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नेवादा विद्यालय पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया
बस्ती ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2017 11:26 PM IST
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विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय नेवादा पर प्रधानाध्यापिका की जगह प्राइवेट आदमी ड्यूटी करते मिला। इसकी पोल बृहस्पतिवार को तब खुली जब क्षेत्रीय विधायक सीए चन्द्र प्रकाश शुक्ला ने विद्यालय का निरीक्षण किया। व्यवस्था से दंग विधायक ने अधिकारियों को सूचना देकर बुलाया।
आनन-फानन में एसडीएम हर्रैया हरिश्चंद सिंह व बीईओ राम तिलक वर्मा के साथ पहुंचे। बाद में बीईओ की तरफ से प्रधानाध्यापिका इंद्रावती चौधरी व बृजभान चौधरी के खिलाफ तहरीर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी व जालसाजी षड़यंत्र सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। बता दें प्रधानाध्यापिका इंद्रावती चौधरी कप्तानगंज ब्लॉक के पूर्व प्रमुख राजमणि चौधरी की पत्नी हैं।
निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार चंद्रेश सिंह, समन्वयक शिव पूजन आर्य, दीप शुक्ल, राजेश निराला, विमल पांडे आदि की मौजूदगी में पाया गया कि विद्यालय पर केवल रसोइया ही मौजूूद है। जब प्रधानाध्यापक इंद्रावती के बारे में पूछा तो पता लगा कि उनके स्थान पर पढ़ाने व कार्यालय संबंधी कार्य के लिए दो हजार रुपये में प्राईवेट शिक्षक बृजभान चौधरी को रखा है। यह भी बताया कि प्रधानाध्यापिका कभी कभार ही स्कूल आती है। उनका हस्ताक्षर से लेकर मध्यान्ह भोजन के साथ कार्यालय संबंधी कागजात पूरा करता है। स्कूल रिकार्ड तैयार करने की जिम्मेेदरी भी उस पर है।
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स्कूल में तैनात सहायक अध्यापिका मिथिलेश गुप्ता को फोन करके बुलाया गया। स्कूल में पहुंचने पर मोबाइल डिस्चार्ज होने के कारण सूचना न दे पाने और बच्चे की तबियत खराब होने के कारण विद्यालय न आने की दलील पेश किया। उनसे 11.30 बजे उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कराया गया। निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर कार्रवाई न करने को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस दौरान विद्यालय में सातवीं कक्षा में सात और आठवीं में मात्र तीन बच्चे ही पंजीकृत मिले। कक्षा छह में एक भी बच्चा पंजीकृत नहीं है। एसडीएम के निर्देश पर वहां मौजूद पुलिस ने फर्जी शिक्षक बृजभान चौधरी को हिरासत में ले लिया।
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आनन-फानन में एसडीएम हर्रैया हरिश्चंद सिंह व बीईओ राम तिलक वर्मा के साथ पहुंचे। बाद में बीईओ की तरफ से प्रधानाध्यापिका इंद्रावती चौधरी व बृजभान चौधरी के खिलाफ तहरीर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी व जालसाजी षड़यंत्र सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। बता दें प्रधानाध्यापिका इंद्रावती चौधरी कप्तानगंज ब्लॉक के पूर्व प्रमुख राजमणि चौधरी की पत्नी हैं।
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निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार चंद्रेश सिंह, समन्वयक शिव पूजन आर्य, दीप शुक्ल, राजेश निराला, विमल पांडे आदि की मौजूदगी में पाया गया कि विद्यालय पर केवल रसोइया ही मौजूूद है। जब प्रधानाध्यापक इंद्रावती के बारे में पूछा तो पता लगा कि उनके स्थान पर पढ़ाने व कार्यालय संबंधी कार्य के लिए दो हजार रुपये में प्राईवेट शिक्षक बृजभान चौधरी को रखा है। यह भी बताया कि प्रधानाध्यापिका कभी कभार ही स्कूल आती है। उनका हस्ताक्षर से लेकर मध्यान्ह भोजन के साथ कार्यालय संबंधी कागजात पूरा करता है। स्कूल रिकार्ड तैयार करने की जिम्मेेदरी भी उस पर है।
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स्कूल में तैनात सहायक अध्यापिका मिथिलेश गुप्ता को फोन करके बुलाया गया। स्कूल में पहुंचने पर मोबाइल डिस्चार्ज होने के कारण सूचना न दे पाने और बच्चे की तबियत खराब होने के कारण विद्यालय न आने की दलील पेश किया। उनसे 11.30 बजे उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कराया गया। निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने पर कार्रवाई न करने को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। इस दौरान विद्यालय में सातवीं कक्षा में सात और आठवीं में मात्र तीन बच्चे ही पंजीकृत मिले। कक्षा छह में एक भी बच्चा पंजीकृत नहीं है। एसडीएम के निर्देश पर वहां मौजूद पुलिस ने फर्जी शिक्षक बृजभान चौधरी को हिरासत में ले लिया।