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Basti News: मिश्रौलिया वार्ड में नाली का निर्माण फंसा
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मिश्रौलिया वार्ड का निरीक्षण करते अतिरिक्त अधिकारी प्रथम राजेश कुमार यादव। संवाद
बस्ती। वार्ड नंबर दो मिश्रौलिया में नाली निर्माण का मामला फंसता देख मंगलवार को अतिरिक्त अधिकारी प्रथम व डूडा के प्रभारी अधिकारी राजेश कुमार यादव ने वार्ड का निरीक्षण किया।
मोहल्ले वालों से नाली निर्माण के लिए जगह छोड़ने की बात कही, मगर बात नहीं बन पाई। इसके बाद अतिरिक्त अधिकारी ने शिकायतकर्ता सोमनाथ सोनकर से साफ शब्दों में कहा दिया जिस तरफ नाली है, वहीं बनेगी। दोनों तरफ नाली तभी बन जाएगी, जब लोग जमीन देने के लिए तैयार होंगे।
बता दें कि मिश्रौलिया वार्ड में इन दिनों विकास कार्य चल रहा है। वार्ड की जर्जर सड़कों की इंटरलॉकिंग की जा रही है। हालांकि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। मोहल्ले के कुछ लोगों का आरोप है कि इंटरलॉकिंग के दोनों पीले ईंट लगाए जा रहे हैं। नाला और नालियों की हालत बद से बदतर है। पचपेड़िया मोड़ से वार्ड में प्रवेश करने पर एक तरफ बड़ा नाला है तो दूसरी तरफ नाली है। दोनों के पानी ओवर फ्लो होकर सड़क पर बहते रहते हैं। गंदे पानी होकर तेजी से गुजरने वाले बाइक सवारों की वजह से गंदे पानी के छिंटों से दूसरे के कपड़े खराब हो जाते हैं।
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अतिरिक्त अधिकारी प्रथम व डूडा के प्रभारी अधिकारी राजेश कुमार यादव ने बताया कि निर्माण में गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल की जांच दूसरी टीम करेगी। वह सिर्फ नाली निर्माण के मामले का समाधान कराने गए थे, मगर बात नहीं बन पाई।
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मोहल्ले वालों से नाली निर्माण के लिए जगह छोड़ने की बात कही, मगर बात नहीं बन पाई। इसके बाद अतिरिक्त अधिकारी ने शिकायतकर्ता सोमनाथ सोनकर से साफ शब्दों में कहा दिया जिस तरफ नाली है, वहीं बनेगी। दोनों तरफ नाली तभी बन जाएगी, जब लोग जमीन देने के लिए तैयार होंगे।
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बता दें कि मिश्रौलिया वार्ड में इन दिनों विकास कार्य चल रहा है। वार्ड की जर्जर सड़कों की इंटरलॉकिंग की जा रही है। हालांकि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। मोहल्ले के कुछ लोगों का आरोप है कि इंटरलॉकिंग के दोनों पीले ईंट लगाए जा रहे हैं। नाला और नालियों की हालत बद से बदतर है। पचपेड़िया मोड़ से वार्ड में प्रवेश करने पर एक तरफ बड़ा नाला है तो दूसरी तरफ नाली है। दोनों के पानी ओवर फ्लो होकर सड़क पर बहते रहते हैं। गंदे पानी होकर तेजी से गुजरने वाले बाइक सवारों की वजह से गंदे पानी के छिंटों से दूसरे के कपड़े खराब हो जाते हैं।
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अतिरिक्त अधिकारी प्रथम व डूडा के प्रभारी अधिकारी राजेश कुमार यादव ने बताया कि निर्माण में गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल की जांच दूसरी टीम करेगी। वह सिर्फ नाली निर्माण के मामले का समाधान कराने गए थे, मगर बात नहीं बन पाई।