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Basti News: तापमान में उतार-चढ़ाव से सतर्क रहे बीपी और शुगर के रोगी
Sun, 19 Jan 2025 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sun, 19 Jan 2025 11:11 PM IST
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चाय और चीनी के धड़ल्ले से इस्तेमाल से भी बढ़े बीपी और शुगर के मरीज
जिला अस्पताल में रोज पहुंच रहे 30 से 35 बीपी और शुगर के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुबह गलन तो दिन में धूप फिर शाम से ठंडक बरकरार है। तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंड के सीजन में खानपान में हुए बदलाव ने बीपी (रक्तचाप) और मधुमेह के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। जिला अस्पताल के परामर्श चिकित्सकों के पास प्रतिदिन 30 से 35 मरीज बीपी और शुगर के पहुंच रहे हैं। घबराहट, बेचैनी और सीने में दर्द की पीड़ा लेकर पहुंचे मरीजों की जांच में बीपी और शुगर बढ़े मिल रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में उतार-चढ़ाव और खानपान के प्रति सतर्क न रहने के कारण इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चाय, मटर आदि के अधिक सेवन से भी स्वास्थ्य खराब हो रहा है।
चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ ठंड से सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। खासकर उन मरीजों को जो पहले से बीपी और शुगर से पीड़ित हैं। क्योंकि गलन भरी ठंड में तापमान के उतार-चढ़ाव से शरीर के तापमान का संतुलन बिगड़ रहा है। यह बीपी और शुगर के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। जिला अस्पताल में रोज परामर्श चिकित्सकों के 125 से 150 मरीजों की ओपीडी में 30 से 35 मरीज बीपी और शुगर के पहुंच रहे हैं।
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बचाव के उपाय
ठंड से बचे, खानपान संतुलित रखें, नमक का सेवन कम करें। नशे के सेवन से परहेज करें, भारी काम से बचें, नियमित योग व प्रणायाम करें। पर्याप्त नींद लें, हल्का व्यायाम करें, सैर पर जाना हो तो सुबह देर से निकलें।
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कोट
एक माह में 10 से अधिक मरीजों को रेफर किया गया है। जबकि 80 फीसदी मरीज दवाओं से सही हो रहे हैं। स्वास्थ्य और खानपान के प्रति सतर्क रहकर रोगों से बचा जा सकता है।
- डा. अंकित चतुर्वेदी, परामर्श चिकित्सक, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में रोज पहुंच रहे 30 से 35 बीपी और शुगर के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। सुबह गलन तो दिन में धूप फिर शाम से ठंडक बरकरार है। तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंड के सीजन में खानपान में हुए बदलाव ने बीपी (रक्तचाप) और मधुमेह के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। जिला अस्पताल के परामर्श चिकित्सकों के पास प्रतिदिन 30 से 35 मरीज बीपी और शुगर के पहुंच रहे हैं। घबराहट, बेचैनी और सीने में दर्द की पीड़ा लेकर पहुंचे मरीजों की जांच में बीपी और शुगर बढ़े मिल रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मौसम में उतार-चढ़ाव और खानपान के प्रति सतर्क न रहने के कारण इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ी है। चाय, मटर आदि के अधिक सेवन से भी स्वास्थ्य खराब हो रहा है।
चिकित्सक मरीजों को दवा देने के साथ ठंड से सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। खासकर उन मरीजों को जो पहले से बीपी और शुगर से पीड़ित हैं। क्योंकि गलन भरी ठंड में तापमान के उतार-चढ़ाव से शरीर के तापमान का संतुलन बिगड़ रहा है। यह बीपी और शुगर के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। जिला अस्पताल में रोज परामर्श चिकित्सकों के 125 से 150 मरीजों की ओपीडी में 30 से 35 मरीज बीपी और शुगर के पहुंच रहे हैं।
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बचाव के उपाय
ठंड से बचे, खानपान संतुलित रखें, नमक का सेवन कम करें। नशे के सेवन से परहेज करें, भारी काम से बचें, नियमित योग व प्रणायाम करें। पर्याप्त नींद लें, हल्का व्यायाम करें, सैर पर जाना हो तो सुबह देर से निकलें।
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कोट
एक माह में 10 से अधिक मरीजों को रेफर किया गया है। जबकि 80 फीसदी मरीज दवाओं से सही हो रहे हैं। स्वास्थ्य और खानपान के प्रति सतर्क रहकर रोगों से बचा जा सकता है।
- डा. अंकित चतुर्वेदी, परामर्श चिकित्सक, जिला अस्पताल