रुपयों की डिमांड कर रहे हैं। कम रुपये में मामला निपट जाने की लालच में आकर कुछ लोग रुपये भेज दे रहे हैं। बाद में उन्हें निगम से कार्रवाई की नोटिस मिलने के बाद पता चल रहा कि वह ठगी के शिकार हो गए। इस तरह के साइबर ठगी के मामले सामने आने के बाद विजिलेंस टीम भी हैरत में है।
चलाया जा रहा जनजागरूकता अभियान : विजिलेंस टीम क्षेत्र में छापेमारी के साथ जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। विजिलेंस थाने के प्रभारी एसएस चतुर्वेदी बताते हैं कि साइबर अपराधियों से जुड़े मामले प्रकाश में आने के बाद उनकी टीम आमजन को जागरूक करने में जुटी है। इसके लिए जगह- जगह कैंप लगाकर लोगों से साइबर ठगी से बचने के तौर तरीके सुझाए जा रहे हैं।
वह कहते हैं कि जिन जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी जा रही है, उनके यहां यदि किसी सदस्य के पास मोबाइल से कोई मामला खत्म कराने के रुपये आदि की डिमांड करता है तो उसकी जानकारी विजिलेंस थाने पर दी जाए। ऐसे लोगों के झांसे में कोई भी व्यक्ति कतई न आए। बिजली चोरी से संबंधित प्रकरण का पटाक्षेप संबंधित विद्युत निगम के एक्सईएन कार्यालय में ही होगा।
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बिजली चोरी का मामला खत्म कराने के लिए तरीके सुझाए जा रहे हैं। शार्टकट मामला खत्म करने के लिए बिजली चोरी के कथित आरोपियों से क्यूआर कोड भेजकर रुपये की डिमांड की जा रही है। कुछ लोग इनके झांसे में आकर ठगी के शिकार भी हो रहे हैं।
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इस तरह के आधा दर्जन प्रकरण विजिलेंस टीम के संज्ञान में भी आ चुके हैं। टीम जिन घरों एवं प्रतिष्ठानों पर बिजली चोरी का मामला पकड़ रही है वहां कुछ साइबर अपराधी सक्रिय हो जा रहे हैं। उनका नेटवर्क इतना सटीक हैं कि उन्हें कुछ ही देर बाद ऐसे मामलों की पूरी जानकारी हो जा रही है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को फोन करके टीम के छापेमारी के सिलसिले में बातचीत की जा रही है। जिससे व्यक्ति को लगता है कि सही जगह बात हो रही है। इससे लोग साइबर अपराधियों के झांसे में आ रहे हैं।
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फोन पर कथित उपभोक्ताओं से बातचीत करने वाले शातिर किस्म के लोग मामला निपटाने का आश्वासन दे रहे हैं। इसके बदले क्यूआर कोड भेजकर रुपयों की डिमांड कर रहे हैं। कम रुपये में मामला निपट जाने की लालच में आकर कुछ लोग रुपये भेज दे रहे हैं। बाद में उन्हें निगम से कार्रवाई की नोटिस मिलने के बाद पता चल रहा कि वह ठगी के शिकार हो गए। इस तरह के साइबर ठगी के मामले सामने आने के बाद विजिलेंस टीम भी हैरत में है।
चलाया जा रहा जनजागरूकता अभियान : विजिलेंस टीम क्षेत्र में छापेमारी के साथ जनजागरूकता अभियान भी चला रही है। विजिलेंस थाने के प्रभारी एसएस चतुर्वेदी बताते हैं कि साइबर अपराधियों से जुड़े मामले प्रकाश में आने के बाद उनकी टीम आमजन को जागरूक करने में जुटी है। इसके लिए जगह- जगह कैंप लगाकर लोगों से साइबर ठगी से बचने के तौर तरीके सुझाए जा रहे हैं।
वह कहते हैं कि जिन जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी जा रही है, उनके यहां यदि किसी सदस्य के पास मोबाइल से कोई मामला खत्म कराने के रुपये आदि की डिमांड करता है तो उसकी जानकारी विजिलेंस थाने पर दी जाए। ऐसे लोगों के झांसे में कोई भी व्यक्ति कतई न आए। बिजली चोरी से संबंधित प्रकरण का पटाक्षेप संबंधित विद्युत निगम के एक्सईएन कार्यालय में ही होगा।