Basti News: दलालों ने बेच दी डूब क्षेत्र की जमीनें, फंस जाएंगे खरीदार
एक्सईएन बीडीए संदीप कुमार ने कहा कि बाढ़ या डूब क्षेत्र की जमीन का सर्वे बाढ़ खंड सिंचाई विभाग को करना है। मगर अब तक यह हो नहीं सका है। ऐसे में महायोजना लंबित है। लोग डूब क्षेत्र में जमीन खरीद व बेच रहे हैं। लोगों को जमीन खरीदते समय इसकी पड़ताल जरूर करनी चाहिए कि कहीं यह जमीन डूब क्षेत्र अथवा ग्रीन बेल्ट में तो नहीं।
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बस्ती जिले में दलालों ने महायोजना के नक्शे में डूब क्षेत्र घोषित ढोरिका, मूडघाट, संसारीपुर अमहट इलाके में बड़ी संख्या में जमीन का सौदा औने-पौने दामों में कर दिया है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में मकान भी बनकर तैयार हैं। डूब क्षेत्र घोषित होने के बावजूद सर्वे न होने के कारण बीडीए इन मकानों के निर्माण पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। बुधवार को टीम ने इस क्षेत्र की पड़ताल की तो पता चला कि यहां जिन लोगों ने जमीन खरीद रखी है उन्हें यह पता ही नहीं कि यह महायोजना के नक्श में डूब क्षेत्र घोषित किया जा चुका है।
महायोजना 2031 को लेकर पिछले एक साल से खूब मशक्कत हो रही है। शासन की ओर से अब तक तीन बार महायोजना की फाइल आपत्ति लगाकर लौटा दी गई है। अगस्त में महायोजना का प्रदर्शन शासन में जिले से किया गया। शासन ने प्रदर्शन को बेहतर बताया, मगर आपत्तियों के निस्तारण का निर्देश देकर जल्द से जल्द इसे पूरा कराने को कहा था, मगर इसे अब तक पूरा नहीं कराया जा सका है।
इधर, शहरी क्षेत्र से सटे उन इलाकों की जमीन को दलाल पूरी शिद्दत से एक से डेढ़ लाख रुपये बिस्वा में बेच रहे हैं। डूब क्षेत्र में अब तक करोड़ों की जमीन का सौदा दलाल कर जेब भर चुके हैं। यही नहीं इन क्षेत्राें में बड़ी संख्या में मकान खड़े हो गए हैं।
शहरी क्षेत्र के आसपास जमीन खरीदें तो कर ले तस्दीक
शहर के आसपास यूं तो जमीन की कीमत आसमान पर है, मगर जिन क्षेत्रों को बीडीए ने ग्रीन लैंड अथवा डूब क्षेत्र में शामिल किया है वहां जमीन बेहद सस्ती दर पर मिल रही है, मगर यह जमीन आपके लिए कारगर नहीं है। ऐसे में जमीन खरीदते समय यह जरूर तस्दीक करें कि कहीं जमीन बीडीए के ग्रीन बेल्ट अथवा डूब क्षेत्र में तो नहीं।
बीडीए के नक्शा में यह स्थान डूब क्षेत्र
बीडीए के महायोजना के नक्शे में मूडघाट, अमहट, ढोरिका, संसारीपुर, हरदिया का आंशिक क्षेत्र तथा हवेलिया के कुछ इलाके डूब क्षेत्र में हैं। यहां जमीन बेहद सस्ते दर पर बेची जा रही है।
बोले उप निबंंधक
उपनिबंधक ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि उनके यहां अभी ऐसा कोई नक्शा या सूचना नहीं है कि किस क्षेत्र में रजिस्ट्री नहीं होगी। महायोजना पर शासन की मुहर के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस इलाके के जमीन की खरीद बिक्री नहीं होगी।
बोले एक्सईएन बीडीए
अब्दुल्ला अंसारी ने कहा कि शहरी क्षेत्र में ढोरिया, मूडघाट आदि स्थानों पर जमीन सस्ती है। इसीलिए यहां खरीद लिया है। कम से कम शहर से सटे तो मकान बनाया जा सकेगा। यह डूब क्षेत्र में है। यह मेरे संज्ञान में नहीं है।
ढोरिका में मकान निर्माण करा चुके राजेश पांडेय ने कहा कि यहां जमीन सस्ती थी, जबकि शहर में आसपास पंद्रह से बीस लाख रुपये बिस्वा जमीन है। डेढ़ लाख रुपये बिस्वा जमीन खरीदा है। मकान भी बना लिए हैं। यह तो धोखा है। अब यहां जमीन सस्ते दर पर है। एकदम नदी किनारे तो जमीन 50 हजार रुपये में मिल रही है।